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कर्मचारियों ने दफ्तरों में ठोके ताले, भटके फरियादी
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Thu, 11 Aug 2016 11:50 PM IST
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हड़ताल
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राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रांतीय आह्वान पर शुरू हुई तीन दिवसीय हड़ताल का दायरा दूसरे दिन और बढ़ गया। राजीव भवन सहित कई कार्यालयों में कर्मचारियों ने तालेबंदी की। राजीव भवन के मुख्य द्वार पर धरना देते हुए राज्य कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इधर संबंधित दफ्तरों में कार्य कराने आए लोग भटकते रहे।
हड़ताल के दूसरे दिन राजीव भवन में कर्मचारियों की मौजूदगी बहुत कम रही। मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण के कर्मचारियों ने भी गुरुवार को धरना शुरू कर दिया। एआरटीओ कार्यालय पर भी तालेबंदी के साथ कर्मचारी धरना दे रहे हैं। रजिस्ट्री कार्यालय और कोषागार पर भी गुरुवार को बंदी कराई गई। तहसील सदर का कामकाज भी कर्मचारियों की हड़ताल से प्रभावित रहा। इस स्थिति में संबंधित कार्यालयों में वादकारी परेशान घूमते नजर आए।
कर्मचारियों ने गुरुवार को राजीव भवन के गेट पर ताले डाल दिए। धरने पर बैठे कर्मचारियों ने राज्य सरकार पर एक बार फिर वादा खिलाफी का आरोप लगाया। वक्ताओं ने कहा कि राज्य सरकार कर्मचारियों की मांगों को लंबे समय से नजरंदाज करती आ रही है।
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उनकी केंद्र के समान वेतनमान की मांग, फील्ड कर्मियों के लिए मोटरसाइकिल भत्ता देने, पुरानी पेंशन व्यवस्था को बहाल करने सहित विभिन्न मांगों पर अमल नहीं किया जा रहा है। गुरुवार को धरना-प्रदर्शन में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां भी शामिल हुईं। छेदालाल, प्रमोद कटारा, श्रवण कुमार, जीपी सारस्वत, एसपी गौतम, करतार सिंह, कमलेश, शशि, आशा, प्रेमसिंह चौधरी, चंद्रपाल सिंह आदि मौजूद रहे। धरने की अध्यक्षता बनोसिंह ने की और संचालन हीरालाल ने किया।
कलक्ट्रेट में कम रहा प्रभाव
राज्य कर्मचारियों की हड़ताल का कलक्ट्रेट में प्रभाव कम नजर आया। हालांकि यहां भी कर्मचारियों की उपस्थिति पूर्व के समान नहीं थी लेकिन हड़ताल का असर अन्य कार्यालयों के मुकाबले काफी कम रहा। बताया गया कि इसी कारण आम लोगों को भी उतनी परेशानी नहीं हुई।
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हड़ताल के दूसरे दिन राजीव भवन में कर्मचारियों की मौजूदगी बहुत कम रही। मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण के कर्मचारियों ने भी गुरुवार को धरना शुरू कर दिया। एआरटीओ कार्यालय पर भी तालेबंदी के साथ कर्मचारी धरना दे रहे हैं। रजिस्ट्री कार्यालय और कोषागार पर भी गुरुवार को बंदी कराई गई। तहसील सदर का कामकाज भी कर्मचारियों की हड़ताल से प्रभावित रहा। इस स्थिति में संबंधित कार्यालयों में वादकारी परेशान घूमते नजर आए।
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कर्मचारियों ने गुरुवार को राजीव भवन के गेट पर ताले डाल दिए। धरने पर बैठे कर्मचारियों ने राज्य सरकार पर एक बार फिर वादा खिलाफी का आरोप लगाया। वक्ताओं ने कहा कि राज्य सरकार कर्मचारियों की मांगों को लंबे समय से नजरंदाज करती आ रही है।
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उनकी केंद्र के समान वेतनमान की मांग, फील्ड कर्मियों के लिए मोटरसाइकिल भत्ता देने, पुरानी पेंशन व्यवस्था को बहाल करने सहित विभिन्न मांगों पर अमल नहीं किया जा रहा है। गुरुवार को धरना-प्रदर्शन में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां भी शामिल हुईं। छेदालाल, प्रमोद कटारा, श्रवण कुमार, जीपी सारस्वत, एसपी गौतम, करतार सिंह, कमलेश, शशि, आशा, प्रेमसिंह चौधरी, चंद्रपाल सिंह आदि मौजूद रहे। धरने की अध्यक्षता बनोसिंह ने की और संचालन हीरालाल ने किया।
कलक्ट्रेट में कम रहा प्रभाव
राज्य कर्मचारियों की हड़ताल का कलक्ट्रेट में प्रभाव कम नजर आया। हालांकि यहां भी कर्मचारियों की उपस्थिति पूर्व के समान नहीं थी लेकिन हड़ताल का असर अन्य कार्यालयों के मुकाबले काफी कम रहा। बताया गया कि इसी कारण आम लोगों को भी उतनी परेशानी नहीं हुई।