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सभा, संकीर्तन, जनसंपर्क से कर रहे जागरूक
अमर उजाला वृंदावन
Updated Sat, 29 Oct 2016 11:09 PM IST
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यमुना सत्याग्रह की लड़ाई
- फोटो : अमर उजाला वृंदावन
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यमुना मुक्तिकरण अभियान के लिए एक बार फिर से ब्रजवासियों ने हुंकार भरी है। ब्रज के विरक्त संत रमेश बाबा के सानिध्य में प्रारंभ हुए यमुना मुक्तिकरण अभियान की सफलता के लिए यमुना भक्तों ने रणनीति बनाना शुरू कर दिया है।
शनिवार को पिछले बार के यमुना आंदोलन में ब्रज के साधू संत समाज, भागवताचार्य, धर्माचार्य के साथ ब्रजवासियों की भूमिका को याद करते हुए आगामी आंदोलन की रणनीति बनाई गई। इसमें 2015 के यमुना मुक्तिकरण आंदोलन की कमियों और सरकार की वादाखिलाफी से निबटने के लिए व्यापक कार्ययोजना भी तैयार हो रही है। 17 दिसंबर से शुरू होने यमुना सत्याग्रह की लड़ाई में मान मंदिर बरसाना की 40 दिवसीय ब्रज चौरासी कोस यात्रा में शामिल लगभग 15000 यात्री भी सहभागिता करेंगे।
संत रमेश बाबा के निर्देशन में चल रही राधा रानी ब्रज 84 कोस ब्रज यात्रा के माध्यम से गांव-गांव में यमुना सत्याग्रह के लिए सघन प्रचार किया जा रहा है। सभा, संकीर्तन और सघन जनसंपर्क कर लोगों को अभियान के लिए कार्यकर्ता जागरूक कर रहे हैं। शनिवार को बेलवन, चीर घाट, केसी घाट आदि क्षेत्र में जन जागरण व प्रचार किया गया। पंकज बाबा के नेतृत्व में मलूक पीठाधीश्वर राजेंद्र दास महाराज और कथा वाचक संत विजय कौशल महाराज से भेंट कर आगामी आंदोलन को लेकर चर्चा की गई।
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मलूक पीठाधीश्वर राजेंद्रदास महाराज ने कहा कि यमुना का आध्यात्मिक स्वरूप तो सर्वथा चैतन्य और परम पवित्र है लेकिन भौतिक स्वरूप के साथ खिलवाड़ नहीं सही जाएगी। यमुना की स्वच्छता और निर्मलता ही इस आंदोलन का उद्देश्य है। सभी कृष्ण भक्त, वैष्णवजन और साधु-संत हर प्रकार से संत रमेश बाबा महाराज के साथ आंदोलन के लिए तैयार है। इस अवसर पर अभियान के संयोजक राधाकांत शास्त्री, राष्ट्रीय सलाहकार गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी, समन्वयक राधा प्रिय, प्रदेश महासचिव पंकज चतुर्वेदी आदि उपस्थित थे।
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शनिवार को पिछले बार के यमुना आंदोलन में ब्रज के साधू संत समाज, भागवताचार्य, धर्माचार्य के साथ ब्रजवासियों की भूमिका को याद करते हुए आगामी आंदोलन की रणनीति बनाई गई। इसमें 2015 के यमुना मुक्तिकरण आंदोलन की कमियों और सरकार की वादाखिलाफी से निबटने के लिए व्यापक कार्ययोजना भी तैयार हो रही है। 17 दिसंबर से शुरू होने यमुना सत्याग्रह की लड़ाई में मान मंदिर बरसाना की 40 दिवसीय ब्रज चौरासी कोस यात्रा में शामिल लगभग 15000 यात्री भी सहभागिता करेंगे।
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संत रमेश बाबा के निर्देशन में चल रही राधा रानी ब्रज 84 कोस ब्रज यात्रा के माध्यम से गांव-गांव में यमुना सत्याग्रह के लिए सघन प्रचार किया जा रहा है। सभा, संकीर्तन और सघन जनसंपर्क कर लोगों को अभियान के लिए कार्यकर्ता जागरूक कर रहे हैं। शनिवार को बेलवन, चीर घाट, केसी घाट आदि क्षेत्र में जन जागरण व प्रचार किया गया। पंकज बाबा के नेतृत्व में मलूक पीठाधीश्वर राजेंद्र दास महाराज और कथा वाचक संत विजय कौशल महाराज से भेंट कर आगामी आंदोलन को लेकर चर्चा की गई।
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मलूक पीठाधीश्वर राजेंद्रदास महाराज ने कहा कि यमुना का आध्यात्मिक स्वरूप तो सर्वथा चैतन्य और परम पवित्र है लेकिन भौतिक स्वरूप के साथ खिलवाड़ नहीं सही जाएगी। यमुना की स्वच्छता और निर्मलता ही इस आंदोलन का उद्देश्य है। सभी कृष्ण भक्त, वैष्णवजन और साधु-संत हर प्रकार से संत रमेश बाबा महाराज के साथ आंदोलन के लिए तैयार है। इस अवसर पर अभियान के संयोजक राधाकांत शास्त्री, राष्ट्रीय सलाहकार गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी, समन्वयक राधा प्रिय, प्रदेश महासचिव पंकज चतुर्वेदी आदि उपस्थित थे।