{"_id":"67b631c3e9581486aa09a30f","slug":"acupuncture-training-for-the-treatment-of-a-disabled-elephant-child-mathura-news-c-369-1-mt11007-125447-2025-02-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mathura News: दिव्यांग हथिनी के बच्चे के इलाज के लिए हुआ एक्यूपंक्चर प्रशिक्षण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mathura News: दिव्यांग हथिनी के बच्चे के इलाज के लिए हुआ एक्यूपंक्चर प्रशिक्षण
विज्ञापन
मथुरा के हाथी चिकित्सालय में आयोजित प्रशिक्षण में जानकारी देते विशेषज्ञ।
- फोटो : mathura
मथुरा। एक दुखद ट्रेन दुर्घटना में हथिनी के बच्चे बानी के दिव्यांग और अनाथ हो जाने के बाद वाइल्डलाइफ एसओएस ने मथुरा के हाथी चिकित्सालय कैंपस में उसकी रिकवरी के लिए खास कदम उठाया। पशु चिकित्सकों के लिए एक अंतरराष्ट्रीय एक्यूपंक्चर प्रशिक्षण का आयोजन किया, जिसमें बानी के उपचार को आगे बढ़ाने और भविष्य में देखभाल क्षमताओं को बढ़ाने के लिए प्रमुख विदेशी पशु चिकित्सा विशेषज्ञों को लाया गया।
ट्रेन दुर्घटना के बाद से बानी को हाथी अस्पताल में विशेष चिकित्सा देखभाल मिल रही है। इसमें लेजर थेरेपी, हाइड्रोथेरेपी, एक्यूप्रेशर और इलेक्ट्रो-एक्यूपंक्चर शामिल है, जो भारत में हाथी के बछड़े पर एक्यूपंक्चर किए जाने का पहला उदाहरण है। तीन दिवसीय कार्यक्रम में मौखिक सत्र, व्यावहारिक प्रदर्शन और इंटरैक्टिव चर्चाएं शामिल थीं, जिसमें विशेषज्ञ ने बानी की स्थिति के मद्देनजर मार्गदर्शन प्रदान किया।
वाइल्डलाइफ एसओएस के उप निदेशक डॉ. इलियाराजा ने कहा कि इलेक्ट्रो-एक्यूपंक्चर सत्रों ने बानी की स्थिति में सुधार के आशाजनक संकेत दिखाए हैं। हालांकि उसकी रिकवरी धीमी है, लेकिन यह सत्र मांसपेशियों की ताकत में सुधार करने में मदद करते हैं। सीईओ कार्तिक सत्यनारायण ने बताया कि यह सत्र भारत में घायल और दिव्यांग जानवरों की देखभाल के लिए पशु चिकित्सा विशेषज्ञता के निर्माण के हमारे दीर्घकालिक दृष्टिकोण को दर्शाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
ट्रेन दुर्घटना के बाद से बानी को हाथी अस्पताल में विशेष चिकित्सा देखभाल मिल रही है। इसमें लेजर थेरेपी, हाइड्रोथेरेपी, एक्यूप्रेशर और इलेक्ट्रो-एक्यूपंक्चर शामिल है, जो भारत में हाथी के बछड़े पर एक्यूपंक्चर किए जाने का पहला उदाहरण है। तीन दिवसीय कार्यक्रम में मौखिक सत्र, व्यावहारिक प्रदर्शन और इंटरैक्टिव चर्चाएं शामिल थीं, जिसमें विशेषज्ञ ने बानी की स्थिति के मद्देनजर मार्गदर्शन प्रदान किया।
विज्ञापन
वाइल्डलाइफ एसओएस के उप निदेशक डॉ. इलियाराजा ने कहा कि इलेक्ट्रो-एक्यूपंक्चर सत्रों ने बानी की स्थिति में सुधार के आशाजनक संकेत दिखाए हैं। हालांकि उसकी रिकवरी धीमी है, लेकिन यह सत्र मांसपेशियों की ताकत में सुधार करने में मदद करते हैं। सीईओ कार्तिक सत्यनारायण ने बताया कि यह सत्र भारत में घायल और दिव्यांग जानवरों की देखभाल के लिए पशु चिकित्सा विशेषज्ञता के निर्माण के हमारे दीर्घकालिक दृष्टिकोण को दर्शाता है।
विज्ञापन