{"_id":"5ddc197e8ebc3e55003c21ec","slug":"accidental-death-mathura-news-agr417021915","type":"story","status":"publish","title_hn":"पानी के टैंक में गिरकर बालिका की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पानी के टैंक में गिरकर बालिका की मौत
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोसीकलां(मथुरा)। गांव बठैन कलां में बिहारी जी मंदिर के सामने बने पानी के टैंक में गिरकर चार साल की मासूम की मौत हो गई। घटना के दौरान बच्ची दूसरे बच्चों के साथ खेल रही थी। बच्ची की मौत के बाद घर में कोहराम मच गया है। वहीं परिजनों ने बिना पुलिस कार्रवाई के ही बच्ची का अंतिम संस्कार कर दिया।
गांव बठैन खुर्द में सोमवार को दोपहर में गांव में बने बिहारी जी मंदिर के समीप पानी के टैंक के पास बच्चे खेल रहे थे। तभी चंदन की चार वर्षीय पुत्री संध्या भी वहां पहुंच गई और बच्चों के साथ खेलने लगी। खेलते हुए बच्चे टैंक के करीब पहुंच गए और अचानक संध्या का पैर फिसल गया और टैंक में जा गिरी। संध्या के टैंक में गिरते ही बच्चे परिजनों को सूचना देने के लिए परिजनों के पास भागे।
लेकिन जब तक इस घटना की खबर परिजनों को दी। परिजनों ने ग्रामीणों की मदद से बालिका के शव को टैंक से निकाला तो उसने टैंक में दम तोड़ दिया। ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। संध्या भाई-बहनों में सबसे बड़ी थी उससे छोटे दो भाई हैं। वहीं संध्या के पिता मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण करते हैं। इंस्पेक्टर दुर्गेश कुमार ने बताया कि परिजनों ने बिना किसी कार्रवाई के ही अंतिम संस्कार कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
गांव बठैन खुर्द में सोमवार को दोपहर में गांव में बने बिहारी जी मंदिर के समीप पानी के टैंक के पास बच्चे खेल रहे थे। तभी चंदन की चार वर्षीय पुत्री संध्या भी वहां पहुंच गई और बच्चों के साथ खेलने लगी। खेलते हुए बच्चे टैंक के करीब पहुंच गए और अचानक संध्या का पैर फिसल गया और टैंक में जा गिरी। संध्या के टैंक में गिरते ही बच्चे परिजनों को सूचना देने के लिए परिजनों के पास भागे।
विज्ञापन
लेकिन जब तक इस घटना की खबर परिजनों को दी। परिजनों ने ग्रामीणों की मदद से बालिका के शव को टैंक से निकाला तो उसने टैंक में दम तोड़ दिया। ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। संध्या भाई-बहनों में सबसे बड़ी थी उससे छोटे दो भाई हैं। वहीं संध्या के पिता मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण करते हैं। इंस्पेक्टर दुर्गेश कुमार ने बताया कि परिजनों ने बिना किसी कार्रवाई के ही अंतिम संस्कार कर दिया।
विज्ञापन