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यमुना के लिए आज पदयात्रा करेंगे ब्रजवासी
Mathura
Updated Tue, 15 Oct 2013 05:37 AM IST
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मथुरा। यमुना बचाओ आंदोलन का नेतृत्व संभाले संत जयकृष्ण दास और भाकियू (भानु गुट) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भानुप्रताप सिंह के नेतृत्व में ब्रजवासी आज सुबह आठ बजे से पदयात्रा शुरू करेंगे। पदयात्रा का श्रीगणेश वृंदावन के केशीघाट से होगा। पदयात्रा को लेकर जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी देर रात तक यात्रा के स्वरूप को लेकर संत जयकृष्ण दास से संपर्क करते रहे। अधिकारी भीड़ को लेकर भी चिंतित रहे।
भगवान श्रीकृष्ण की पटरानी यमुना को प्रदूषण से बचाने के लिए देश की राजधानी दिल्ली तक पदयात्रा का आंदोलन छेड़ने वाले संत जयकृष्ण दास एक बार फिर जिला प्रशासन को आगाह करने जा रहे हैं। उन्होंने साफ कह दिया है कि अब तक न तो दिल्ली की सरकार ने और न उत्तर प्रदेश की सरकार ने वादे के मुताबिक यमुना किनारे नाले के निर्माण के लिए कोई ठोस पहल की है। यमुना में अब भी निरंतर प्रदूषण बह रहा है। यमुना की स्थिति बदतर हो रही है।
इस स्थिति में यमुना प्रदूषण को लेकर गहरी नींद में सो रही सरकारों को जगाने के लिए एक बार फिर सड़कों पर उतरना पड़ रहा है। इसके लिए फिलहाल जिला प्रशासन के माध्यम से यूपी सरकार को जगाने का काम किया जाएगा। इसके लिए मंगलवार को प्रात: आठ बजे वृंदावन के केशीघाट से पदयात्रा शुरू होगी। संत जयकृष्ण दास ने बताया कि इससे पूर्व यहां यमुना जी का हवन-पूजन होगा।
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गोविंद मठ पर होगी सभा
प्रात: आठ बजे केशीघाट से पदयात्रा शुरू होकर 9:30 बजे गोविंद मठ पहुंचेगी। यहां अल्प विश्राम के दौरान सभा होगी। तदोपरांत पूर्वाह्न 11 बजे पदयात्रा मथुरा के लिए प्रस्थान कर जाएगी। दोपहर दो बजे मथुरा की सीमा में प्रवेश करते हुए मसानी चौक, डींगगेट, भरतपुरगेट, होलीगेट, क्वालिटी तिराहा, टैंक चौराहा होते ही कलक्ट्रेट स्थित डीएम कार्यालय पहुंचेगी। इसमें मथुरा-वृंदावन के साथ जनपद भर से किसान भी शामिल होंगे।
जरूरी हो गई है पदयात्रा : संत जयकृष्णदास
संत जयकृष्णदास ने कहा कि पदयात्रा आवश्यक हो गई है। सरकारी सिस्टम बगैर आंदोलन के काम करने को तैयार ही नहीं है। जब उत्तर प्रदेश की सरकार धार्मिक नगरी मथुरा में ही यमुना की दुर्दशा को खत्म करने की पहल नहीं करेगी तो हरियाणा और दिल्ली की राज्य सरकारों पर इसके लिए दबाव कैसे बनाया जा सकता है। पदयात्री पूरी तरह से तैयार हैं। मंगलवार को पदयात्रा निकाली जाएगी। यह यमुना मैया के अस्तित्व का सवाल है। इससे पदयात्री डिगेंगे नहीं।
पदयात्रा में शामिल होंगे किसान: भानु प्रताप
भारतीय किसान यूनियन (भानु गुट) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भानुप्रताप सिंह ने ऐलान किया है कि यमुना के लिए वृंदावन से मथुरा कलक्ट्रेट तक की पदयात्रा में बड़ी संख्या में किसान शामिल होंगे। इसका संदेश आसपास के जनपदों में पहले ही किसानों तक पहुंचाया जा चुका है। भानु प्रताप सिंह ने ‘अमर उजाला’ को फोन पर बताया कि किसान का अस्तित्व यमुना के अस्तित्व से जुड़ गया है। जैसे यमुना बगैर ब्रज का अस्तित्व अधूरा है, वही स्थिति किसान की है। उन्होंने कहा कि यमुना को बचाने के लिए आंदोलन का नेतृत्व कर रहे संत जयकृष्ण दास के संदेश पर एक बार फिर ब्रज भूमि की सड़कों पर किसान नजर आएगा। भानु प्रताप सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार को यमुना के बचाने के लिए सार्थक पहल करनी चाहिए। जब नदियां ही खत्म हो जाएगी तो बचेगा क्या।
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भगवान श्रीकृष्ण की पटरानी यमुना को प्रदूषण से बचाने के लिए देश की राजधानी दिल्ली तक पदयात्रा का आंदोलन छेड़ने वाले संत जयकृष्ण दास एक बार फिर जिला प्रशासन को आगाह करने जा रहे हैं। उन्होंने साफ कह दिया है कि अब तक न तो दिल्ली की सरकार ने और न उत्तर प्रदेश की सरकार ने वादे के मुताबिक यमुना किनारे नाले के निर्माण के लिए कोई ठोस पहल की है। यमुना में अब भी निरंतर प्रदूषण बह रहा है। यमुना की स्थिति बदतर हो रही है।
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इस स्थिति में यमुना प्रदूषण को लेकर गहरी नींद में सो रही सरकारों को जगाने के लिए एक बार फिर सड़कों पर उतरना पड़ रहा है। इसके लिए फिलहाल जिला प्रशासन के माध्यम से यूपी सरकार को जगाने का काम किया जाएगा। इसके लिए मंगलवार को प्रात: आठ बजे वृंदावन के केशीघाट से पदयात्रा शुरू होगी। संत जयकृष्ण दास ने बताया कि इससे पूर्व यहां यमुना जी का हवन-पूजन होगा।
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गोविंद मठ पर होगी सभा
प्रात: आठ बजे केशीघाट से पदयात्रा शुरू होकर 9:30 बजे गोविंद मठ पहुंचेगी। यहां अल्प विश्राम के दौरान सभा होगी। तदोपरांत पूर्वाह्न 11 बजे पदयात्रा मथुरा के लिए प्रस्थान कर जाएगी। दोपहर दो बजे मथुरा की सीमा में प्रवेश करते हुए मसानी चौक, डींगगेट, भरतपुरगेट, होलीगेट, क्वालिटी तिराहा, टैंक चौराहा होते ही कलक्ट्रेट स्थित डीएम कार्यालय पहुंचेगी। इसमें मथुरा-वृंदावन के साथ जनपद भर से किसान भी शामिल होंगे।
जरूरी हो गई है पदयात्रा : संत जयकृष्णदास
संत जयकृष्णदास ने कहा कि पदयात्रा आवश्यक हो गई है। सरकारी सिस्टम बगैर आंदोलन के काम करने को तैयार ही नहीं है। जब उत्तर प्रदेश की सरकार धार्मिक नगरी मथुरा में ही यमुना की दुर्दशा को खत्म करने की पहल नहीं करेगी तो हरियाणा और दिल्ली की राज्य सरकारों पर इसके लिए दबाव कैसे बनाया जा सकता है। पदयात्री पूरी तरह से तैयार हैं। मंगलवार को पदयात्रा निकाली जाएगी। यह यमुना मैया के अस्तित्व का सवाल है। इससे पदयात्री डिगेंगे नहीं।
पदयात्रा में शामिल होंगे किसान: भानु प्रताप
भारतीय किसान यूनियन (भानु गुट) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भानुप्रताप सिंह ने ऐलान किया है कि यमुना के लिए वृंदावन से मथुरा कलक्ट्रेट तक की पदयात्रा में बड़ी संख्या में किसान शामिल होंगे। इसका संदेश आसपास के जनपदों में पहले ही किसानों तक पहुंचाया जा चुका है। भानु प्रताप सिंह ने ‘अमर उजाला’ को फोन पर बताया कि किसान का अस्तित्व यमुना के अस्तित्व से जुड़ गया है। जैसे यमुना बगैर ब्रज का अस्तित्व अधूरा है, वही स्थिति किसान की है। उन्होंने कहा कि यमुना को बचाने के लिए आंदोलन का नेतृत्व कर रहे संत जयकृष्ण दास के संदेश पर एक बार फिर ब्रज भूमि की सड़कों पर किसान नजर आएगा। भानु प्रताप सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार को यमुना के बचाने के लिए सार्थक पहल करनी चाहिए। जब नदियां ही खत्म हो जाएगी तो बचेगा क्या।