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सिरथला में रहस्यमय बुखार का प्रकोप
Mathura
Updated Tue, 20 Nov 2012 12:00 PM IST
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कोसीकलां। गांव सिरथला में पिछले दो माह से ग्रामीणों को रहस्मय बुखार ने घेर रखा है। हर घर में बुखार के मरीज हैं। इनमें से एक को डेंगू होने की आशंका भी जताई जा रही है। सोमवार को गांव में जांच करने गई स्वास्थ्य विभाग की टीम से ग्रामीणों की नोकझोंक भी हुई। टीम ने गांव में 62 ग्रामीणों के रक्त जांच के लिए पट्टिकाएं बनाईं। ग्राम प्रधान का आरोप है कि टीम महज खाना पूर्ति कर चली गई जबकि गई ग्रामीण इलाज से वंचित रह गए।
गांव में पिछले दो माह से एक भी घर ऐसा नहीं बचा जहां बुखार से पीड़ित मरीज न हो। ग्रामीण को दवा लेने के बाद भी बुखार उतरने का नाम नहीं ले रहा है। तीन दिन पूर्व गांव में दो सगे भाई कुंवर (20) एवं निरोत्तम (24) को बुखार आने के बाद गंभीर हालत में एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया है। गांव के गंगाराम ने बताया कि रिपोर्ट में कुंवर की प्लेटलेट्स मात्र 12 हजार मिले हैं। चिकित्सकों ने डेंगू के लक्षण बताया।
सोमवार को गांव में जिला मलेरिया अधिकारी आरके सिंह, डा. मोहित शर्मा, डा. अशोक पुरोहित, डा. अनिल वर्मा आदि टीम के साथ पहुंचे। टीम ने मरीजों को दवा वितरित कर रक्त पट्टिकाएं बनाईं। प्रधान नारायण का आरोप है कि टीम के सदस्य केवल खानापूर्ति करके चले गए। काफी संख्या में ग्रामीण रक्त परीक्षण नहीं करा सके। इसे लेकर टीम के सदस्यों से ग्रामीणों की कहा सुनी एवं नोंक झोक भी हुई।
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टीम ने गांव में पहुंचकर 62 मरीजों का परीक्षण कर 51 ग्रामीणों की रक्त पट्टिाकाएं बनाईं। डेंगू के दोनों मरीजों की रिपोर्ट मंगाकर जांच कराई जा रही है। टीम ने निजी अस्पताल में मरीजों के हालचाल जाना। ग्रामीणों को कोई गंभीर बीमारी नही है।
- बीएस यादव, सीएमओ, मथुरा
मरीजों की रक्त पट्टिकाओं की जांच कराई जा रही है। मंगलवार को जांच रिपोर्ट आ जाएगी। प्रारंभिक तौर पर मलेरिया की संभावना व्यक्त की जा रही है।
- आरके सिंह, जिला मलेरिया अधिकारी
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गांव में पिछले दो माह से एक भी घर ऐसा नहीं बचा जहां बुखार से पीड़ित मरीज न हो। ग्रामीण को दवा लेने के बाद भी बुखार उतरने का नाम नहीं ले रहा है। तीन दिन पूर्व गांव में दो सगे भाई कुंवर (20) एवं निरोत्तम (24) को बुखार आने के बाद गंभीर हालत में एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया है। गांव के गंगाराम ने बताया कि रिपोर्ट में कुंवर की प्लेटलेट्स मात्र 12 हजार मिले हैं। चिकित्सकों ने डेंगू के लक्षण बताया।
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सोमवार को गांव में जिला मलेरिया अधिकारी आरके सिंह, डा. मोहित शर्मा, डा. अशोक पुरोहित, डा. अनिल वर्मा आदि टीम के साथ पहुंचे। टीम ने मरीजों को दवा वितरित कर रक्त पट्टिकाएं बनाईं। प्रधान नारायण का आरोप है कि टीम के सदस्य केवल खानापूर्ति करके चले गए। काफी संख्या में ग्रामीण रक्त परीक्षण नहीं करा सके। इसे लेकर टीम के सदस्यों से ग्रामीणों की कहा सुनी एवं नोंक झोक भी हुई।
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टीम ने गांव में पहुंचकर 62 मरीजों का परीक्षण कर 51 ग्रामीणों की रक्त पट्टिाकाएं बनाईं। डेंगू के दोनों मरीजों की रिपोर्ट मंगाकर जांच कराई जा रही है। टीम ने निजी अस्पताल में मरीजों के हालचाल जाना। ग्रामीणों को कोई गंभीर बीमारी नही है।
- बीएस यादव, सीएमओ, मथुरा
मरीजों की रक्त पट्टिकाओं की जांच कराई जा रही है। मंगलवार को जांच रिपोर्ट आ जाएगी। प्रारंभिक तौर पर मलेरिया की संभावना व्यक्त की जा रही है।
- आरके सिंह, जिला मलेरिया अधिकारी