{"_id":"2-46477","slug":"Mathura-46477-2","type":"story","status":"publish","title_hn":"किरारई कांड: अब तक दर्ज नहीं कराई एफआईआर ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किरारई कांड: अब तक दर्ज नहीं कराई एफआईआर
Mathura
Updated Sat, 13 Oct 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फरह/मथुरा। गांव किरारई में तीन मंजिला सत्संग भवन की इमारत के ढह जाने के बाद राज मिस्त्री की मौत के मामले में कोई एफआईआर नहीं दर्ज कराई गई है। परिजनों ने थाने में मामला दर्ज नहीं कराया है। उधर मलबे की सफाई लगातार जारी है। एसडीएम सदर के शुक्रवार को लखनऊ चले जाने के कारण मामले की जांच शुरू नहीं हो सकी।
गांव किरारई में बुधवार की रात सत्संग भवन की चौथी मंजिल के निर्माण के दौरान अधिक सामान रखने से तीसरी मंजिल गिर गई थी। इसके कारण दूसरी मंजिल पर सो रहे राज मिस्त्री बाबू सिंह की मलबे में दबकर मौत हो गई थी। 20 घंटे बाद राज मिस्त्री का शव निकाला गया था। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के बाद बिजनौर से आए परिजनों को सौंप दिया था। एसओ फरह का कहना है कि इस मामले में किसी ने कोई तहरीर नहीं दी है।
मामले की जांच कराई जाएगी : एसडीएम
गुरुवार को मौके पर पहुंचे एसडीएम सदर हवलदार सिंह यादव ने कहा था कि इस मामले की जांच कराई जाएगी कि बिना किसी नक्शे के इतनी ऊंची इमारत का निर्माण कैसे किया जा रहा था। एसडीएम सदर ने फोन पर बताया कि उनके शुक्रवार को लखनऊ चले जाने के कारण इस मामले में अग्रिम कार्रवाई नहीं हो सकी थी। उन्होंने कहा कि लौटने के बाद मामले को देखेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
गांव किरारई में बुधवार की रात सत्संग भवन की चौथी मंजिल के निर्माण के दौरान अधिक सामान रखने से तीसरी मंजिल गिर गई थी। इसके कारण दूसरी मंजिल पर सो रहे राज मिस्त्री बाबू सिंह की मलबे में दबकर मौत हो गई थी। 20 घंटे बाद राज मिस्त्री का शव निकाला गया था। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के बाद बिजनौर से आए परिजनों को सौंप दिया था। एसओ फरह का कहना है कि इस मामले में किसी ने कोई तहरीर नहीं दी है।
विज्ञापन
मामले की जांच कराई जाएगी : एसडीएम
गुरुवार को मौके पर पहुंचे एसडीएम सदर हवलदार सिंह यादव ने कहा था कि इस मामले की जांच कराई जाएगी कि बिना किसी नक्शे के इतनी ऊंची इमारत का निर्माण कैसे किया जा रहा था। एसडीएम सदर ने फोन पर बताया कि उनके शुक्रवार को लखनऊ चले जाने के कारण इस मामले में अग्रिम कार्रवाई नहीं हो सकी थी। उन्होंने कहा कि लौटने के बाद मामले को देखेंगे।
विज्ञापन