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जीएलए ने हमेशा नया करने की प्रेरणा दी: प्रो.बंधोपाध्याय
Mathura
Updated Sun, 30 Sep 2012 12:00 PM IST
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मथुरा। जीएलए ने छात्र व शिक्षकों को हमेशा कुछ नया करने और लगातार सीखने की प्रेरणा दी है। विवि के प्रथम बैच के उपाधि प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं के साथ शिक्षक भी बधाई के पात्र है। उक्त विचार इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डीके बंधोपाध्याय ने जीएलए विश्वविद्यालय के प्रथम दीक्षांत समारोह को बतौर मुख्य अतिथि व्यक्त किए।
उन्होंने छात्रों का सफलता के चार मंत्र कल्पना करने की शक्ति, अस्पष्टता का प्रबंधन करने की शक्ति, सहजीवी संश्लेषण करने की शक्ति एवं आत्म नवीकरण शक्ति का बोध कराया। उन्होंने क हा कि विजन का अर्थ है कि हम क्षमताओं के बल पर आने वाले समय में क्या होंगे, यह देख सकें।
इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि के साथ कुलाधिपति नारायन दास अग्रवाल, कुलपति प्रो. जयप्रकाश द्वारा मां सरस्वती व स्वर्गीय गणेशी लाल अग्रवाल के छायाचित्र पर माल्यार्पण कर किया गया। समारोह में एमबीए पाठ्यक्रम के 54 एवं एमटेक के 11 छात्रों को उपाधि देकर शपथ ग्रहण कराई गई।
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इसमें एमबीए 2012 बैच के सुदर्शन तोमर को गोल्ड मेडल, इसी बैच की शिखा को सिल्वर मेडल प्रदान किया गया। एमटेक के शिवराम दुबे, भुवनेश कुमार को मेरिट सर्टिफिकेट दिए गए। समारोह में कुलपति प्रो. जयप्रकाश ने बताया विश्वविद्यालय में दो वर्षों में 48 शोध छात्रों का रजिस्ट्रेशन हुआ है। वहीं 310 शिक्षकों ने बीते वर्ष 86 शोध पत्र, विभिन्न जरनल्स एवं 103 शोध पत्र विभिन्न राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय कांफ्रेंस में प्रस्तुत किए। निदेशक अनूप गुप्ता ने सभी का आभार जताया।
समारोह में उत्तराखंड तकनीक विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डीएस चौहान, प्रो. शशि के गुलाटी, प्रो. आरके बाधवा, प्रो. बीडी चौधरी, गिरधारी अग्रवाल, गोविंद प्रसाद अग्रवाल, राजेश गर्ग, नरेंद्र अग्रवाल, सेक्रेटरी सोसाइटी नीरज अग्रवाल, एक्जीक्यूटिव काउंसिल सदस्य विवेक अग्रवाल, शिक्षाविद्, संकाय प्रमुख, छात्र व अभिभावक मौजूद थे।
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उन्होंने छात्रों का सफलता के चार मंत्र कल्पना करने की शक्ति, अस्पष्टता का प्रबंधन करने की शक्ति, सहजीवी संश्लेषण करने की शक्ति एवं आत्म नवीकरण शक्ति का बोध कराया। उन्होंने क हा कि विजन का अर्थ है कि हम क्षमताओं के बल पर आने वाले समय में क्या होंगे, यह देख सकें।
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इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि के साथ कुलाधिपति नारायन दास अग्रवाल, कुलपति प्रो. जयप्रकाश द्वारा मां सरस्वती व स्वर्गीय गणेशी लाल अग्रवाल के छायाचित्र पर माल्यार्पण कर किया गया। समारोह में एमबीए पाठ्यक्रम के 54 एवं एमटेक के 11 छात्रों को उपाधि देकर शपथ ग्रहण कराई गई।
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इसमें एमबीए 2012 बैच के सुदर्शन तोमर को गोल्ड मेडल, इसी बैच की शिखा को सिल्वर मेडल प्रदान किया गया। एमटेक के शिवराम दुबे, भुवनेश कुमार को मेरिट सर्टिफिकेट दिए गए। समारोह में कुलपति प्रो. जयप्रकाश ने बताया विश्वविद्यालय में दो वर्षों में 48 शोध छात्रों का रजिस्ट्रेशन हुआ है। वहीं 310 शिक्षकों ने बीते वर्ष 86 शोध पत्र, विभिन्न जरनल्स एवं 103 शोध पत्र विभिन्न राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय कांफ्रेंस में प्रस्तुत किए। निदेशक अनूप गुप्ता ने सभी का आभार जताया।
समारोह में उत्तराखंड तकनीक विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डीएस चौहान, प्रो. शशि के गुलाटी, प्रो. आरके बाधवा, प्रो. बीडी चौधरी, गिरधारी अग्रवाल, गोविंद प्रसाद अग्रवाल, राजेश गर्ग, नरेंद्र अग्रवाल, सेक्रेटरी सोसाइटी नीरज अग्रवाल, एक्जीक्यूटिव काउंसिल सदस्य विवेक अग्रवाल, शिक्षाविद्, संकाय प्रमुख, छात्र व अभिभावक मौजूद थे।