{"_id":"5831e3574f1c1bb404b39a6c","slug":"vot-hetu-not-ke-jo-kamare-bhare-hue-the","type":"story","status":"publish","title_hn":"वोट हेतु नोट के जो कमरे भरे हुए थे... ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वोट हेतु नोट के जो कमरे भरे हुए थे...
अमर उजाला ब्यूरो मैनपुरी
Updated Sun, 20 Nov 2016 11:27 PM IST
विज्ञापन
कवि सम्मेलन
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सोलह दिवसीय अजीतगंज महोत्सव के समापन पर रामलीला मैदान में शनिवार की रात कवि सम्मेलन हुआ। इस दौरान रामबरात की 19 रंगोली प्रतियोगिता के विजेताओं व रामलीला के सहयोगियों को सम्मानित किया गया। कवियों ने काव्य पाठ कर देर रात तक श्रोताओं को बांधे रखा।
कवि सम्मेलन का शुभारंभ मुख्य अतिथि क्षेत्राधिकारी नगर राजेश चौधरी, ब्राह्मण समाज के पूर्व जिलाध्यक्ष अनिल मिश्रा ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित और माल्यार्पण कर किया। संयोजक दिनेंद्र मिश्रा ने डॉ. दीन मोहम्मद दीन को यश भारती पुरस्कार मिलने पर सम्मानित किया। अतिथियों को शाल ओढ़ाकर तथा प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया।
काव्य पाठ करते हुए पूरन सिंह पूरन ने कहा- वोट हेतु नोट के जो कमरे भरे हुए थे, ऐसी पड़ी चोट कि लंगोट गीले होे गए। सुनाकर खूब तालियां बटोरीं। इलाहाबाद हाईकोर्ट के एडवोकेट नरेंद्र यादव ने कहा- कविता सत्ता की दासी हो, ऐसा कभी नहीं होगा। बिजेंद्र यादव सरल ने कहा- मेरे मन की अभिलाषा है में ऐसा चंदन बन जाऊं। संजय दुबे, शिव सिंह, मुन्नालाल सौरभ, साहित्यकार हरिश्चंद्र शाक्य, बदन सिंह मस्ताना, यश भारती दीन मोहम्मद दीन, राजेंद्र तिवारी, ओम प्रकाश वर्मा, राम सेवक इलाही ने भी काव्य पाठ किया। अध्यक्षता मुक्तक सम्राट लाखन सिंह भदौरिया और संचालन बदन सिंह मस्ताना ने किया। राम बरात की 19 रंगोली विजेता छात्राओं तथा रामलीला के सहयोगियों को सम्मानित किया गया। पूर्व प्रधानाचार्य सत्य सेवक मिश्रा, राजेंद्र प्रसाद मिश्रा, संजय यादव, राधेश्याम मिश्रा, प्रभू दयाल दुबे, राधा बल्लभ मिश्रा, हेमंत मिश्रा एडवोकेट, रामचंद्र मिश्रा, चंचल दुबे, राधारमण मिश्रा आदि मौजूद थे। संयोजक दिगेंद्र मिश्रा मीतू ने सभी का आभार जताया।
विज्ञापन
विज्ञापन
कवि सम्मेलन का शुभारंभ मुख्य अतिथि क्षेत्राधिकारी नगर राजेश चौधरी, ब्राह्मण समाज के पूर्व जिलाध्यक्ष अनिल मिश्रा ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित और माल्यार्पण कर किया। संयोजक दिनेंद्र मिश्रा ने डॉ. दीन मोहम्मद दीन को यश भारती पुरस्कार मिलने पर सम्मानित किया। अतिथियों को शाल ओढ़ाकर तथा प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया।
विज्ञापन
काव्य पाठ करते हुए पूरन सिंह पूरन ने कहा- वोट हेतु नोट के जो कमरे भरे हुए थे, ऐसी पड़ी चोट कि लंगोट गीले होे गए। सुनाकर खूब तालियां बटोरीं। इलाहाबाद हाईकोर्ट के एडवोकेट नरेंद्र यादव ने कहा- कविता सत्ता की दासी हो, ऐसा कभी नहीं होगा। बिजेंद्र यादव सरल ने कहा- मेरे मन की अभिलाषा है में ऐसा चंदन बन जाऊं। संजय दुबे, शिव सिंह, मुन्नालाल सौरभ, साहित्यकार हरिश्चंद्र शाक्य, बदन सिंह मस्ताना, यश भारती दीन मोहम्मद दीन, राजेंद्र तिवारी, ओम प्रकाश वर्मा, राम सेवक इलाही ने भी काव्य पाठ किया। अध्यक्षता मुक्तक सम्राट लाखन सिंह भदौरिया और संचालन बदन सिंह मस्ताना ने किया। राम बरात की 19 रंगोली विजेता छात्राओं तथा रामलीला के सहयोगियों को सम्मानित किया गया। पूर्व प्रधानाचार्य सत्य सेवक मिश्रा, राजेंद्र प्रसाद मिश्रा, संजय यादव, राधेश्याम मिश्रा, प्रभू दयाल दुबे, राधा बल्लभ मिश्रा, हेमंत मिश्रा एडवोकेट, रामचंद्र मिश्रा, चंचल दुबे, राधारमण मिश्रा आदि मौजूद थे। संयोजक दिगेंद्र मिश्रा मीतू ने सभी का आभार जताया।
विज्ञापन