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विधायक जी फीता काटते रहोगे या काम भी करोगे

Mon, 10 Apr 2017 11:15 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो मैनपुरी
अमर उजाला ब्यूरो मैनपुरी Updated Mon, 10 Apr 2017 11:15 PM IST
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vidhaayak jee pheeta kaatate rahoge ya kaam bhee karoge
विधायक जी - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
प्रदेश में भाजपा की सरकार बने एक महीने हो गया है। कुर्सी संभालते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जनता के हित में लगातार फैसले लेने के लिए काम कर रहे हैं, वहीं जिले के अधिकांश विधायकों को जनता के बीच जाने का समय ही नहीं मिला। केवल स्वागत सम्मान और कार्यक्रमों के फीते काटने में व्यस्त हैं।
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सदर क्षेत्र की बात करें तो यहां शहर में जहां गलियां जर्जर हैं तो वहीं देहात में पानी की विशेष समस्या है। चुनाव के समय विधायक ने लोगों को उक्त दो समस्याओं से निजात दिलाने का वादा किया था। यह और बात है कि एक माह गुजरने के बाद भी इन दोनों मुद्दों पर कोई राहत नहीं मिली है। वहीं विधायक भी पूरे माह एक दो दिन ही जनता के बीच गए हैं।
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विधायक राजकुमार यादव का कहना है कि चुनाव जीतने के बाद अधिकांश समय लखनऊ में बीता है। अभी तक कोई विकास योजना आदि पर कार्य नहीं हुआ है। कारण न तो अभी बजट मिला है और न ही अपनी सरकार है। देहात के जिन क्षेत्रों में पानी आदि की समस्या है। उन्हें चिह्नित कर लिया गया है।
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वहीं पहली बार भोगांव से विधायक बने रामनरेश अग्निहोत्री के क्षेत्र में भी समस्याओं का अंबार है। बिजली, सड़क पानी सभी के लिए एक बड़े क्षेत्र के लोग तरस रहे हैं। इस संबंध में विधायक का कहना है कि क्षेत्र में ऐसे स्थानों को चिह्नित किया गया है जहां पर अभी तक विकास की किरण नहीं पहुंची है। इसके अलावा रतनपुर किरकिच के पास अपर गंगा कैनाल से ईशन नदी में पानी छोड़ने की तैयारी की जा रही है। इसके अलावा क्षेत्र में एंटी रोमियो अभियान विशेष रूप से चलाया जा रहा है। लोगों की समस्याओं को हल करने के लिए सूची बना ली गई है। शीघ्र ही उनके समाधान के लिए कार्य किया जाएगा।
किशनी में भी बड़े पैमाने पर गांवों में बिजली, पानी और सड़कों के न होने की समस्या है। चुनाव के दौरान इसी कारण वर्तमान विधायक ब्रजेश कठेरिया का जमकर विरोध भी हुआ था। पिछले एक माह में विधायक एक भी बार लोगों की समस्याएं जानने नहीं पहुंचे हैं। इस बारे में पूछा गया तो उनका जवाब था कि सुशासन का दावा करने वाली भाजपा की सरकार आते ही जिले में अपराधों की बाढ़ आ गई है। भाजपा नेता और पदाधिकारी चुन-चुन को लोगों को निशाना बना रहे है। एक माह से वे अपने कार्यकर्ताओं को भाजपा नेताओं के आतंक और झूठे मुकदमों से बचाने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में समस्याओं को हल करने का मौका ही नहीं मिला है।


करहल विधायक सोबरन सिंह भी पूरे एक माह में मात्र दो तीन दिन ही क्षेत्र में लोगों से मिलने पहुंचे हैं। जबकि उनके क्षेत्र में समस्याओं का अंबार लगा हुआ है। चुनाव के दौरान कई गांवों में मतदान का बहिष्कार तक हुआ था। जब इस संबंध में उनसे पूछा गया तो उनका कहना था कि अभी एक माह ही हुआ है। इसमें भी अधिकांश समय लखनऊ में शपथ लेने और अन्य कार्यों में बीत गया है। अब बजट आदि जारी होने के बाद ही कार्य किए जाएंगे। यही कारण है कि वे अभी जनता के बीच ज्यादा नहीं जा पाए हैं।
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