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परवरिश को प्रशासन से मांगा सहयोग
अमर उजाला ब्यूरो, मैनपुरी
Updated Thu, 22 Sep 2016 11:48 PM IST
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गोद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
घिरोर क्षेत्र मेें कुछ दिन पूर्व लावारिस हालत में मिली बच्ची को एक दंपति ने गोद ले लिया। अब बच्ची की परवरिश के लिए सरकार से सहयोग की मांग की जा रही है। गुरुवार को ग्राम प्रधान का सिफारिशी पत्र लेकर दंपति जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचा।
तीन दिन पूर्व थाना घिरोर क्षेत्र के गांव बिलधरा निवासी कमल सिंह शाम के समय काम से घर वापस वापस लौट रहे थे। तभी कुरावली रोड के समीप उसे झाड़ियों में एक बच्ची पड़ी दिखाई दी। कमल उसे साथ लेकर गांव पहुंचा लोगों से बच्ची के पालन पोषण की बात कही तो कोई भी तैयार नहीं हुआ। जिसके बाद उसने खुद ही बच्ची को साथ रखने का फैसला किया। लेकिन पेशे से मजदूर उसका पालन-पोषण करने में असमर्थता जाहिर करते हुए प्रधान का लेटर लेकर डीएम कार्यालय पहुंचा। मांग की कि उसे बच्ची की परवरिश के लिए सरकारी कोष से सहायता दिलाई जाए। वहीं बाल संरक्षण अधिकारी अल्का मिश्रा का कहना है कि अगर किसी को लावारिस बच्चा मिलता है तो समिति को इसकी जानकारी दी जानी चाहिए। वहां से कानूनी तौर पर ऐसा व्यक्ति जो बच्चे की परवरिश करने में सक्षम हो उसे ही बच्चा दिया जाता है। परवरिश के लिए सरकारी कोष से सहायता का कोई प्रावधान नहीं है।
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तीन दिन पूर्व थाना घिरोर क्षेत्र के गांव बिलधरा निवासी कमल सिंह शाम के समय काम से घर वापस वापस लौट रहे थे। तभी कुरावली रोड के समीप उसे झाड़ियों में एक बच्ची पड़ी दिखाई दी। कमल उसे साथ लेकर गांव पहुंचा लोगों से बच्ची के पालन पोषण की बात कही तो कोई भी तैयार नहीं हुआ। जिसके बाद उसने खुद ही बच्ची को साथ रखने का फैसला किया। लेकिन पेशे से मजदूर उसका पालन-पोषण करने में असमर्थता जाहिर करते हुए प्रधान का लेटर लेकर डीएम कार्यालय पहुंचा। मांग की कि उसे बच्ची की परवरिश के लिए सरकारी कोष से सहायता दिलाई जाए। वहीं बाल संरक्षण अधिकारी अल्का मिश्रा का कहना है कि अगर किसी को लावारिस बच्चा मिलता है तो समिति को इसकी जानकारी दी जानी चाहिए। वहां से कानूनी तौर पर ऐसा व्यक्ति जो बच्चे की परवरिश करने में सक्षम हो उसे ही बच्चा दिया जाता है। परवरिश के लिए सरकारी कोष से सहायता का कोई प्रावधान नहीं है।
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