{"_id":"6ac2ac6fc585bbd12f0aae0c","slug":"ultimately-the-baby-lost-the-battle-for-life-mainpuri-news-c-174-1-ag11004-168078-2026-10-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mainpuri News: आखिरकार जिंदगी की जंग हार गई बेबी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mainpuri News: आखिरकार जिंदगी की जंग हार गई बेबी
Mon, 05 Oct 2026 01:13 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
Updated Mon, 05 Oct 2026 01:13 AM IST
विज्ञापन
दन्नाहार। क्षेत्र के गांव नगला कुशल में देवर और देवरानी ने मोबाइल चार्जर के मामूली विवाद में डीजल डालकर अपनी जेठानी को जला दिया था। इससे वह करीब 90 प्रतिशत तक झुलस गई थी। घटना के करीब सात दिन तक महिला ने सैफई अस्पताल में जिंदा रहने के लिए जंग लड़ी लेकिन रविवार को वह हार गई। पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम कराने के लिए मॉर्चरी भेजा है।
दन्नाहार क्षेत्र के गांव नगला कुशल की बेबी का 28 सितंबर को देवर रजनीश और देवरानी जूली देवी के साथ मोबाइल चार्जर के लिए विवाद हो गया। बात इतनी बिगड़ गई कि देवर-देवरानी ने बेबी को गालियां देते हुए लात-घूंसों से पीटा। इसके बाद डीजल उड़ेल कर आग लगा दी। इससे वह करीब 90 प्रतिशत तक झुलस गई, इसके बाद उसे सैफई पीजीआई में भर्ती कराया गया, जहां सात दिन से उसका इलाज चल रहा था। पिछले सात दिन से वह जिंदगी के लिए मौत से जंग लड़ रही थी, रविवार को शाम 7:30 बजे आखिरकार वह हार गई और उसकी सांसें थम गईं।
दुधमुंही बच्ची को नहीं पता मां का हाल
मृतक महिला ने एक माह पूर्व ही एक बेटी को जन्म दिया था। बेटी को नहीं पता था कि जन्म के बाद इतनी जल्दी अपनी मां के दूध से दूर हो जाएगी। मृतक महिला की पुत्री लक्ष्मी 8 वर्ष, प्रिया 6 वर्ष व एक पुत्र पीयूष चार वर्ष का है। चारों बच्चों के सर से मां का साया कम उम्र में ही उठ गया है। अब इन बच्चों की परवरिश की जिम्मेदारी पिता संजू के ऊपर आ गई है। वहीं घटना के बाद से ही देवर-देवरानी व अन्य परिजन घर में ताला लगाकर उसी दिन से गायब हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
दन्नाहार क्षेत्र के गांव नगला कुशल की बेबी का 28 सितंबर को देवर रजनीश और देवरानी जूली देवी के साथ मोबाइल चार्जर के लिए विवाद हो गया। बात इतनी बिगड़ गई कि देवर-देवरानी ने बेबी को गालियां देते हुए लात-घूंसों से पीटा। इसके बाद डीजल उड़ेल कर आग लगा दी। इससे वह करीब 90 प्रतिशत तक झुलस गई, इसके बाद उसे सैफई पीजीआई में भर्ती कराया गया, जहां सात दिन से उसका इलाज चल रहा था। पिछले सात दिन से वह जिंदगी के लिए मौत से जंग लड़ रही थी, रविवार को शाम 7:30 बजे आखिरकार वह हार गई और उसकी सांसें थम गईं।
विज्ञापन
दुधमुंही बच्ची को नहीं पता मां का हाल
मृतक महिला ने एक माह पूर्व ही एक बेटी को जन्म दिया था। बेटी को नहीं पता था कि जन्म के बाद इतनी जल्दी अपनी मां के दूध से दूर हो जाएगी। मृतक महिला की पुत्री लक्ष्मी 8 वर्ष, प्रिया 6 वर्ष व एक पुत्र पीयूष चार वर्ष का है। चारों बच्चों के सर से मां का साया कम उम्र में ही उठ गया है। अब इन बच्चों की परवरिश की जिम्मेदारी पिता संजू के ऊपर आ गई है। वहीं घटना के बाद से ही देवर-देवरानी व अन्य परिजन घर में ताला लगाकर उसी दिन से गायब हैं।
विज्ञापन