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सौ किमी की रफ्तार से दौड़ सकेंगी ट्रेनें
Thu, 09 Nov 2023 07:05 PM IST
Anonymous User
ब्यूरो, अमर उजाला मैनपुरी
ब्यूरो, अमर उजाला मैनपुरी
Published by: Anonymous User
Updated Thu, 09 Nov 2023 07:05 PM IST
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मैनपुरी। सौ साल से अधिक पुरानी शिकोहाबाद-फर्रुखाबाद ब्रॉड गेज रेल लाइन सौ किमी प्रति घंटा की रफ्तार से ट्रेनें दौड़ाने के लिए तैयार हो गई है। मशीनों द्वारा रेलवे ट्रैक की डीप ट्यूनिंग, लेविलिंग के काम के बाद ट्रैक पर 75 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से ट्रेनें दौड़ने लगी हैं। सेफ्टी इंजीनियर की हरी झंडी मिलते ही ट्रैक पर सौ किमी की रफ्तार से ट्रेनें दौड़ने लगेंगी। उम्मीद की जा रही है कि साल के अंत तक सौ किमी की रफ्तार से ट्रेनेें दौड़ाए जाने के लिए हरी झंडी मिल जाएगी।
गौरतलब है वर्ष 2010 और 1012 में इटावा-कानपुर ट्रैक पर रेल दुर्घटना हो जाने पर शिकोहाबाद-फर्रुखाबाद रेलवे लाइन से होकर कई एक्सप्रेस ट्रेनें कानपुर की ओर निकाली गईं थीं। तब महसूस किया गया था कि यह रेलवे ट्रैक महत्वपूर्ण है। उधर दिल्ली-हावड़ा वाया इटावा रूट पर ट्रेनों के बढ़ते दबाव को देखते हुए इस रूट पर कुछ ट्रेनों को डायवर्ट करने पर भी रेलवे प्रशासन विचार कर रहा है। इसी के मद्देनजर रेलवे ट्रैक पर ट्रेनों की स्पीड बढ़ाने के लिए काम शुरू किया गया था जो अब पूरा हो चुका है। शिकोहाबाद-फर्रुखाबाद ट्रैक पर 50 के स्थान पर 75 किमी प्रति घंटा की स्पीड से ट्रेनें दौड़ाने को हरी झंडी दी जा चुकी है। ट्रैक को सौ किमी प्रति घंटा की रफ्तार से ट्रेनें दौड़ाए जाने लायक बनाने का काम पूरा कर लिया गया है। पिछले दिनों उप्र मध्य रेलवे इलाहाबाद के कई वरिष्ठ अधिकारियों और इंजीनियरों ने विशेष ट्रेन से शिकोहाबाद से फर्रुखाबाद तक की यात्रा की और कई स्थानों पर उतरकर रेलवे लाइन, पुल और पुलियों का जायजा लिया था। रेलवे सूत्रों के मुताबिक दिसंबर के अंत तक ट्रैक पर सौ किमी प्रति घंटा की रफ्तार से ट्रेनें दौड़ाए जाने का हरी झंडी मिल सकती है।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 1901 में बिछाई गई शिकोहाबाद-फर्रुखाबाद रेलवे लाइन को नौ वर्ष पूर्व उखाड़कर नई लाइन बिछाई गई है। उधर फर्रुखाबाद से कानपुर तक की मीटर गेज के ब्रांड गेज में परिवर्तित होने के बाद फर्रुखाबाद से कानपुर ब्रांड गेज से जुड़ गया है। इससे दिल्ली की ओर से कानपुर, इलाहाबाद, लखनऊ, बिहार, पश्चिम बंगाल आदि के लिए जाने वाली ट्रेनों के लिए एक समांनातरण ट्रैक उपलब्ध हो गया है।
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अगले वर्ष से मिलेगी बेहतर ट्रेन सुविधा
रेलवे की योजना है कि शिकोहाबाद-इटावा-कानपुर ट्रैक पर लोड कुछ कम किया जाए। साथ ही दिल्ली से कानपुर, लखनऊ, इलाहाबाद की ओर जाने वाली ट्रेनों की संख्या भी बढ़ाई जाए। सूत्रों की मानें तो इन्हीं सब बातों को ध्यान में रखते हुए शिकोहाबाद-फर्रुखाबाद रेलवे लाइन पर ट्रेनों की स्पीड बढ़ाए जाने का कार्य कराया गया है। माना जा रहा है कि अगले वर्ष जिले के लोगाें को बेहतर ट्रेन सुविधा मिल सकती है।
शिकोहाबाद-फर्रुखाबाद रेलवे ट्रैक के उच्चीकरण का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। कुछ छोटा-मोटा काम रह गया है उसे तेजी से पूरा किया जा रहा है। रेलवे लाइन को सौ किमी प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ाने के लिए तैयार किया गया है। निरीक्षण और ट्रायल के बाद रूट पर सौ किमी प्रति घंटा की रफ्तार से ट्रेनें चलने लगेंगी।
- एसके सिंह, स्टेशन अधीक्षक
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गौरतलब है वर्ष 2010 और 1012 में इटावा-कानपुर ट्रैक पर रेल दुर्घटना हो जाने पर शिकोहाबाद-फर्रुखाबाद रेलवे लाइन से होकर कई एक्सप्रेस ट्रेनें कानपुर की ओर निकाली गईं थीं। तब महसूस किया गया था कि यह रेलवे ट्रैक महत्वपूर्ण है। उधर दिल्ली-हावड़ा वाया इटावा रूट पर ट्रेनों के बढ़ते दबाव को देखते हुए इस रूट पर कुछ ट्रेनों को डायवर्ट करने पर भी रेलवे प्रशासन विचार कर रहा है। इसी के मद्देनजर रेलवे ट्रैक पर ट्रेनों की स्पीड बढ़ाने के लिए काम शुरू किया गया था जो अब पूरा हो चुका है। शिकोहाबाद-फर्रुखाबाद ट्रैक पर 50 के स्थान पर 75 किमी प्रति घंटा की स्पीड से ट्रेनें दौड़ाने को हरी झंडी दी जा चुकी है। ट्रैक को सौ किमी प्रति घंटा की रफ्तार से ट्रेनें दौड़ाए जाने लायक बनाने का काम पूरा कर लिया गया है। पिछले दिनों उप्र मध्य रेलवे इलाहाबाद के कई वरिष्ठ अधिकारियों और इंजीनियरों ने विशेष ट्रेन से शिकोहाबाद से फर्रुखाबाद तक की यात्रा की और कई स्थानों पर उतरकर रेलवे लाइन, पुल और पुलियों का जायजा लिया था। रेलवे सूत्रों के मुताबिक दिसंबर के अंत तक ट्रैक पर सौ किमी प्रति घंटा की रफ्तार से ट्रेनें दौड़ाए जाने का हरी झंडी मिल सकती है।
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उल्लेखनीय है कि वर्ष 1901 में बिछाई गई शिकोहाबाद-फर्रुखाबाद रेलवे लाइन को नौ वर्ष पूर्व उखाड़कर नई लाइन बिछाई गई है। उधर फर्रुखाबाद से कानपुर तक की मीटर गेज के ब्रांड गेज में परिवर्तित होने के बाद फर्रुखाबाद से कानपुर ब्रांड गेज से जुड़ गया है। इससे दिल्ली की ओर से कानपुर, इलाहाबाद, लखनऊ, बिहार, पश्चिम बंगाल आदि के लिए जाने वाली ट्रेनों के लिए एक समांनातरण ट्रैक उपलब्ध हो गया है।
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अगले वर्ष से मिलेगी बेहतर ट्रेन सुविधा
रेलवे की योजना है कि शिकोहाबाद-इटावा-कानपुर ट्रैक पर लोड कुछ कम किया जाए। साथ ही दिल्ली से कानपुर, लखनऊ, इलाहाबाद की ओर जाने वाली ट्रेनों की संख्या भी बढ़ाई जाए। सूत्रों की मानें तो इन्हीं सब बातों को ध्यान में रखते हुए शिकोहाबाद-फर्रुखाबाद रेलवे लाइन पर ट्रेनों की स्पीड बढ़ाए जाने का कार्य कराया गया है। माना जा रहा है कि अगले वर्ष जिले के लोगाें को बेहतर ट्रेन सुविधा मिल सकती है।
शिकोहाबाद-फर्रुखाबाद रेलवे ट्रैक के उच्चीकरण का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। कुछ छोटा-मोटा काम रह गया है उसे तेजी से पूरा किया जा रहा है। रेलवे लाइन को सौ किमी प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ाने के लिए तैयार किया गया है। निरीक्षण और ट्रायल के बाद रूट पर सौ किमी प्रति घंटा की रफ्तार से ट्रेनें चलने लगेंगी।
- एसके सिंह, स्टेशन अधीक्षक