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तीसरे दिन भी कुरावली बनी छावनी
Thu, 09 Nov 2023 07:05 PM IST
Anonymous User
ब्यूरो अमर उजाला मैनपुरी
ब्यूरो अमर उजाला मैनपुरी
Published by: Anonymous User
Updated Thu, 09 Nov 2023 07:05 PM IST
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कुरावली। तीन दिन पहले जिला पंचायत सदस्य रविंद्र शाक्य की हुई हत्या के मामले में सोमवार को भी कस्बा छावनी बना रहा। इस दौरान एक प्लाटून पीएसी, एक प्लाटून आरआरएफ सहित बड़ी संख्या में पुलिस कर्मी तैनात रहे।
शनिवार शाम को जीटी रोड स्थित मोहल्ला सुजरई निवासी जिला पंचायत सदस्य रविंद्र शाक्य की उनके घर के सामने रहने वाले सविकांत ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। हत्या के बाद कस्बा में बवाल हो गया था। भीड़ ने आरोपी के मकान सहित आधा दर्जन से अधिक खोखों व दुकानों में तोड़फोड़ कर आग लगा दी थी। आग बुझाने पहुंची दमकल को भी आग के हवाले कर दिया था। घटना के दूसरे दिन भी लोगों ने जाम लगाने की कोशिश की थी। इसके बाद से कस्बा में तीन कंपनी पीएसी के साथ पांच थानों की पुलिस तैनात है। साथ ही वरिष्ठ अधिकारी भी प्रत्येक स्थिति पर नजर रखे हैं। सोमवार को भी फोर्स कसबा में तैनात रही।
जिला पंचायत सदस्य की हत्या की कस्बा के लोगों ने निंदा की। साथ ही उपद्रवियों द्वारा शांति भंग करने की भी भर्त्सना की गई। कसबा के लोगों का कहना है कि पुलिस यदि समय से कार्रवाई करती तो उपद्रवियों पर काबू पाया जा सकता था। उपद्रवियों के आगजनी करने को रोका जा सकता था। वहीं दमकल को भी आग लगने से बचाया जा सकता था।
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शनिवार शाम को जीटी रोड स्थित मोहल्ला सुजरई निवासी जिला पंचायत सदस्य रविंद्र शाक्य की उनके घर के सामने रहने वाले सविकांत ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। हत्या के बाद कस्बा में बवाल हो गया था। भीड़ ने आरोपी के मकान सहित आधा दर्जन से अधिक खोखों व दुकानों में तोड़फोड़ कर आग लगा दी थी। आग बुझाने पहुंची दमकल को भी आग के हवाले कर दिया था। घटना के दूसरे दिन भी लोगों ने जाम लगाने की कोशिश की थी। इसके बाद से कस्बा में तीन कंपनी पीएसी के साथ पांच थानों की पुलिस तैनात है। साथ ही वरिष्ठ अधिकारी भी प्रत्येक स्थिति पर नजर रखे हैं। सोमवार को भी फोर्स कसबा में तैनात रही।
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जिला पंचायत सदस्य की हत्या की कस्बा के लोगों ने निंदा की। साथ ही उपद्रवियों द्वारा शांति भंग करने की भी भर्त्सना की गई। कसबा के लोगों का कहना है कि पुलिस यदि समय से कार्रवाई करती तो उपद्रवियों पर काबू पाया जा सकता था। उपद्रवियों के आगजनी करने को रोका जा सकता था। वहीं दमकल को भी आग लगने से बचाया जा सकता था।
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