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Mainpuri News: भक्तों को भगवान से जोड़ने के साथ मोक्ष का मार्ग दिखाती है कथा
Tue, 06 Jan 2026 11:31 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
Updated Tue, 06 Jan 2026 11:31 PM IST
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फोटो 23 श्रीमद्भागवत कथा में बोलते आचार्य डॉ़ पंकज मिश्र मयंक। स्रोत आयोजक
मैनपुरी। मोहल्ला गाड़ीवान स्थित श्री भीमसेन मंदिर के पावन धाम में श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। कथा के चौथे दिन आचार्य डॉ़ पंकज मिश्र मयंक ने कहा कि कथा भक्तों को भगवान से जोड़ने के साथ मोक्ष का मार्ग दिखाती है।
आचार्य ने कहा कि भगवान श्रीराम की बाल लीलाएं धर्म, कर्तव्य, त्याग और मर्यादा का संदेश देती हैं। भगवान की लीलाओं से माता-पिता और गुरु का सम्मान करने और बड़ों की आज्ञा मानने की सीख मिलती है। लीलाओं का प्रसंग श्रवण करने से भक्ति का मार्ग प्रशस्त होता है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम ने अपने गुरु विश्वामित्र जी के साथ अयोध्या से प्रस्थान करके अहिल्या का उद्धार किया।
उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य की कथा का वर्णन करते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जन्म, कंस के अत्याचारों को समाप्त करने और धर्म की स्थापना के लिए देवकी और वासुदेव के आठवें पुत्र के रूप में हुआ। कथा में भगवान का प्राकट्य उत्सव धूमधाम से मनाया गया। इससे पहले यजमान डॉ़ जितेंद्र सक्सेना-नीरजा सक्सेना ने व्यास पूजन किया।
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इस दौरान आचार्य चंदन मिश्रा, आचार्य श्रीकृष्ण शास्त्री, डॉ़ सूर्यमोहन सक्सेना, प्रशांत कुलश्रेष्ठ, अल्का, निशा, निहारिका, मधु चौहान, निधि सक्सेना, दीपा, गौरी, सुरभि, विकास सक्सेना आदि मौजूद रहे।
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आचार्य ने कहा कि भगवान श्रीराम की बाल लीलाएं धर्म, कर्तव्य, त्याग और मर्यादा का संदेश देती हैं। भगवान की लीलाओं से माता-पिता और गुरु का सम्मान करने और बड़ों की आज्ञा मानने की सीख मिलती है। लीलाओं का प्रसंग श्रवण करने से भक्ति का मार्ग प्रशस्त होता है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम ने अपने गुरु विश्वामित्र जी के साथ अयोध्या से प्रस्थान करके अहिल्या का उद्धार किया।
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उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य की कथा का वर्णन करते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जन्म, कंस के अत्याचारों को समाप्त करने और धर्म की स्थापना के लिए देवकी और वासुदेव के आठवें पुत्र के रूप में हुआ। कथा में भगवान का प्राकट्य उत्सव धूमधाम से मनाया गया। इससे पहले यजमान डॉ़ जितेंद्र सक्सेना-नीरजा सक्सेना ने व्यास पूजन किया।
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इस दौरान आचार्य चंदन मिश्रा, आचार्य श्रीकृष्ण शास्त्री, डॉ़ सूर्यमोहन सक्सेना, प्रशांत कुलश्रेष्ठ, अल्का, निशा, निहारिका, मधु चौहान, निधि सक्सेना, दीपा, गौरी, सुरभि, विकास सक्सेना आदि मौजूद रहे।