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स्कूल पहला दिन दोस्तों से मिलने-मिलाने में बीता
अमर उजाला ब्यूरो मैनपुरी
Updated Sat, 02 Jul 2016 11:11 PM IST
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स्कूल पहला दिन दोस्तों से मिलने-मिलाने में बीता
- फोटो : अमर उजाला
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शनिवार को शहर के अधिकतर स्कूल खुल गए। इसके चलते सुबह सात बजे से ही सड़कों पर छात्र-छात्राएं स्कूल जाते दिखे। पहले दिन स्कूल जाने को बच्चों में उत्साह देखा गया।
शनिवार को करीब डेढ़ माह के बाद शहर ज्यादातर स्कूल खुल गए। पहले दिन स्कूल जाने वाले बच्चों में इतना उत्साह था मानो सूनी बगिया में फिर से बसंत आ गया हो। पहला दिन मिलने-मिलाने की रस्म के साथ बीत गया। बच्चों ने स्कूल पहुंच अपने नए और पुराने दोस्तों से मुलाकात की। वहीं पहला दिन होने के चलते बच्चों की जल्दी छुट्टी कर दी गई। जहां प्राइवेट स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था सुचारु नजर आई। वहीं परिषदीय स्कूलों में छात्र संख्या कम रही। बच्चे काफी कम संख्या में स्कूल पहुंचे। इन स्कूलों में किताब न आने से पढ़ाई नहीं हो सकी। ज्यादातर स्कूलों के शिक्षकों बीएलओ ड्यूटी में लगे हैं। इसके चलते शिक्षक भी कम ही आए।
पूर्व माध्यमिक विद्यालय अवधनगर में पहले दिन मात्र पांच बच्चे आए। वहीं किताबें न होने के चलते बच्चे पुरानी किताबों से पढ़ते नजर आए। वहीं पहले दिन अधिकांश स्कूलों में मिड-डे मील भी नहीं बना।
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प्रभारी बीएसए भारती शाक्य का कहना है कि उन्होंने सभी शिक्षकाें से समय पर स्कूल पहुंचने को कहा है। बच्चों की किताबें न आने तक पुूरानी किताबों से पढ़ाने के निर्देश दिए हैं। किताबें आते ही बच्चों को वितरित कर दी जाएंगी।
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शनिवार को करीब डेढ़ माह के बाद शहर ज्यादातर स्कूल खुल गए। पहले दिन स्कूल जाने वाले बच्चों में इतना उत्साह था मानो सूनी बगिया में फिर से बसंत आ गया हो। पहला दिन मिलने-मिलाने की रस्म के साथ बीत गया। बच्चों ने स्कूल पहुंच अपने नए और पुराने दोस्तों से मुलाकात की। वहीं पहला दिन होने के चलते बच्चों की जल्दी छुट्टी कर दी गई। जहां प्राइवेट स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था सुचारु नजर आई। वहीं परिषदीय स्कूलों में छात्र संख्या कम रही। बच्चे काफी कम संख्या में स्कूल पहुंचे। इन स्कूलों में किताब न आने से पढ़ाई नहीं हो सकी। ज्यादातर स्कूलों के शिक्षकों बीएलओ ड्यूटी में लगे हैं। इसके चलते शिक्षक भी कम ही आए।
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पूर्व माध्यमिक विद्यालय अवधनगर में पहले दिन मात्र पांच बच्चे आए। वहीं किताबें न होने के चलते बच्चे पुरानी किताबों से पढ़ते नजर आए। वहीं पहले दिन अधिकांश स्कूलों में मिड-डे मील भी नहीं बना।
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प्रभारी बीएसए भारती शाक्य का कहना है कि उन्होंने सभी शिक्षकाें से समय पर स्कूल पहुंचने को कहा है। बच्चों की किताबें न आने तक पुूरानी किताबों से पढ़ाने के निर्देश दिए हैं। किताबें आते ही बच्चों को वितरित कर दी जाएंगी।