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लालबत्ती लेकर लौटेंगे सुभाष यादव
अमर उजाला ब्यूरो, मैनपुरी
Updated Wed, 18 May 2016 11:37 PM IST
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सुभाष चंद्र यादव
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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वरिष्ठ सपा नेता सुभाष चंद्र यादव को पुन: राज्यमंत्री बनाने से पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों में खुशी है। सूचना मिलते ही लोग बधाई देेने उनके निवास पर पहुंचे।
लखनऊ से मिली जानकारी के मुताबिक सुभाष यादव को पंचायतीराज विभाग में राज्यमंत्री का दर्जा मिला है। इसके लिए पार्टी हाईकमान ने उन्हें संदेश देकर पहले ही लखनऊ बुलवा लिया था। वह अब लालबत्ती लेकर करहल लौटेंगे। वर्ष 2014 में वह पंचायती राज विभाग में सलाहकार नियुक्त हुए थे। यह राज्यमंत्री के दर्जे का पद है। पिछले वर्ष प्रदेश सरकार ने अचानक सभी दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री पद खत्म कर दिए थे। इससे कार्यकर्ता मायूस थे। अब उनका पुराना दर्जा बहाल होने से कार्यकर्ता जोश से भर गए हैं। वर्ष 2017 में विधानसभा चुनाव होना है। इसके चलते साफ सुथरी छवि वाले नेताओं का पुराना राज्यमंत्री पद बहाल किया है। ताकि स्थानीय स्तर पर नेता व कार्यकर्ता अधिक उत्साह से चुनावी अभियान में लग जाएं।
वैसे भी सुभाष यादव और उनके परिवार का काफी गहरा जुड़ाव सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव से है। राज्यमंत्री सुभाष के पिता स्वर्गीय चौधरी नत्थू सिंह यादव ‘मैंबर साहब’ ही मुलायम को राजनीति में लाए थे। इतना ही नहीं इटावा जिले की अपनी जसवंतनगर विधानसभा सीट भी उन्होंने उनके लिए छोड़ दी और खुद करहल सीट पर आ गए थे।
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लखनऊ से मिली जानकारी के मुताबिक सुभाष यादव को पंचायतीराज विभाग में राज्यमंत्री का दर्जा मिला है। इसके लिए पार्टी हाईकमान ने उन्हें संदेश देकर पहले ही लखनऊ बुलवा लिया था। वह अब लालबत्ती लेकर करहल लौटेंगे। वर्ष 2014 में वह पंचायती राज विभाग में सलाहकार नियुक्त हुए थे। यह राज्यमंत्री के दर्जे का पद है। पिछले वर्ष प्रदेश सरकार ने अचानक सभी दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री पद खत्म कर दिए थे। इससे कार्यकर्ता मायूस थे। अब उनका पुराना दर्जा बहाल होने से कार्यकर्ता जोश से भर गए हैं। वर्ष 2017 में विधानसभा चुनाव होना है। इसके चलते साफ सुथरी छवि वाले नेताओं का पुराना राज्यमंत्री पद बहाल किया है। ताकि स्थानीय स्तर पर नेता व कार्यकर्ता अधिक उत्साह से चुनावी अभियान में लग जाएं।
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वैसे भी सुभाष यादव और उनके परिवार का काफी गहरा जुड़ाव सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव से है। राज्यमंत्री सुभाष के पिता स्वर्गीय चौधरी नत्थू सिंह यादव ‘मैंबर साहब’ ही मुलायम को राजनीति में लाए थे। इतना ही नहीं इटावा जिले की अपनी जसवंतनगर विधानसभा सीट भी उन्होंने उनके लिए छोड़ दी और खुद करहल सीट पर आ गए थे।
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