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सावन शुरू होते ही गूंजने लगे बमबम भोले के स्वर
Thu, 09 Nov 2023 07:05 PM IST
Anonymous User
ब्यूरो, अमर उजाला मैनपुरी
ब्यूरो, अमर उजाला मैनपुरी
Published by: Anonymous User
Updated Thu, 09 Nov 2023 07:05 PM IST
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मैनपुरी। पवित्र श्रावण मास के पहले दिन से ही शिवालयों में बमबम भोले के स्वर गूंजने लगे हैं। सुबह से देर शाम तक शिव मंदिरों में बेलपत्र, धतूरा आदि चढ़ाकर श्रद्धालुओं ने पूजा अर्चना की। वहीं सावन के पहले सोमवार के लिए शिव मंदिरों को सजाने का काम तेज हो गया है। श्री भीमसेन मंदिर में आचार्य रामबाबू पाठक की श्रीराम कथा के साथ श्रावण महोत्सव का शुभारंभ हो गया।
हिंदुओं का पवित्र और भगवान शिव की आराधना का प्रतीक श्रावण मास शनिवार से शुरू हो गया। सावन माह के पहले दिन ही सुबह से श्रद्धालु पूजा अर्चना के लिए शिवालयों की ओर जाते नजर आए। सबसे अधिक श्रद्धालु प्राचीन श्री भीमसेन मंदिर पहुंचे। चांदेश्वर मंदिर में भी पूजा अर्चना के लिए श्रद्धालुओं की भीड़भाड़ नजर आई। सावन के पहले सोमवार को देखते हुए शिवालयों को आकर्षक ढंग से सजाने के काम को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
श्री भीमसेन मंदिर में श्रीराम कथा के साथ श्रावण महोत्सव का शुभारंभ हो गया। कथा के पहले दिन प्रवचन करते हुए आचार्य रामबाबू पाठक ने कहा कि भगवान राम के चरित्र से जीवन जीने की कला सीखी जा सकती है। श्रीराम के पद चिन्हों पर चलकर ही जीवन को सार्थक बनाया जा सकता है। सही मायने में भगवान श्रीराम ने मर्यादित जीवन जीकर समाज को नई दिशा दी है। जहां मर्यादा होती है वहां भय होता है। सामाजिक भय से मानव अराजकता के पथ पर जाने से बच जाता है। जीवन में मर्यादा, सामाजिकता और व्यवहारिकता जीवन का एक अंग है। रामकथारूपी प्रयोगशाला में मानव अपने जीवन का प्रत्येक क्षण पिरोकर उस सुख की प्राप्ति कर सकता है जिसकी वह जीवन भर कल्पना करता रहता है। श्रीराम चरित मानस की जीवन शैली अपना कर जीवन को धन्य बनाया जा सकता है।
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श्रावण महोत्सव में रहेगी धार्मिक आयोजनों की धूम
श्री भीमसेन मंदिर में श्रावण महोत्सव के तहत एक माह तक धार्मिक आयोजनों की धूम रहेगी। मंदिर कमेटी के मंत्री वीर सिंह भदौरिया ने बताया कि सात अगस्त तक श्रीराम कथा चलेगी। आठ अगस्त से 14 अगस्त तक आयोजित श्रीमद भागवत कथा में आचार्य डाक्टर पंकज मयंक प्रवचन करेंगे। 15 अगस्त से 21 अगस्त तक श्री शिवपुराण कथा में पंडित अवधेश द्विवेदी प्रवचन करेंगे और 22 अगस्त से 28 अगस्त तक आचार्य शशिकांत तिवारी रामायणी भगवान राम के चरित्र का वर्णन करेंगे। कथा प्रतिदिन अपराह्न तीन बजे से शाम छह बजे तक होगी। सावन के प्रत्येक सोमवार को भगवान भीमसेन का आकर्षक शृंगार किया जाएगा।
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हिंदुओं का पवित्र और भगवान शिव की आराधना का प्रतीक श्रावण मास शनिवार से शुरू हो गया। सावन माह के पहले दिन ही सुबह से श्रद्धालु पूजा अर्चना के लिए शिवालयों की ओर जाते नजर आए। सबसे अधिक श्रद्धालु प्राचीन श्री भीमसेन मंदिर पहुंचे। चांदेश्वर मंदिर में भी पूजा अर्चना के लिए श्रद्धालुओं की भीड़भाड़ नजर आई। सावन के पहले सोमवार को देखते हुए शिवालयों को आकर्षक ढंग से सजाने के काम को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
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श्री भीमसेन मंदिर में श्रीराम कथा के साथ श्रावण महोत्सव का शुभारंभ हो गया। कथा के पहले दिन प्रवचन करते हुए आचार्य रामबाबू पाठक ने कहा कि भगवान राम के चरित्र से जीवन जीने की कला सीखी जा सकती है। श्रीराम के पद चिन्हों पर चलकर ही जीवन को सार्थक बनाया जा सकता है। सही मायने में भगवान श्रीराम ने मर्यादित जीवन जीकर समाज को नई दिशा दी है। जहां मर्यादा होती है वहां भय होता है। सामाजिक भय से मानव अराजकता के पथ पर जाने से बच जाता है। जीवन में मर्यादा, सामाजिकता और व्यवहारिकता जीवन का एक अंग है। रामकथारूपी प्रयोगशाला में मानव अपने जीवन का प्रत्येक क्षण पिरोकर उस सुख की प्राप्ति कर सकता है जिसकी वह जीवन भर कल्पना करता रहता है। श्रीराम चरित मानस की जीवन शैली अपना कर जीवन को धन्य बनाया जा सकता है।
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श्रावण महोत्सव में रहेगी धार्मिक आयोजनों की धूम
श्री भीमसेन मंदिर में श्रावण महोत्सव के तहत एक माह तक धार्मिक आयोजनों की धूम रहेगी। मंदिर कमेटी के मंत्री वीर सिंह भदौरिया ने बताया कि सात अगस्त तक श्रीराम कथा चलेगी। आठ अगस्त से 14 अगस्त तक आयोजित श्रीमद भागवत कथा में आचार्य डाक्टर पंकज मयंक प्रवचन करेंगे। 15 अगस्त से 21 अगस्त तक श्री शिवपुराण कथा में पंडित अवधेश द्विवेदी प्रवचन करेंगे और 22 अगस्त से 28 अगस्त तक आचार्य शशिकांत तिवारी रामायणी भगवान राम के चरित्र का वर्णन करेंगे। कथा प्रतिदिन अपराह्न तीन बजे से शाम छह बजे तक होगी। सावन के प्रत्येक सोमवार को भगवान भीमसेन का आकर्षक शृंगार किया जाएगा।