{"_id":"56f031014f1c1bb913f14d24","slug":"minister-of-finance-took-the-symbolic-meaning","type":"story","status":"publish","title_hn":"वित्त मंत्री की निकाली प्रतीकात्मक अर्थी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वित्त मंत्री की निकाली प्रतीकात्मक अर्थी
अमर उजाला ब्यूरो एटा
Updated Mon, 21 Mar 2016 11:21 PM IST
विज्ञापन
वित्त मंत्री की निकाली प्रतीकात्मक अर्थी
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सराफा व्यवसायियों को ज्वैलरी पर एक प्रतिशत उत्पाद शुल्क लगाए जाने के विरोध में आंदोलन जारी है। सोमवार को सराफा व्यवसायियों ने बाजार बंद रखकर वित्त मंत्री की प्रतीकात्मक अर्थी निकाली। कहा कि उत्पाद शुल्क न हटाए जाने तक आंदोलन जारी रहेगा।
सोमवार को बाजार बंद कर संता-बसंता चौराहा से सराफा व्यवसायियों ने वित्त मंत्री अरुण जेटली की प्रतीकात्मक अर्थी निकाली। जिसे बाजार में घुमाया गया। बाद में पुन: संता बसंता चौराहा पर पहुंचकर बैठक की। लव वर्मा ने कहा कि सराफा व्यवसायी पिछले 20 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं। केंद्र सरकार और वित्त मंत्री कोई सुनवाई नहीं कर रहे। अब वह लोग भी पीछे नहीं हटेंगे। सराफा व्यवसायी उत्पाद शुल्क वापस न होने पर आंदोलन जारी रखेंगे।
मनोज वर्मा ने कहा कि उत्पाद शुल्क वापस लेने के बारे में केंद्र सरकार ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है। ऐसा लग रहा है कि सरकार को सराफा व्यवसायियों की कोई चिंता नहीं है। सरकार को यह सोचना चाहिए। बैठक में हिमांशु वर्मा, विमलेश, ज्ञान गुप्ता, कृष्ण कुमार पांडेय, विनय पंडित, छोटू, अंकित, अंकुर वर्मा, पंकज वर्मा आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
सोमवार को बाजार बंद कर संता-बसंता चौराहा से सराफा व्यवसायियों ने वित्त मंत्री अरुण जेटली की प्रतीकात्मक अर्थी निकाली। जिसे बाजार में घुमाया गया। बाद में पुन: संता बसंता चौराहा पर पहुंचकर बैठक की। लव वर्मा ने कहा कि सराफा व्यवसायी पिछले 20 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं। केंद्र सरकार और वित्त मंत्री कोई सुनवाई नहीं कर रहे। अब वह लोग भी पीछे नहीं हटेंगे। सराफा व्यवसायी उत्पाद शुल्क वापस न होने पर आंदोलन जारी रखेंगे।
विज्ञापन
मनोज वर्मा ने कहा कि उत्पाद शुल्क वापस लेने के बारे में केंद्र सरकार ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है। ऐसा लग रहा है कि सरकार को सराफा व्यवसायियों की कोई चिंता नहीं है। सरकार को यह सोचना चाहिए। बैठक में हिमांशु वर्मा, विमलेश, ज्ञान गुप्ता, कृष्ण कुमार पांडेय, विनय पंडित, छोटू, अंकित, अंकुर वर्मा, पंकज वर्मा आदि मौजूद थे।
विज्ञापन