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पारा 43 के पार, गर्मी से हाल बेहाल
अमर उजाला ब्यूरो मैनपुरी।
Updated Sat, 13 May 2017 11:04 PM IST
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पारा 43 के पार, गर्मी से हाल बेहाल
- फोटो : Impact of people's health, saving people from heat to save
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पिछले कई दिनों से आग उगलती गर्मी में सभी का बुरा हाल है। शनिवार को तो हद ही हो गई। सुबह आठ बजे से ही सूरज की तपिश के चलते लोग बेहाल नजर आए। अधिकतम तापमान भी बढ़कर 43.5 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। जबकि न्यूनतम तापमान 28.2 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।
पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी व लू से लोग बेहाल हैं। वहीं बिजली पानी की किल्लत भी लोगों को परेशान किए है। जिले में तालाब सूख चले हैं। कई इलाकों में हैंडपंप जवाब देने लगे हैं। बरनाहल, करहल, सुल्तानगंज क्षेत्र के कई ग्रामोें के लोग पीने के पानी के लिए सार्वजनिक हैंडपंपों पर ही आश्रित हैं। शनिवार सुबह से ही सूरज आग उगलने लगा। गर्म हवाओं ने लोगों का सड़कों पर निकलना मुश्किल कर दिया है। आलम यह था कि दोपहर होने से पूर्व ही बाजार ही नहीं बल्कि अधिकांश सड़कों पर सन्नाटा सा पसर गया था।
प्रतिदिन पीएं सात लीटर पानी
जिला अस्पताल के फिजीशियन डाक्टर जेजे राम ने बताया कि गर्मी में बुखार के साथ थकान रहना, बार-बार जुबान सूखना, बुखार तेज होने पर पसीना न आना घातक स्थिति का संकेत है। बेहोशी और मांसपेशियों में कमजोरी के कारण अंगों का शिथिल होना हीट स्ट्रोक के लक्षण होते हैं। गर्मी में होने वाले ऐसे रोगों से बचाव के लिए दिन भर में कम से कम सात लीटर पानी पीना जरूरी है। दिन में दो से चार बार नमक और चीनी के घोल का सेवन करना चाहिए।
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पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी व लू से लोग बेहाल हैं। वहीं बिजली पानी की किल्लत भी लोगों को परेशान किए है। जिले में तालाब सूख चले हैं। कई इलाकों में हैंडपंप जवाब देने लगे हैं। बरनाहल, करहल, सुल्तानगंज क्षेत्र के कई ग्रामोें के लोग पीने के पानी के लिए सार्वजनिक हैंडपंपों पर ही आश्रित हैं। शनिवार सुबह से ही सूरज आग उगलने लगा। गर्म हवाओं ने लोगों का सड़कों पर निकलना मुश्किल कर दिया है। आलम यह था कि दोपहर होने से पूर्व ही बाजार ही नहीं बल्कि अधिकांश सड़कों पर सन्नाटा सा पसर गया था।
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प्रतिदिन पीएं सात लीटर पानी
जिला अस्पताल के फिजीशियन डाक्टर जेजे राम ने बताया कि गर्मी में बुखार के साथ थकान रहना, बार-बार जुबान सूखना, बुखार तेज होने पर पसीना न आना घातक स्थिति का संकेत है। बेहोशी और मांसपेशियों में कमजोरी के कारण अंगों का शिथिल होना हीट स्ट्रोक के लक्षण होते हैं। गर्मी में होने वाले ऐसे रोगों से बचाव के लिए दिन भर में कम से कम सात लीटर पानी पीना जरूरी है। दिन में दो से चार बार नमक और चीनी के घोल का सेवन करना चाहिए।
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