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Mainpuri News: सेवानिवृत्त होने के बाद भी नहीं छूटा कुर्सी का मोह...
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फोटो10 बुधवार को कार्यालय में कामकाज निपटाते सेवानिवृत्त कर्मी। संवाद
मैनपुरी। कुर्सी का मोह ऐसा ही कि सेवानिवृत्त होने के बाद भी पशुपालन विभाग के लेखाकार कब्जा जमाए हुए हैं। सात माह पूर्व भव्य तरीके से उनकी विदाई की गई थी, मगर अभी वह लेखाकार के महत्वपूर्ण पद का चार्ज संभालते नजर आते हैं। विभागीय अधिकारियों की साठ-गांठ से यह खेल लगातार जारी है, अन्य कर्मियों में सुगबुगाहट है, मगर रसूख के आगे कोई कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है।
विकास भवन के प्रथम तल पर स्थित पशुपालन विभाग का कार्यालय बाहर से सामान्य दिखता है, मगर इसके अंदर विभागीय अधिकारियों की मिली भगत से बड़ा खेल चल रहा है। जो कर्मी सात माह पूर्व ही सेवानिवृत्त होकर पेंशन भी जा चुका है, एक भव्य समारोह में उसकी विदाई भी हो चुकी है, वह पूर्व लेखाकार किरनपाल सिंह अभी भी कुर्सी से चिपके हुए हैं। सात माह पूर्व यह विभाग में आने वाले बजट आदि सभी महत्वपूर्ण कार्याें को निपटाया करते थे, मगर उम्र के साथ ही इनका कार्यकाल पूरा हो गया और सेवाकाल खत्म हो गया।
मगर, रसूख ऐसा है कि विभाग के अधिकारी न जाने क्यों इनको काम से मुक्त ही नहीं होने देना चाहते। तभी तो सात माह से लगातार लेखाकार के गोपनीय व महत्वपूर्ण पद की सभी जिम्मेदारी बदस्तूर निभाते आ रहे हैं, विभागीय जानकारी के अनुसार सेवानिवृत्त होने के बाद किरनपाल की जगह लेखाकार के पद पर कर्मी की नियुक्ति हो चुकी है। मगर, वह अपने चार्ज के अतिरिक्त अन्य कार्य संपादित करते रहते हैं। लेखाकार के पद को सारा कामकाज अभी किरनपाल के हाथ में है। ये मिली भगत का खेल आखिर क्यों खेला जा रहा है, यह तो विभाग के अधिकारी ही बता सकते हैं।
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सरकारी आवास पर भी है कब्जा
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सेवानिवृत्त होने के बाद भी अभी तक सरकारी आवास पर इन्हीं का ताला पड़ा हुआ है, जबकि सेवानिवृत्त होने के बाद सरकारी आवास खाली करना होता है, इन सब पर विभागीय अधिकारियों की चुप्पी के पीछे क्या वजह है, यह तो जांच के बाद ही पता लग सकेगा। आखिर क्यों एक सेवानिवृत्त हो चुका कर्मी, आज भी विभाग में महत्वपूर्ण पद संभाले हुए है।
जिनको लेखाकार का चार्ज दिया गया है, उनको अभी कार्य संंबंधी जानकारी नहीं है। जिस वजह से किरनपाल से सहयोग लिया जा रहा है। लेखाकार की कमी के चलते उनसे कार्य कराया जा रहा है।
सोमदत्त सिंह, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी
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विकास भवन के प्रथम तल पर स्थित पशुपालन विभाग का कार्यालय बाहर से सामान्य दिखता है, मगर इसके अंदर विभागीय अधिकारियों की मिली भगत से बड़ा खेल चल रहा है। जो कर्मी सात माह पूर्व ही सेवानिवृत्त होकर पेंशन भी जा चुका है, एक भव्य समारोह में उसकी विदाई भी हो चुकी है, वह पूर्व लेखाकार किरनपाल सिंह अभी भी कुर्सी से चिपके हुए हैं। सात माह पूर्व यह विभाग में आने वाले बजट आदि सभी महत्वपूर्ण कार्याें को निपटाया करते थे, मगर उम्र के साथ ही इनका कार्यकाल पूरा हो गया और सेवाकाल खत्म हो गया।
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मगर, रसूख ऐसा है कि विभाग के अधिकारी न जाने क्यों इनको काम से मुक्त ही नहीं होने देना चाहते। तभी तो सात माह से लगातार लेखाकार के गोपनीय व महत्वपूर्ण पद की सभी जिम्मेदारी बदस्तूर निभाते आ रहे हैं, विभागीय जानकारी के अनुसार सेवानिवृत्त होने के बाद किरनपाल की जगह लेखाकार के पद पर कर्मी की नियुक्ति हो चुकी है। मगर, वह अपने चार्ज के अतिरिक्त अन्य कार्य संपादित करते रहते हैं। लेखाकार के पद को सारा कामकाज अभी किरनपाल के हाथ में है। ये मिली भगत का खेल आखिर क्यों खेला जा रहा है, यह तो विभाग के अधिकारी ही बता सकते हैं।
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सरकारी आवास पर भी है कब्जा
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सेवानिवृत्त होने के बाद भी अभी तक सरकारी आवास पर इन्हीं का ताला पड़ा हुआ है, जबकि सेवानिवृत्त होने के बाद सरकारी आवास खाली करना होता है, इन सब पर विभागीय अधिकारियों की चुप्पी के पीछे क्या वजह है, यह तो जांच के बाद ही पता लग सकेगा। आखिर क्यों एक सेवानिवृत्त हो चुका कर्मी, आज भी विभाग में महत्वपूर्ण पद संभाले हुए है।
जिनको लेखाकार का चार्ज दिया गया है, उनको अभी कार्य संंबंधी जानकारी नहीं है। जिस वजह से किरनपाल से सहयोग लिया जा रहा है। लेखाकार की कमी के चलते उनसे कार्य कराया जा रहा है।
सोमदत्त सिंह, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी

फोटो10 बुधवार को कार्यालय में कामकाज निपटाते सेवानिवृत्त कर्मी। संवाद