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Mainpuri News: परिषदीय विद्यालयों में 1 जुलाई से शुरू होगा रीडिंग आवर अभियान
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फोटो 10 बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय। संवाद
मैनपुरी। मैनपुरी के परिषदीय विद्यालयों में एक जुलाई से रीडिंग आवर और ड्रॉप एवरीथिंग एंड रीड (डीईएआर) अभियान शुरू होगा। इसका उद्देश्य छात्र-छात्राओं की शैक्षणिक दक्षता बढ़ाना है। इस अभियान से बच्चों में पढ़ने की आदत विकसित होगी और उनकी भाषा क्षमता मजबूत होगी। यह पहल जिले के 1909 विद्यालयों में करीब 1.37 लाख विद्यार्थियों को लाभ पहुंचाएगी। शैक्षिक सत्र 2026-27 से इसे प्रभावी ढंग से लागू करने की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
अभियान का मुख्य लक्ष्य बच्चों में तार्किक सोच, संवाद कौशल और रचनात्मक अभिव्यक्ति को मजबूत करना है। सरकारी स्कूलों में शिक्षा को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रखा जाएगा। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों के समग्र विकास को बढ़ावा देना है। शासन स्तर पर इसके लिए विभिन्न प्रयास किए जा रहे हैं। रीडिंग आवर और डीईएआर अभियान के तहत स्कूल खुलने के बाद कई गतिविधियां होंगी। इनमें लेखन प्रतियोगिता, पुस्तक समीक्षा और समाचार आधारित लेखन शामिल हैं। इन गतिविधियों से छात्र-छात्राओं की अभिव्यक्ति क्षमता सुदृढ़ होगी।
जनपद के 1909 परिषदीय विद्यालयों में अभियान को लागू किया जाएगा। इन विद्यालयों में करीब 1.37 लाख छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। बेसिक शिक्षा अधिकारी दीपिका गुप्ता के अनुसार, एक जुलाई से अभियान प्रभावी होगा। जिला समन्वयक प्रशिक्षण को एक जून को लखनऊ बुलाया गया है। वहां उन्हें अभियान के कार्यक्रमों और गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी जाएगी।
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विद्यार्थियों को मिलेगा चैंपियन रीडर ऑफ द ईयर पुरस्कार
अभियान के तहत सुपर-20 (प्राथमिक स्तर) और सुपर-30 (उच्च प्राथमिक स्तर) रीडिंग चैलेंज के तहत निर्धारित संख्या में पुस्तकें पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया जाएगा। सबसे अधिक पुस्तकें पढ़ने वाले छात्र-छात्रा को चैंपियन रीडर ऑफ द ईयर के प्रतिष्ठित पुरस्कार से नवाजा जाएगा। यह पहल बच्चों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना को भी बढ़ावा देगी।
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अभियान का मुख्य लक्ष्य बच्चों में तार्किक सोच, संवाद कौशल और रचनात्मक अभिव्यक्ति को मजबूत करना है। सरकारी स्कूलों में शिक्षा को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रखा जाएगा। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों के समग्र विकास को बढ़ावा देना है। शासन स्तर पर इसके लिए विभिन्न प्रयास किए जा रहे हैं। रीडिंग आवर और डीईएआर अभियान के तहत स्कूल खुलने के बाद कई गतिविधियां होंगी। इनमें लेखन प्रतियोगिता, पुस्तक समीक्षा और समाचार आधारित लेखन शामिल हैं। इन गतिविधियों से छात्र-छात्राओं की अभिव्यक्ति क्षमता सुदृढ़ होगी।
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जनपद के 1909 परिषदीय विद्यालयों में अभियान को लागू किया जाएगा। इन विद्यालयों में करीब 1.37 लाख छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। बेसिक शिक्षा अधिकारी दीपिका गुप्ता के अनुसार, एक जुलाई से अभियान प्रभावी होगा। जिला समन्वयक प्रशिक्षण को एक जून को लखनऊ बुलाया गया है। वहां उन्हें अभियान के कार्यक्रमों और गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी जाएगी।
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विद्यार्थियों को मिलेगा चैंपियन रीडर ऑफ द ईयर पुरस्कार
अभियान के तहत सुपर-20 (प्राथमिक स्तर) और सुपर-30 (उच्च प्राथमिक स्तर) रीडिंग चैलेंज के तहत निर्धारित संख्या में पुस्तकें पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया जाएगा। सबसे अधिक पुस्तकें पढ़ने वाले छात्र-छात्रा को चैंपियन रीडर ऑफ द ईयर के प्रतिष्ठित पुरस्कार से नवाजा जाएगा। यह पहल बच्चों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना को भी बढ़ावा देगी।