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महायज्ञ, भागवत कथा पूर्व निकाली कलश यात्रा
अमर उजाला ब्यूरो मैनपुरी।
Updated Sat, 20 May 2017 11:19 PM IST
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महायज्ञ, भागवत कथा पूर्व निकाली कलश यात्रा
- फोटो : अमर उजाला
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मां ज्वालादेवी शक्तिपीठ विदुर आश्रम रसूलाबाद में ब्रह्मलीन संत योगेश्वरानंद की प्रथम पुण्यतिथि पर शतचंडी पंचकुंडीय महायज्ञ, श्रीमद्भागवत कथा चलेगी। इससे पूर्व आश्रम से कलश यात्रा निकाली गई।
कलश यात्रा से पूर्व यज्ञाचार्य अनिरुद्ध त्रिपाठी द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण से पूजन करवाया। कलश यात्रा में महिलाएं पीत वस्त्र पहने सिर पर कलश धारण कर चल रही थीं। दर्जनों ट्रैक्टर पर सवार महिला पुरुष यात्रा में शामिल रहे। नगर में कई स्थानों पर कलश यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं को जलपान करवाया गया। कलश यात्रा में कमलेश दुबे, पंकज दीक्षित, सत्यप्रकाश दुबे, रवेंद्र मिश्रा, प्रवीण दुबे, श्यामलाल शर्मा, तनू तिवारी, ब्रजेश तिवारी, गगन तिवारी, प्रभाष मिश्रा, विनय मिश्रा आदि शामिल रहे। 20 मई को प्रात: पंडित अनिरुद्ध त्रिपाठी यज्ञ कार्यक्रम संपन्न कराएंगे।
आश्रम महंत स्वामी कुमारानंद गिरि ने बताया कि 20 मई को श्री अरनी मंथन वेदपाठ का आयोजन सुबह पांच से सात बजे तक होगा। शतचंडी महायज्ञ का शुभारंभ सात बजे से दोपहर एक बजे तक संत प्रवचन और सत्संग, एक बजे से शाम छह बजे तक कथा व्यास महामंडलेश्वर स्वामी अनंत देव गिरि द्वारा श्रीमद्भागवत कथा में प्रवचन किए जाएंगे। रात्रि में प्रतिदिन रासलीला का आयोजन होगा।
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संत लोगाें के डूबते बेड़े को पार लगा देते हैं
भदावर हाउस के पास चल रही स्थिति श्रीमद्भागवत कथा में कथावाचक राजेश प्रसाद अग्निहोत्री ने कहा ने कि प्रात: जागरण जैसा होता है, वैसा पूरा दिन गुजरता है। जागरण के समय को भगवन्मय बना लिया तो पूरा दिन आनंदमय बन जाएगा।
उन्होंने कहा कि एक संत हजारों असंत को संत बना सकते हैं, लेकिन हजारों संसारी मिलकर भी एक संत नहीं बना सकते हैं। एक संत कई लोगों के डूबते बेड़े को तार सकते हैं। उन्होंने कहा कि उपासना से परोक्ष ईश्वर की प्राप्ति हो सकती है। परीक्षित बलवीर सिंह, सरला चौहान, विनय सक्सेना, कृष्ण गोपाल सिंह, जितेंद्र सिंह, राजीव चौहान, जयवीर सिंह, देवेंद्र सिंह, अंजू भदौरिया, अंजलि सक्सेना, उर्मिला देवी, प्रवीन कुमार दीक्षित, करन सिंह, हरिगोविंद, कौशलेंद्र सिंह, अनिल चौहान आदि का सहयोग सराहनीय रहा।
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कलश यात्रा से पूर्व यज्ञाचार्य अनिरुद्ध त्रिपाठी द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण से पूजन करवाया। कलश यात्रा में महिलाएं पीत वस्त्र पहने सिर पर कलश धारण कर चल रही थीं। दर्जनों ट्रैक्टर पर सवार महिला पुरुष यात्रा में शामिल रहे। नगर में कई स्थानों पर कलश यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं को जलपान करवाया गया। कलश यात्रा में कमलेश दुबे, पंकज दीक्षित, सत्यप्रकाश दुबे, रवेंद्र मिश्रा, प्रवीण दुबे, श्यामलाल शर्मा, तनू तिवारी, ब्रजेश तिवारी, गगन तिवारी, प्रभाष मिश्रा, विनय मिश्रा आदि शामिल रहे। 20 मई को प्रात: पंडित अनिरुद्ध त्रिपाठी यज्ञ कार्यक्रम संपन्न कराएंगे।
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आश्रम महंत स्वामी कुमारानंद गिरि ने बताया कि 20 मई को श्री अरनी मंथन वेदपाठ का आयोजन सुबह पांच से सात बजे तक होगा। शतचंडी महायज्ञ का शुभारंभ सात बजे से दोपहर एक बजे तक संत प्रवचन और सत्संग, एक बजे से शाम छह बजे तक कथा व्यास महामंडलेश्वर स्वामी अनंत देव गिरि द्वारा श्रीमद्भागवत कथा में प्रवचन किए जाएंगे। रात्रि में प्रतिदिन रासलीला का आयोजन होगा।
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संत लोगाें के डूबते बेड़े को पार लगा देते हैं
भदावर हाउस के पास चल रही स्थिति श्रीमद्भागवत कथा में कथावाचक राजेश प्रसाद अग्निहोत्री ने कहा ने कि प्रात: जागरण जैसा होता है, वैसा पूरा दिन गुजरता है। जागरण के समय को भगवन्मय बना लिया तो पूरा दिन आनंदमय बन जाएगा।
उन्होंने कहा कि एक संत हजारों असंत को संत बना सकते हैं, लेकिन हजारों संसारी मिलकर भी एक संत नहीं बना सकते हैं। एक संत कई लोगों के डूबते बेड़े को तार सकते हैं। उन्होंने कहा कि उपासना से परोक्ष ईश्वर की प्राप्ति हो सकती है। परीक्षित बलवीर सिंह, सरला चौहान, विनय सक्सेना, कृष्ण गोपाल सिंह, जितेंद्र सिंह, राजीव चौहान, जयवीर सिंह, देवेंद्र सिंह, अंजू भदौरिया, अंजलि सक्सेना, उर्मिला देवी, प्रवीन कुमार दीक्षित, करन सिंह, हरिगोविंद, कौशलेंद्र सिंह, अनिल चौहान आदि का सहयोग सराहनीय रहा।