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लक्ष्य से काफी पीछे चल रहा काम
अमर उजाला ब्यूरो मैनपुरी
Updated Mon, 19 Dec 2016 11:49 PM IST
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एक्सप्रेसवे पर होता काम
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सीएम अखिलेश यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे के करहल क्षेत्र में निर्माण का कार्य निर्धारित समय से काफी पीछे चल रहा है। आलम यह है कि जो काम 21 नवंबर को पूरा हो जाना चाहिए था वह 21 दिसंबर तक पूरा होता नहीं दिख रहा है। हालांकि कार्यदायी संस्था के अधिकारियों का कहना है कि 23 दिसंबर तक एक्सप्रेसवे को दोपहिया वाहनों के लिए खोल दिया जाएगा।
जिले में करहल तहसील से होकर 15 किमी क्षेत्र में ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे गुजर रहा है। क्षेत्र में मार्ग के निर्माण की जिम्मेदारी एफकॉन्स कंपनी के जिम्मे है। शासन के कंपनी को लक्ष्य दिया गया था कि वह 21 नवंबर तक उक्त क्षेत्र में निर्माण कार्य पूरा कर ले। इस समय सीमा को निकले लगभग एक माह होने को आया लेकिन तीन पुल के अलावा कई स्थानों पर अभी भी निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है। इनमें करहल में बन रहा इंटरचेंज का कार्य भी शामिल है। इंटरचेंज पर अभी सिर्फ मिट्टी भराव का कार्य ही हुआ है। इसके चलते इस पर से भारी वाहन न तो उतर सकते हैं और न ही चढ़ सकते हैं।
निर्माणाधीन कंपनी के अधिकारियों के अनुसार आगामी 23 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की जयंती के दिन को दो पहिया वाहनों के आवागमन के लिए मार्ग को खोल दिये जाने का प्रयास किया जा रहा है।
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उनका कहना है कि करहल क्षेत्र में मार्ग का निर्माण कार्य पूरा करने के लिए 24 घंटे कार्य चल रहा है। क्षेत्र में बनने वाले तीनों पुलों को दुरुस्त करने का काम भी तेजी पर मार्ग से जुड़े अधिकारी एके राय ने बताया कि करहल क्षेत्र में कार्य को पूरा करने में देरी जरूर लग रही है। लेकिन अब यह तकरीबन कंपलीट हो गया है। कोशिश तो सीएम अखिलेश यादव की बताई गई 23 दिसंबर की तारीख तक ही इसे चालू करने है।
साथ ही वह यह भी कहते हैं कि यदि ऐसा नहीं हो पाया तो दो पहिया वाहनों के लिए यह जरूर उस दिन खोल दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सर्दी के मौसम के चलते निर्माण कार्य की गति पर प्रभाव पड़ा है।
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जिले में करहल तहसील से होकर 15 किमी क्षेत्र में ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे गुजर रहा है। क्षेत्र में मार्ग के निर्माण की जिम्मेदारी एफकॉन्स कंपनी के जिम्मे है। शासन के कंपनी को लक्ष्य दिया गया था कि वह 21 नवंबर तक उक्त क्षेत्र में निर्माण कार्य पूरा कर ले। इस समय सीमा को निकले लगभग एक माह होने को आया लेकिन तीन पुल के अलावा कई स्थानों पर अभी भी निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है। इनमें करहल में बन रहा इंटरचेंज का कार्य भी शामिल है। इंटरचेंज पर अभी सिर्फ मिट्टी भराव का कार्य ही हुआ है। इसके चलते इस पर से भारी वाहन न तो उतर सकते हैं और न ही चढ़ सकते हैं।
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निर्माणाधीन कंपनी के अधिकारियों के अनुसार आगामी 23 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की जयंती के दिन को दो पहिया वाहनों के आवागमन के लिए मार्ग को खोल दिये जाने का प्रयास किया जा रहा है।
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उनका कहना है कि करहल क्षेत्र में मार्ग का निर्माण कार्य पूरा करने के लिए 24 घंटे कार्य चल रहा है। क्षेत्र में बनने वाले तीनों पुलों को दुरुस्त करने का काम भी तेजी पर मार्ग से जुड़े अधिकारी एके राय ने बताया कि करहल क्षेत्र में कार्य को पूरा करने में देरी जरूर लग रही है। लेकिन अब यह तकरीबन कंपलीट हो गया है। कोशिश तो सीएम अखिलेश यादव की बताई गई 23 दिसंबर की तारीख तक ही इसे चालू करने है।
साथ ही वह यह भी कहते हैं कि यदि ऐसा नहीं हो पाया तो दो पहिया वाहनों के लिए यह जरूर उस दिन खोल दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सर्दी के मौसम के चलते निर्माण कार्य की गति पर प्रभाव पड़ा है।