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कुत्ता काटे तो न जाएं जिला अस्पताल
अमर उजाला ब्यूरो मैनपुरी
Updated Mon, 13 Feb 2017 11:36 PM IST
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अस्पताल में लगी लाइन
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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जिला अस्पताल, प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर एंटी रैबीज इंजेक्शन ही नहीं हैं। हर रोज करीब डेढ़ से दो सौ मरीज अस्पताल से लौट रहे हैं। स्टाक खत्म हुए कई दिन हो गए। सीएमएस का कहना है इसके लिए बजट नहीं मिला है इसलिए कमी हो गई है।
दन्नाहार थाना क्षेत्र के गांव बटरौली निवासी गंगादेवी (65) को कुत्ते ने काट लिया। उनके पुत्र कुलदीप सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर उन्हें एआरबी लगाने के लिए गए। कुलदीप ने बताया कि यहां डाक्टरों ने जिला अस्पताल रेफर किया। वह अपनी मां को जिला अस्पताल लेकर आए यहां कुत्ता काटने के इंजेक्शन न होने की बात बताई। इसके चलते वह बाहर से 350 रुपये का इंजेक्शन लगवाया। जिला अस्पताल में हर रोज 150-200 रोगी पहुंच रहे हैं। लेकिन उन्हें इंजेक्शन नहीं मिल रहा है। रोगियों को बाहर से लाकर लगवानी पड़ रही है। जबकि सीएमओ डा. रामकिशन का कहना है कि स्वास्थ्य केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में एंटी रैबीज हैं। इसके बाद भी नहीं लगाए जा रहे हैं। इसकी वह जांच कराएंगे। तो वहीं कुछ लोगों का कहना है एआरबी ब्लैक किए जा रहे हैं इससे कमी आई है।
यह बरतें सावधानी
- कुत्ते के काटने के तुरंत बाद शरीर के जिस भाग पर कुत्ते ने काटा है उसे पानी से साफ कर लें।
- खून को बहने से रोकने के लिए उस पर कपड़ा बांध लें।
- कुत्ता काटने के बाद तत्काल चिकित्सक के पास जाकर एंटी रैबीज लगवा लें।
- तत्काल चिकित्सक न मिलने के चलते प्याज के रस और शहद का प्रयोग भी कर सकते हैं।
- लाल मिर्च का प्रयोग भी कुत्ते के काटने पर किया जा सकता हैं।
जिला अस्पताल में हर रोज 200-250 रोगी एंटी रैबीज लगवाने पहुंच रहे हैं। वह दो जगह से भी इंजेक्शन मंगा चुके हैं। वह खत्म हो गए। इसके बाद वह दो बार सीएमओ को पत्र भेज चुके हैं। बजट आने में देरी के चलते एआरबी नहीं आ पा रही है। इससे रोगियों को परेशानी हो रही है।
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- डा. एके उपाध्याय, सीएमएस, जिला अस्पताल
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दन्नाहार थाना क्षेत्र के गांव बटरौली निवासी गंगादेवी (65) को कुत्ते ने काट लिया। उनके पुत्र कुलदीप सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर उन्हें एआरबी लगाने के लिए गए। कुलदीप ने बताया कि यहां डाक्टरों ने जिला अस्पताल रेफर किया। वह अपनी मां को जिला अस्पताल लेकर आए यहां कुत्ता काटने के इंजेक्शन न होने की बात बताई। इसके चलते वह बाहर से 350 रुपये का इंजेक्शन लगवाया। जिला अस्पताल में हर रोज 150-200 रोगी पहुंच रहे हैं। लेकिन उन्हें इंजेक्शन नहीं मिल रहा है। रोगियों को बाहर से लाकर लगवानी पड़ रही है। जबकि सीएमओ डा. रामकिशन का कहना है कि स्वास्थ्य केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में एंटी रैबीज हैं। इसके बाद भी नहीं लगाए जा रहे हैं। इसकी वह जांच कराएंगे। तो वहीं कुछ लोगों का कहना है एआरबी ब्लैक किए जा रहे हैं इससे कमी आई है।
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यह बरतें सावधानी
- कुत्ते के काटने के तुरंत बाद शरीर के जिस भाग पर कुत्ते ने काटा है उसे पानी से साफ कर लें।
- खून को बहने से रोकने के लिए उस पर कपड़ा बांध लें।
- कुत्ता काटने के बाद तत्काल चिकित्सक के पास जाकर एंटी रैबीज लगवा लें।
- तत्काल चिकित्सक न मिलने के चलते प्याज के रस और शहद का प्रयोग भी कर सकते हैं।
- लाल मिर्च का प्रयोग भी कुत्ते के काटने पर किया जा सकता हैं।
जिला अस्पताल में हर रोज 200-250 रोगी एंटी रैबीज लगवाने पहुंच रहे हैं। वह दो जगह से भी इंजेक्शन मंगा चुके हैं। वह खत्म हो गए। इसके बाद वह दो बार सीएमओ को पत्र भेज चुके हैं। बजट आने में देरी के चलते एआरबी नहीं आ पा रही है। इससे रोगियों को परेशानी हो रही है।
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- डा. एके उपाध्याय, सीएमएस, जिला अस्पताल