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किचिन में भरी किताबें, बच्चे भी दूध से वंचित
अमर उजाला ब्यूरो, मैनपुरी
Updated Wed, 04 May 2016 11:05 PM IST
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निरीक्षण
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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डीसी एमडीएम ने किशनी विकास खंड के दस परिषदीय विद्यालयों का बुधवार को निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हें तीन स्कूलों में एमडीएम बंद मिला तो दो स्कूलों पर ताला लगा था। इस पर उन्होंने कार्रवाई की संस्तुति करते हुए निरीक्षण आख्या प्रभारी बीएसए को सौंपी है।
डीसी एमडीएम नितिन भार्गव सबसे पहले प्राथमिक विद्यालय मधनापुर वकतरिया पहुंचे। यहां उन्हें पंजीकृत 99 बच्चों में मात्र 12 बच्चे मिले। साथ ही एमडीएम भी बंद मिला। बच्चों ने बताया कि उन्हें दूध भी नहीं मिला है। खाद्यान्न का रखरखाव भी सही नहीं था। किचिन में किताबें भरी हुई थीं। वहीं एमडीएम और उपस्थिति रजिस्टर के कॉलम में खाली छोड़े गए थे। इस पर प्रधानाध्यापक रविकुमार, सहायक गोपाल को फटकार लगाई।
इसके बाद वह प्राथमिक विद्यालय रामनगर पहुंचे। यहां पर प्रधानाध्यापक अवकाश पर थे। सुबह 11:12 बजे तक एमडीएम नहीं बना था। मौके पर 90 बच्चों में से मात्र आठ ही थे। बच्चों ने बताया कि आज भोजन नहीं मिला। एमडीएम और उपस्थित रजिस्टर खाली छोड़ा गया था। ताकि छुट्टी के बाद भर सकें । वहीं प्राथमिक विद्यालय जिरौली बंद मिला। वहां तैनात रसोइया मंजू ने बताया कि चार-पांच दिन से एमडीएम नहीं बना है। साथ ही सात माह से उसे भी मानदेय नहीं दिया गया है।
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वहीं प्रावि नगला दुगाई में पंजीकृत 27 के सापेक्ष एक भी नहीं मिला। साथ ही यहां एमडीएम नहीं बना था। प्रधानाध्यापक उमेश सिंह ने बताया कि बच्चे नहीं आए थे इसलिए नहीं बना। वहीं प्रावि दाउदपुर बंद मिला। इसके अलावा उच्च प्रावि सकरामपुर, प्रावि और उच्च प्रावि ऊंचा इस्लामाबाद, प्रावि नगला देवी आदि में व्यवस्थाएं मानक के अनुरूप थीं, लेकिन छात्र संख्या कम थी।
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डीसी एमडीएम नितिन भार्गव सबसे पहले प्राथमिक विद्यालय मधनापुर वकतरिया पहुंचे। यहां उन्हें पंजीकृत 99 बच्चों में मात्र 12 बच्चे मिले। साथ ही एमडीएम भी बंद मिला। बच्चों ने बताया कि उन्हें दूध भी नहीं मिला है। खाद्यान्न का रखरखाव भी सही नहीं था। किचिन में किताबें भरी हुई थीं। वहीं एमडीएम और उपस्थिति रजिस्टर के कॉलम में खाली छोड़े गए थे। इस पर प्रधानाध्यापक रविकुमार, सहायक गोपाल को फटकार लगाई।
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इसके बाद वह प्राथमिक विद्यालय रामनगर पहुंचे। यहां पर प्रधानाध्यापक अवकाश पर थे। सुबह 11:12 बजे तक एमडीएम नहीं बना था। मौके पर 90 बच्चों में से मात्र आठ ही थे। बच्चों ने बताया कि आज भोजन नहीं मिला। एमडीएम और उपस्थित रजिस्टर खाली छोड़ा गया था। ताकि छुट्टी के बाद भर सकें । वहीं प्राथमिक विद्यालय जिरौली बंद मिला। वहां तैनात रसोइया मंजू ने बताया कि चार-पांच दिन से एमडीएम नहीं बना है। साथ ही सात माह से उसे भी मानदेय नहीं दिया गया है।
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वहीं प्रावि नगला दुगाई में पंजीकृत 27 के सापेक्ष एक भी नहीं मिला। साथ ही यहां एमडीएम नहीं बना था। प्रधानाध्यापक उमेश सिंह ने बताया कि बच्चे नहीं आए थे इसलिए नहीं बना। वहीं प्रावि दाउदपुर बंद मिला। इसके अलावा उच्च प्रावि सकरामपुर, प्रावि और उच्च प्रावि ऊंचा इस्लामाबाद, प्रावि नगला देवी आदि में व्यवस्थाएं मानक के अनुरूप थीं, लेकिन छात्र संख्या कम थी।