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कर्पूरी ठाकुर को याद कर दी श्रद्धांजलि
अमर उजाला ब्यूरो मैनपुरी
Updated Tue, 24 Jan 2017 11:31 PM IST
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कर्पूरी ठाकुर को याद कर दी श्रद्धांजलि
- फोटो : अमर उजाला
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कुरावली रोड स्थिति डा. किरन सौजिया सीनियर सेकेंडरी एजूकेशनल एकेडमी में कर्पूरी ठाकुर की 92वीं जयंती मनाई गई।
शुभारंभ प्रबंध निदेशक व प्रधानाचार्य ने बच्चों के साथ कर्पूरी ठाकुर के चित्र पर माल्यार्पण व पुष्पांजलि अर्पित कर किया। प्रबंध निदेशक अशोक यादव ने कहा कि वो देश के पहले मुख्यमंत्री थे, जिन्होंने अपने राज्य में मैट्रिक तक मुफ्त पढ़ाई की घोषणा की थी। उन्होंने राज्य में उर्दू को दूसरी राजकीय भाषा का दर्जा देने का काम किया था। मुख्यमंत्री के तौर पर महज ढाई साल के वक्त में गरीबों के लिए उनकी कोशिशों की खासी सराहना हुई। प्रधानाचार्य देवकी नंदन खारिया ने बच्चों से कहा कि कर्पूरी ठाकुर ने मुख्यमंत्री पर रहते हुए कई मिशालें दी। इस अवसर पर बच्चों ने विभिन्न कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दी। इसमें फैंसी ड्रेस सुलेख और वाद-विवाद प्रतियोगिताएं हुईं। विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं सहित बच्चों के अभिभावकों ने भी कर्पूरी ठाकुर को श्रद्धांजलि दी।
कुरावली में एक मैरिज होम में जननायक कर्पूरी ठाकुर की जयंती धूमधाम के साथ मनाई गई। अच्छेश श्रीवास्तव ने बताया कि बिहार के जिला समस्तीपुर के ग्राम पितौजिया (कर्पूरी) में किसान परिवार में जन्मे जन नायक कर्पूरी ठाकुर द्वारा गरीब, पिछड़ों के विकास के लिए काम किए गए। कर्पूरी ठाकुर बिहार प्रांत के दो बार मुख्यमंत्री रहे। अध्यक्षता कर रहे बाबा सुदामा ने की। उन्होंने कहा कर्पूरी ठाकुर ने समाज के लोगों को शिक्षित बनाए जाने की आवश्यकता पर बल दिया। इस मौके पर डा. रामवीर सिंह, राकेश ठाकुर, राहुल श्रीवास्तव, दिनेश, रवि, रामौतार सिंह, अनिल श्रीवास्तव, मुन्नालाल, जगन्नाथ, रामसेवक आदि मौजूद रहे।
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शुभारंभ प्रबंध निदेशक व प्रधानाचार्य ने बच्चों के साथ कर्पूरी ठाकुर के चित्र पर माल्यार्पण व पुष्पांजलि अर्पित कर किया। प्रबंध निदेशक अशोक यादव ने कहा कि वो देश के पहले मुख्यमंत्री थे, जिन्होंने अपने राज्य में मैट्रिक तक मुफ्त पढ़ाई की घोषणा की थी। उन्होंने राज्य में उर्दू को दूसरी राजकीय भाषा का दर्जा देने का काम किया था। मुख्यमंत्री के तौर पर महज ढाई साल के वक्त में गरीबों के लिए उनकी कोशिशों की खासी सराहना हुई। प्रधानाचार्य देवकी नंदन खारिया ने बच्चों से कहा कि कर्पूरी ठाकुर ने मुख्यमंत्री पर रहते हुए कई मिशालें दी। इस अवसर पर बच्चों ने विभिन्न कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दी। इसमें फैंसी ड्रेस सुलेख और वाद-विवाद प्रतियोगिताएं हुईं। विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं सहित बच्चों के अभिभावकों ने भी कर्पूरी ठाकुर को श्रद्धांजलि दी।
कुरावली में एक मैरिज होम में जननायक कर्पूरी ठाकुर की जयंती धूमधाम के साथ मनाई गई। अच्छेश श्रीवास्तव ने बताया कि बिहार के जिला समस्तीपुर के ग्राम पितौजिया (कर्पूरी) में किसान परिवार में जन्मे जन नायक कर्पूरी ठाकुर द्वारा गरीब, पिछड़ों के विकास के लिए काम किए गए। कर्पूरी ठाकुर बिहार प्रांत के दो बार मुख्यमंत्री रहे। अध्यक्षता कर रहे बाबा सुदामा ने की। उन्होंने कहा कर्पूरी ठाकुर ने समाज के लोगों को शिक्षित बनाए जाने की आवश्यकता पर बल दिया। इस मौके पर डा. रामवीर सिंह, राकेश ठाकुर, राहुल श्रीवास्तव, दिनेश, रवि, रामौतार सिंह, अनिल श्रीवास्तव, मुन्नालाल, जगन्नाथ, रामसेवक आदि मौजूद रहे।
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