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जिले में अभी भी फर्राटा भर रहे चोरी के लग्जरी वाहन
अमर उजाला ब्यूरो, मैनपुरी
Updated Fri, 21 Apr 2017 11:29 PM IST
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घने कोहरे के चलते हरियाणा में टकराए कई वाहन
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वाहन चोर और एआरटीओ कार्यालय की मिली भगत से जिले में भी दर्जनों लग्जरी वाहन दौड़ रहे हैं। दो दिन पूर्व करहल में हुई बरामदगी कोई पहली घटना नहीं है। इससे पूर्व भी वाहनों का जखीरा पकड़ा जा चुका है। वहीं इसमें भी आरटीओ कार्यालय के एक बाबू की संलिप्ता बताई गई थी।
थाना करहल क्षेत्र में दो दिन पूर्व आगरा एसटीएफ ने छह लग्जरी गाड़ियां बरामद की थी। साथ ही 10 बुलेट, स्कूटी, दो ट्रक, नकली पासपोर्ट, पिस्टल और कारतूस भी बरामद हुए थे। जबकि थाना पुलिस को इस बारे में भनक तक नहीं थी। अंर्तजनपदीय गैंग के छह लोगों की गिरफ्तारी के बाद यह बात भी साबित हो गई कि जिले में एआरटीओ कार्यालय में बैठे शातिर कर्मियों की मदद से अभी भी दर्जनों वाहन फर्राटा भर रहे हैं। उक्त वाहनों के कागजात पूरी तरह से नकली हैं। जिन्हें एआरटीओ कार्यालय से ही तैयार किया गया है। मगर अधिकारी शायद जान बूझकर इस मामले में कोई जांच नहीं करना चाहते। हालांकि इससे पूर्व वर्ष 2011 में तत्कालीन एसपी नितिन तिवारी ने थाना औंछा क्षेत्र से करीब एक दर्जन लग्जरी गाड़ियां बरामद की थीं। अंर्तजनपदीय गिरोह के पांच लोग भी गिरफ्तार किए गए थे। खुलासे में एआरटीओ कार्यालय में तैनात बाबू मुकेश अग्रवाल द्वारा फर्जी कागजात बनाए जाने की बात सामने आई थी। बर्खास्तगी के बाद दोबारा बहाली पर उन्हें अलीगढ़ स्थानांतरित कर दिया गया था। पुलिस सूत्रों की मानें तो अभी भी कई चार पहिया और दोपहिया वाहनों के कागजात चोरी छिपे बनाए जाते हैं।
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जनपद पुलिस का नेटवर्क ध्वस्त
मैनपुरी। अपराधी अपराध करके फरार हो जाते हैं। गैर जनपद की टीमें जिले में अहम बरामदगी करती हैं। मगर जिले की पुलिस सिवाय कमाई के धरातल पर कुछ भी नहीं करती। करहल में हुई बरामदगी इसका ही सबूत है। वहीं कुछ दिन पूर्व गुड़गांव में लॉजीकैश की वैन से 70 लाख लूट का आरोपी शहर में छिपा रहा। मगर पुलिस को कानों कान भनक तक नहीं लगी। बाद में गुड़गांव पुलिस ने उसे कोतवाली क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया।
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करहल में आगरा एसटीएफ और करहल पुलिस ने बड़ी बरामदगी की है। जल्द ही अभियान चलाकर वाहनों के कागजात आदि चेक कर चोरी के वाहन आदि के बारे में जांच की जाएगी।
सुनील कुमार सक्सेना
एसपी मैनपुरी
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थाना करहल क्षेत्र में दो दिन पूर्व आगरा एसटीएफ ने छह लग्जरी गाड़ियां बरामद की थी। साथ ही 10 बुलेट, स्कूटी, दो ट्रक, नकली पासपोर्ट, पिस्टल और कारतूस भी बरामद हुए थे। जबकि थाना पुलिस को इस बारे में भनक तक नहीं थी। अंर्तजनपदीय गैंग के छह लोगों की गिरफ्तारी के बाद यह बात भी साबित हो गई कि जिले में एआरटीओ कार्यालय में बैठे शातिर कर्मियों की मदद से अभी भी दर्जनों वाहन फर्राटा भर रहे हैं। उक्त वाहनों के कागजात पूरी तरह से नकली हैं। जिन्हें एआरटीओ कार्यालय से ही तैयार किया गया है। मगर अधिकारी शायद जान बूझकर इस मामले में कोई जांच नहीं करना चाहते। हालांकि इससे पूर्व वर्ष 2011 में तत्कालीन एसपी नितिन तिवारी ने थाना औंछा क्षेत्र से करीब एक दर्जन लग्जरी गाड़ियां बरामद की थीं। अंर्तजनपदीय गिरोह के पांच लोग भी गिरफ्तार किए गए थे। खुलासे में एआरटीओ कार्यालय में तैनात बाबू मुकेश अग्रवाल द्वारा फर्जी कागजात बनाए जाने की बात सामने आई थी। बर्खास्तगी के बाद दोबारा बहाली पर उन्हें अलीगढ़ स्थानांतरित कर दिया गया था। पुलिस सूत्रों की मानें तो अभी भी कई चार पहिया और दोपहिया वाहनों के कागजात चोरी छिपे बनाए जाते हैं।
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जनपद पुलिस का नेटवर्क ध्वस्त
मैनपुरी। अपराधी अपराध करके फरार हो जाते हैं। गैर जनपद की टीमें जिले में अहम बरामदगी करती हैं। मगर जिले की पुलिस सिवाय कमाई के धरातल पर कुछ भी नहीं करती। करहल में हुई बरामदगी इसका ही सबूत है। वहीं कुछ दिन पूर्व गुड़गांव में लॉजीकैश की वैन से 70 लाख लूट का आरोपी शहर में छिपा रहा। मगर पुलिस को कानों कान भनक तक नहीं लगी। बाद में गुड़गांव पुलिस ने उसे कोतवाली क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया।
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करहल में आगरा एसटीएफ और करहल पुलिस ने बड़ी बरामदगी की है। जल्द ही अभियान चलाकर वाहनों के कागजात आदि चेक कर चोरी के वाहन आदि के बारे में जांच की जाएगी।
सुनील कुमार सक्सेना
एसपी मैनपुरी