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जिला कारागार में बंदी की हार्ट अटैक से मौत
अमर उजाला ब्यूरो, मैनपुरी
Updated Thu, 27 Apr 2017 11:21 PM IST
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रिटायर्ड एसडीएम रामौतार गुप्ता की हत्या
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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जिला कारागार में गुरुवार सुबह एक वृद्ध बंदी की हार्ट अटैक से मौत हो गई। बंदी और उसके दो पुत्रों पर वर्ष 2012 से एक पुलिसकर्मी की हत्या का मामला दर्ज है। दोनों पुत्र अभी जिला कारागार में बंद हैं।
थाना औंछा क्षेत्र के गांव नगला रामसिंह निवासी सत्तराम (75) पूर्व सैनिक था। वर्ष 2012 में गांव निवासी सिकदार सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी थी। मृतक सिकदार मथुरा में तैनात था। हत्या में सत्तराम और उसके दो पुत्र ब्रजेश और राघवेंद्र के विरुद्ध हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। गिरफ्तारी के बाद तीनों जिला कारागार में बंद थे। गुरुवार सुबह करीब 6:30 बजे सत्तराम नहाने गया था तभी उसके सीने में अचानक दर्द उठा। पहले तो उसे जिला कारागार में बने अस्पताल में भर्ती कराया। मगर वहां हालत न सुधरने के बाद जिला अस्पताल भेजा गया। वहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। कारागार प्रशासन की ओर से मृतक परिवारीजनों को सूचना दी गई। जिसके बाद परिवारीजन व ग्रामीण पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंच गए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण हृदयगति रुकना बताया गया है।
परिवारीजनों का कहना था कि हत्याकांड में पिता पुत्रों को रंजिशन फंसाया गया था। मामला अभी न्यायालय में चल रहा है। दोनों पुत्र भी जेल में ही बंद हैं। पिता को मुुखाग्नि देने के लिए परमीशन मांगी गई है। सत्तराम का पोस्टमार्टम दो चिकित्सक डाक्टर मुनेंद्र यादव और डाक्टर प्रवीन यादव के पैनल ने किया।
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थाना औंछा क्षेत्र के गांव नगला रामसिंह निवासी सत्तराम (75) पूर्व सैनिक था। वर्ष 2012 में गांव निवासी सिकदार सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी थी। मृतक सिकदार मथुरा में तैनात था। हत्या में सत्तराम और उसके दो पुत्र ब्रजेश और राघवेंद्र के विरुद्ध हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। गिरफ्तारी के बाद तीनों जिला कारागार में बंद थे। गुरुवार सुबह करीब 6:30 बजे सत्तराम नहाने गया था तभी उसके सीने में अचानक दर्द उठा। पहले तो उसे जिला कारागार में बने अस्पताल में भर्ती कराया। मगर वहां हालत न सुधरने के बाद जिला अस्पताल भेजा गया। वहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। कारागार प्रशासन की ओर से मृतक परिवारीजनों को सूचना दी गई। जिसके बाद परिवारीजन व ग्रामीण पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंच गए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण हृदयगति रुकना बताया गया है।
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परिवारीजनों का कहना था कि हत्याकांड में पिता पुत्रों को रंजिशन फंसाया गया था। मामला अभी न्यायालय में चल रहा है। दोनों पुत्र भी जेल में ही बंद हैं। पिता को मुुखाग्नि देने के लिए परमीशन मांगी गई है। सत्तराम का पोस्टमार्टम दो चिकित्सक डाक्टर मुनेंद्र यादव और डाक्टर प्रवीन यादव के पैनल ने किया।
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