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इस्लाम कामयाबी की गांरटी देता है: फातिमा
Thu, 09 Nov 2023 07:05 PM IST
Anonymous User
ब्यूरो,अमर उजाला मैनपुरी
ब्यूरो,अमर उजाला मैनपुरी
Published by: Anonymous User
Updated Thu, 09 Nov 2023 07:05 PM IST
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मैनपुरी। ईद-मिलाद-उन-नबी के मौके परफातिमा अजहरी एकेडमी के तत्वावधान में जलसे का आयोजन किया। इसमें कुछ बच्चों ने पैगंबर-ए-इस्लाम की शान में नात पेश की, तो कुछ ने तकरीर कर नबी-ए-करीम की जिंदगी पर रोशनी डाली।
प्रोग्राम का आगाज गुलफ्शां फातिमा ने तिलावत-ए-कुरआन के साथ किया। बच्चों को इनाम से भी नवाजा गया। फातिमा ने तकरीर करते हुए नबी-ए-करीम की सुन्नतों पर रोशनी डालकर हर लोगों से अपील की। उन्होंने कहा कि कि अगर खुद को कामयाब बनाना है, तो पैगंबर-ए-इस्लाम की जिंदगी के बारे में पढ़ो और अमल करो। इस्लाम कामयाबी की गांरटी देता है। तालीम हासिल करना बहुत जरूरी है। कुछ लोग इंसानों के आमाल देखकर इस्लाम के बारे में गलत बयानबाजी करने लगते हैं। जबकि हकीकत यह है कि हम जो रहे हैं वह इस्लाम नहीं। इसलिए हमारी कोशिश होनी चाहिए कि इस्लाम की तालीम और नबी की सुन्नतों पर अमल करे। ताकि दुनिया हमसे कुछ सीखे। इसके बाद बच्चियों ने नात-ए-रसूल पेश की। नात पढ़ने वालों में फहीमा, जेबा खां, आसिया खां, इंशा उमरा, आशना, फिजा, अब्दुल अहमद शामिल रहे। जलसा फसीह उल्ला, रफीक वारसी, मुंशी जी, हाजी जमालुद्दीन, हाजी अली मोहम्मद, हाजी अब्दुर्रहमान, हाजी इस्लाम, पप्पन, आदि की सरपरस्ती में हुआ। आखिर में बच्चों को पुरस्कृत किया गया। पुरस्कृत होने वाले बच्चों में अरवाज, नसीर वारसी, शमशाद वारसी, खालिद वारसी, मुस्तफा वारसी, असलम मास्टर आदि शामिल रहे।
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प्रोग्राम का आगाज गुलफ्शां फातिमा ने तिलावत-ए-कुरआन के साथ किया। बच्चों को इनाम से भी नवाजा गया। फातिमा ने तकरीर करते हुए नबी-ए-करीम की सुन्नतों पर रोशनी डालकर हर लोगों से अपील की। उन्होंने कहा कि कि अगर खुद को कामयाब बनाना है, तो पैगंबर-ए-इस्लाम की जिंदगी के बारे में पढ़ो और अमल करो। इस्लाम कामयाबी की गांरटी देता है। तालीम हासिल करना बहुत जरूरी है। कुछ लोग इंसानों के आमाल देखकर इस्लाम के बारे में गलत बयानबाजी करने लगते हैं। जबकि हकीकत यह है कि हम जो रहे हैं वह इस्लाम नहीं। इसलिए हमारी कोशिश होनी चाहिए कि इस्लाम की तालीम और नबी की सुन्नतों पर अमल करे। ताकि दुनिया हमसे कुछ सीखे। इसके बाद बच्चियों ने नात-ए-रसूल पेश की। नात पढ़ने वालों में फहीमा, जेबा खां, आसिया खां, इंशा उमरा, आशना, फिजा, अब्दुल अहमद शामिल रहे। जलसा फसीह उल्ला, रफीक वारसी, मुंशी जी, हाजी जमालुद्दीन, हाजी अली मोहम्मद, हाजी अब्दुर्रहमान, हाजी इस्लाम, पप्पन, आदि की सरपरस्ती में हुआ। आखिर में बच्चों को पुरस्कृत किया गया। पुरस्कृत होने वाले बच्चों में अरवाज, नसीर वारसी, शमशाद वारसी, खालिद वारसी, मुस्तफा वारसी, असलम मास्टर आदि शामिल रहे।
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