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मरने के बाद भी दे गया जीने का सहारा: पांच वर्ष पहले हादसे में हुई मौत, अब परिवार को बीमा कंपनी देगी 13 लाख

Tue, 08 Aug 2023 05:52 PM IST
भूपेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी Published by: भूपेन्द्र सिंह Updated Tue, 08 Aug 2023 05:52 PM IST
सार

मैनपुरी में एक युवक मरने के बाद भी परिवार के लिए जीने सहारा बना। पांच वर्ष पहले हादसे में उसकी मौत हो गई थी। अब लंबी लड़ाई के बाद बीमा कंपनी परिवार को 13 लाख का मुआवजा देगी। 

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insurance company will give compensation of thirteen lakhs to family of youth of Mainpuri who died in accident
जीवन बीमा कंपनी - फोटो : social media

विस्तार

उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में मैनपुरी रोड पर वैदपुरा के पास पांच साल पहले ट्रक की टक्कर से मैनपुरी निवासी दवा प्रतिनिधि की हादसे में मौत हो गई। अब केस लड़ने के बाद वाहन बीमा कंपनी की तरफ से उनके आश्रितों को 13.21 लाख रुपया का मुआवजा दिया जाएगा। याचिका पर सुनवाई करते हुए मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के पीठासीन अधिकारी/जिला जज पीएन राय ने यह आदेश दिया है।

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मामला बेवर थाना क्षेत्र के टोडरपुर गांव का है। गांव निवासी रामप्रकाश मिश्रा (60) लखनऊ स्थित एक दवा कंपनी में बतौर दवा प्रतिनिधि की नौकरी कर रहे थे। वो अपने परिवार के साथ आवास विकास कॉलोनी मैनपुरी में रहते थे। बीते 30 सितंबर 2018 की सुबह वो बाइक से अपने पुत्र प्रवीन के साथ इटावा जा रहे थे। इटावा जिले में वैदपुरा के पास अनियंत्रित ट्रक की टक्कर से उनकी मृत्यु हो गई। पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजन ने रिपोर्ट लिखाई। 
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रामप्रकाश की पत्नी सुधा, पुत्र प्रवीन, प्रदीप, हरीओम ने मुआवजा पाने के लिए वाहन की बीमा कंपनी के खिलाफ अपने अधिवक्ता महेंद्र कुमार मिश्रा के माध्यम से मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण में याचिका दायर की। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के पीठासीन अधिकारी पीएन राय ने याचिका की सुनवाई की।

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गवाहों ने दुर्घटना के संबंध में साक्ष्य प्रस्तुत करके गवाही दी। गवाही के आधार पर वाहन की बीमा कंपनी नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लखनऊ की जवाबदेही तय की गई। दुर्घटना दावा अधिकरण के पीठासीन अधिकारी पीएन राय ने बीमा कंपनी को मृतक के आश्रितों को 13.21 लाख रुपया का मुआवजा देने का आदेश दिया है।
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