{"_id":"58d40f174f1c1b96171a18db","slug":"inspection-of-digitization","type":"story","status":"publish","title_hn":" डिजिटलाइजेशन का किया निरीक्षण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डिजिटलाइजेशन का किया निरीक्षण
अमर उजाला ब्यूरो मैनपुरी
Updated Thu, 23 Mar 2017 11:38 PM IST
विज्ञापन
राजस्थान हाईकोर्ट
- फोटो : demo pic
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दीवानी न्यायालयों में चल रहे मुकदमों में हाईकोर्ट के आदेश पर किए गए डिजिटलाइजेशन का जिला जज ने निरीक्षण किया। उन्होंने कोर्ट के कार्यालयों में पहुंचकर कई फाइलों को चेक किया। डीजे के निरीक्षण से दीवानी में पूरे दिन हड़कंप मचा रहा। एक कार्यालय में कर्मचारी के सीट पर नहीं मिलने पर नाराजगी जताई।
दीवानी न्यायालयों में चल रहे मुकदमों का हाईकोर्ट के आदेश पर डिजिटलाइजेशन किया गया है। डिजिटलाइजेशन किए जाने के बाद हाईकोर्ट के आदेश पर ही गुरुवार को जिला जज उमेश कुमार शर्मा, एफटीसी जज आनंद कुमार सिंह ने सीजेएम, एसीजेएम कार्यालयों में पहुंचकर निरीक्षण किया। एसीजेएम कार्यालय में संबंधित लिपिक के नहीं मिलने पर नाराजगी जताई। निरीक्षण के दौरान पता चला कि संबंधित लिपिक कोर्ट में पेशी की ड्यूटी कर रहे हैं। जिला जज के निरीक्षण से पूरे दिन कोर्ट परिसर में हड़कंप रहा। जिला जज ने कर्मचारियों को फाइलों के उचित रख रखाव तथा नियमानुसार ही कार्य करने के निर्देश दिए। हिदायत दी कि अगर किसी कर्मचारी की शिकायत मिली और जांच में सही पाई गई तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अगर निरीक्षण के समय कोई कर्मचारी अपनी सीट पर नहीं पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई करने के साथ ही हाईकोर्ट को भी लिखा जाएगा।
मीडिएशन सेंटर में सचिव ने की सुनवाई
विधिक सेवा प्राधिकरण के पूर्णकालिक सचिव अजय कुमार सिंह ने मीडिएशन सेंटर में पहले दिन 50 फाइलों की सुनवाई की। सेंटर के सदस्य जगदीश सिंह यादव, उमेश श्रीवास्तव ने पक्षकारों के बीच समझौता कराने का प्रयास किया। किसी फाइल में समझौता नहीं हो पाने पर सुनवाई के लिए अगली तारीख तय की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
दीवानी न्यायालयों में चल रहे मुकदमों का हाईकोर्ट के आदेश पर डिजिटलाइजेशन किया गया है। डिजिटलाइजेशन किए जाने के बाद हाईकोर्ट के आदेश पर ही गुरुवार को जिला जज उमेश कुमार शर्मा, एफटीसी जज आनंद कुमार सिंह ने सीजेएम, एसीजेएम कार्यालयों में पहुंचकर निरीक्षण किया। एसीजेएम कार्यालय में संबंधित लिपिक के नहीं मिलने पर नाराजगी जताई। निरीक्षण के दौरान पता चला कि संबंधित लिपिक कोर्ट में पेशी की ड्यूटी कर रहे हैं। जिला जज के निरीक्षण से पूरे दिन कोर्ट परिसर में हड़कंप रहा। जिला जज ने कर्मचारियों को फाइलों के उचित रख रखाव तथा नियमानुसार ही कार्य करने के निर्देश दिए। हिदायत दी कि अगर किसी कर्मचारी की शिकायत मिली और जांच में सही पाई गई तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अगर निरीक्षण के समय कोई कर्मचारी अपनी सीट पर नहीं पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई करने के साथ ही हाईकोर्ट को भी लिखा जाएगा।
विज्ञापन
मीडिएशन सेंटर में सचिव ने की सुनवाई
विधिक सेवा प्राधिकरण के पूर्णकालिक सचिव अजय कुमार सिंह ने मीडिएशन सेंटर में पहले दिन 50 फाइलों की सुनवाई की। सेंटर के सदस्य जगदीश सिंह यादव, उमेश श्रीवास्तव ने पक्षकारों के बीच समझौता कराने का प्रयास किया। किसी फाइल में समझौता नहीं हो पाने पर सुनवाई के लिए अगली तारीख तय की गई है।
विज्ञापन