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हमारे जिस्म में आती है हिंदुस्तान की खुशबू
अमर उजाला ब्यूरो मैनपुरी
Updated Fri, 07 Oct 2016 11:03 PM IST
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हमारे जिस्म में आती है हिंदुस्तान की खुशबू
- फोटो : अमर उजाला
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विकास क्षेत्र के ग्राम अशोकपुर में चल रही रामलीला के तहत रामलीला मंच पर कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें कवियों ने काव्य पाठ करते हुए स्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कवि मनोज चौहान, अनमोल चौहान के संयोजन में आयोजित कवि सम्मेलन का शुभारंभ विजय राठौर ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप जलाकर किया। सबसे पहले कवयित्री भूमिका जैन ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। इसके बाद कवि अजय अंजाम ने ‘जलवा ये शहीदों की शहादत से बना है, हमारे जिस्म में आती है हिंदुस्तान की खुशबू’ सुनाया। हास्य कवि मणि मधुकर मूसल ने ‘तेरा भूत भगा देंगे, मार-मार मुक्का, हिंदुस्तान में क्यों घुसा आयौ चौर उचक्का’ गाकर लोगों को हंसने पर मजबूर कर दिया। कासिम बीकानेरी ने ‘तुमने कश्मीर जो मांगा तो कश्मीर नहीं देंगे, तुम्हें कश्मीर तो क्या उसकी तस्वीर नहीं देंगे’ रचना सुनाई। अभिषेक अनंत ने भ्रूण हत्या पर समाज को जागरूक करते हुए ‘मुझे जन्म दिया तो पालो बाबूजी, मुझे मारकर नाले में न डालो बाबूजी।’ मनोज चौहान ने ‘लक्ष्य संघान कर लेंगे, तो फिर झुकने नहीं देंगे, कदम आगे बढ़ाएंगे, फिर रुकने नहीं देंगे।’ संचालन कर रहे कवि सतीश मधुप ने पाकिस्तान को जवाब दिया कि ‘तू बिगड़ैल हुआ है, तुझको ठोकर मार सुधारेंगे। तू जहरीला नाग तुझे हम फन कुचल संहारेंगे।’ ऊधम सिंह, देवेंद्र शूल, पुष्कर सुल्तानपुरी, शैल भदावरी, धर्मेंद्र धरम, भूमिका जैन, अतुल बाजपेई, सुरेश चौहान नीरव, देवेश दीक्षित, निर्मल सक्सेना, राजवीर क्रांति, गोवर्धन लाल गौरव, ग्याप्रसाद रजत ने भी काव्य पाठ कर स्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। अध्यक्षता सुरेश बाबू चौहान नीरव ने तथा संचालन सतीश मधुप ने किया। इस मौके पर राजकुमार चौहान, अध्यक्ष सुभाष प्रताप सिंह चौहान, अजय सिंह कुशवाह, जितेन्द्र भदौरिया, उदय दुबे, हितेश चौहान, रामनारायन भदौरिया, नीरज शर्मा, चंद्रप्रकाश, संजीव पाठक आदि लोग मौजूद रहे।
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कवि मनोज चौहान, अनमोल चौहान के संयोजन में आयोजित कवि सम्मेलन का शुभारंभ विजय राठौर ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप जलाकर किया। सबसे पहले कवयित्री भूमिका जैन ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। इसके बाद कवि अजय अंजाम ने ‘जलवा ये शहीदों की शहादत से बना है, हमारे जिस्म में आती है हिंदुस्तान की खुशबू’ सुनाया। हास्य कवि मणि मधुकर मूसल ने ‘तेरा भूत भगा देंगे, मार-मार मुक्का, हिंदुस्तान में क्यों घुसा आयौ चौर उचक्का’ गाकर लोगों को हंसने पर मजबूर कर दिया। कासिम बीकानेरी ने ‘तुमने कश्मीर जो मांगा तो कश्मीर नहीं देंगे, तुम्हें कश्मीर तो क्या उसकी तस्वीर नहीं देंगे’ रचना सुनाई। अभिषेक अनंत ने भ्रूण हत्या पर समाज को जागरूक करते हुए ‘मुझे जन्म दिया तो पालो बाबूजी, मुझे मारकर नाले में न डालो बाबूजी।’ मनोज चौहान ने ‘लक्ष्य संघान कर लेंगे, तो फिर झुकने नहीं देंगे, कदम आगे बढ़ाएंगे, फिर रुकने नहीं देंगे।’ संचालन कर रहे कवि सतीश मधुप ने पाकिस्तान को जवाब दिया कि ‘तू बिगड़ैल हुआ है, तुझको ठोकर मार सुधारेंगे। तू जहरीला नाग तुझे हम फन कुचल संहारेंगे।’ ऊधम सिंह, देवेंद्र शूल, पुष्कर सुल्तानपुरी, शैल भदावरी, धर्मेंद्र धरम, भूमिका जैन, अतुल बाजपेई, सुरेश चौहान नीरव, देवेश दीक्षित, निर्मल सक्सेना, राजवीर क्रांति, गोवर्धन लाल गौरव, ग्याप्रसाद रजत ने भी काव्य पाठ कर स्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। अध्यक्षता सुरेश बाबू चौहान नीरव ने तथा संचालन सतीश मधुप ने किया। इस मौके पर राजकुमार चौहान, अध्यक्ष सुभाष प्रताप सिंह चौहान, अजय सिंह कुशवाह, जितेन्द्र भदौरिया, उदय दुबे, हितेश चौहान, रामनारायन भदौरिया, नीरज शर्मा, चंद्रप्रकाश, संजीव पाठक आदि लोग मौजूद रहे।
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