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मैनपुरी में जेल की दीवार फांदकर चार बंदी फरार

Tue, 14 Mar 2017 11:26 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो मैनपुरी
अमर उजाला ब्यूरो मैनपुरी Updated Tue, 14 Mar 2017 11:26 PM IST
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Four prisoners absconding in jail in Mainpuri
मैनपुरी में जेल की दीवार फांदकर चार बंदी फरार - फोटो : अमर उजाला
जिला कारागार से सोमवार को चार बंदी जेल की दीवार फांदकर भाग गए। जेल प्रशासन को जब इसकी जानकारी लगी तो हड़कंप मच गया। भागने वाले चारों बंदी बेहद शातिर बताए जा रहे हैं। एक सजायाफ्ता कैदी है वहीं दूसरा शामली का शूटर है। वहीं, दो अन्य पर भी आपराधिक मामले दर्ज हैं। डीएम और एसपी भी कारागार पहुंचे और भागे बंदियों की गिरफ्तारी के लिए टीमों का गठन कर रवाना कर किया गया। अभी तक बंदियों का पता नहीं लगा है।
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जिला कारागार से सोमवार को दिन में आजीवन कारावास का सजायाफ्ता कैदी डाक्टर राजेंद्र पुत्र जैमन सिंह निवासी जिला अल्मोड़ा (उत्तराखंड), नकली नोट के मामले में सुनील कुमार पुत्र करोड़ी गांव अटरिया थाना आटा जिला जालौन, शामली का शूटर मुंसाद पुत्र शाहदीन और रेप के मामले में बंदी योगेश पुत्र शंकर लाल निवासी हलपुरा थाना मटसेना जिला फिरोजाबाद दीवार फांदकर जेल से भाग गए। इसकी जानकारी जेल अधिकारियों को तब हुई जब दोपहर तीन बजे बंदियों की गिनती की गई। इसके बाद जेल प्रशासन मेें हड़कंप मच गया। लगभग तीन घंटे तक पूरे मामले को दबाए रहा। इस दौरान कई बार बंदियों की गिनती की गई लेकिन चार बंदी फिर भी कम मिले। शाम करीब छह बजे जेल प्रशासन ने डीएम चंद्रपाल सिंह व एसपी सुनील कुमार सक्सेना को जानकारी दी। दोनों अधिकारी जिला पहुंचे। वहां बंदियों के भागने वाले स्थान का निरीक्षण किया और जेलर सुरेश मिश्रा से जानकारी ली।
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डीएम के निर्देश पर एसपी ने फरार बंदियों की गिरफ्तारी के लिए कई टीमों का गठन किया है। सभी को रवाना कर दिया गया। मंगलवार को भी भागे बंदियों का पुलिस कोई सुराग नहीं लगा सकी। इस दौरान जेल अधीक्षक और जेलर दोनों का फोन बंद रहा और वे मीडिया से बचते रहे। वहीं, डीएम सीपी सिंह और एसपी सुनील कुमार सक्सेना ने बताया कि मामले की जानकारी शासन को भेज दी गई है।
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फरार बंदियों का आपराधिक इतिहास:
- मुंसाद उर्फ आशू उर्फ पहलवान उर्फ फारुख पुत्र शाहदीन (प्रशासनिक आधार पर जिला कारागार सहारनपुर से भेजा गया 2015)। भागने वाले बंदियों में सबसे शातिर अपराधी है। इस पर शामली, कैराना, सहारनपुर, मेरठ में करीब 16 हत्या, डकैती के दौरान, लूट, आर्म्स एक्ट के मामले दर्ज हैं। वह मूल रूप से खंदावली थाना कांधला जिला शामली का रहने वाला है।

- राजेंद्र सिंह उर्फ रावत उर्फ विक्रम पुत्र जैमन सिंह (केस विचारण हेतु न्यायालय स्पशेल जज मैनपुरी के आदेश से जिला कारागार हरिद्वार से वाद पेशी रोका गया)। राजेंद्र के साथी उसे डाक्टर के नाम से भी बुलाते हैं। वह सोनार कोट चेनियां पट्टी बल्लभगढ़ जिला अल्मोड़ा उत्तराखंड का रहने वाला है। उसको वर्ष 2005 और 2006 में दोहरे आजीवन कारावास की सजा दी गई है।


- योगेश उर्फ करु पुत्र शंकर लाल उर्फ दयाशंकर निवासी हलपुरा थाना मटसेना जिला फिरोजाबाद पर घिरोर थाना क्षेत्र में नाबालिग को ले जाकर दुष्कर्म का मामला पंजीकृत है।

- सुनील कुमार पुत्र करोड़ी लाल निवासी गावं अटरिया थाना आटा जिला जालौन पर भोगांव थाना में नकली नोट का मामला वर्ष 2014 में दर्ज हुआ था।
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