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पांच बेड का क्लीनिक चला रहा झोलाछाप
अमर उजाला ब्यूरो मैनपुरी।
Updated Wed, 20 Apr 2016 11:14 PM IST
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इसे स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही कहें या अनदेखी जो झोलाछाप डाक्टर मनमाने ढंग से मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहा है।
- फोटो : अमर उजाला
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इसे स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही कहें या अनदेखी जो झोलाछाप डाक्टर मनमाने ढंग से मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहा है। बिना डिग्री और रजिस्ट्रेशन के के ही घर में पांच-पांच बेड़ का हास्पिटल संचालित हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी आंखें बंद कर किसी हादसे का इंतजार कर रहे हैं।
थाना एलाऊ क्षेत्र में कुसमरा मार्ग के समीप एक झोलाछाप निजी क्लीनिक संचालित कर रोजाना करीब सौ अधिक मरीजों का इलाज कर रहा है। यहां उसने एक हॉल में पांच बेड भी लगा रखे हैं। मरीजों को बोतल चढ़ाई जाती है, गंभीर से गंभीर बीमारी के उपचार की दवा भी लिखीं जाती हैं। इतना ही नहीं यहां झोलाछाप मरीजों की कई मर्जों में ऑपरेशन भी करता है। लेकिन क्लीनिक संचालित कर रहे इस चिकित्सक के पास न तो कोई डिग्री है। न हीं इनका रजिस्ट्रेशन है। बुधवार को इस निजी क्लीनिक की कुछ तस्वीरें लेते समय जब चिकित्सक से उनकी योग्यता के बारे में पूछा गया तो जबाव नहीं दे सके। उन्होंने अपना नाम भी नहीं बताया। उपचार कराने आए मरीज रत्नेश ने बताया कि उनकी पत्नी गर्भवती है। प्रसव कराने यहां पर आए हैं। लेकिन जब उनसे पूछा कि डाक्टर के पास डिग्री है, तो कोई जवाब नहीं दे सके। स्थानीय लोगों ने बताया कि क्लीनिक पर रोजाना करीब 50-100 मरीज उपचार के लिए आते हैं। झोलाछाप लंबे समय से यहां क्लीनिक चलाकर मरीजों का उपचार कर रहा है।
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थाना एलाऊ क्षेत्र में कुसमरा मार्ग के समीप एक झोलाछाप निजी क्लीनिक संचालित कर रोजाना करीब सौ अधिक मरीजों का इलाज कर रहा है। यहां उसने एक हॉल में पांच बेड भी लगा रखे हैं। मरीजों को बोतल चढ़ाई जाती है, गंभीर से गंभीर बीमारी के उपचार की दवा भी लिखीं जाती हैं। इतना ही नहीं यहां झोलाछाप मरीजों की कई मर्जों में ऑपरेशन भी करता है। लेकिन क्लीनिक संचालित कर रहे इस चिकित्सक के पास न तो कोई डिग्री है। न हीं इनका रजिस्ट्रेशन है। बुधवार को इस निजी क्लीनिक की कुछ तस्वीरें लेते समय जब चिकित्सक से उनकी योग्यता के बारे में पूछा गया तो जबाव नहीं दे सके। उन्होंने अपना नाम भी नहीं बताया। उपचार कराने आए मरीज रत्नेश ने बताया कि उनकी पत्नी गर्भवती है। प्रसव कराने यहां पर आए हैं। लेकिन जब उनसे पूछा कि डाक्टर के पास डिग्री है, तो कोई जवाब नहीं दे सके। स्थानीय लोगों ने बताया कि क्लीनिक पर रोजाना करीब 50-100 मरीज उपचार के लिए आते हैं। झोलाछाप लंबे समय से यहां क्लीनिक चलाकर मरीजों का उपचार कर रहा है।
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