फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mainpuri News ›   Family immersed in grief wounds Kuredti system

गम में डूबे परिवार के जख्मों को कुरेदती व्यवस्था

Wed, 14 Sep 2016 11:53 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, मैनपुरी
अमर उजाला ब्यूरो, मैनपुरी Updated Wed, 14 Sep 2016 11:53 PM IST
विज्ञापन
Family immersed in grief wounds Kuredti system
राबर्ट्सगंज कचहरी में प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करते जिला जज कुलदीप कुमार द्वितीय।
उड़ीसा के दाना मांझी का पत्नी की लाश को कंधे पर उठाए 12 किलोमीटर तक पैदल ले जाने का मामला सुर्खियों में है। और भी इस तरह के मामले सामने आए हैं। अब स्वास्थ्य विभाग उड़ीसा का हो या मैनपुरी का, स्थिति सबकी एक जैसी ही है। जिला अस्पताल में शव वाहन है तो लेकिन जब जरूरत पड़ती है तो वह खराब होगा या फिर उसमें डीजल नहीं होगा। जिनके पास पैसा है तो वह निजी एंबुलेंस का सहारा लेते हैं, लेकिन गरीब लोग गिड़गिड़ाते रहते हैं और उनकी कोई सुनवाई नहीं होती। बाद में खुद ही किसी न किसी तरह से कोई व्यवस्था कर शव ले जाते हैं।
विज्ञापन


दो दिन पहले जिला अस्पताल में एक मामला सामने आया। मोहल्ला बालाजीपुरम निवासी रामपाल सिंह (60) वर्ष की जिला अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। परिवारीजन शव को घर तक ले जाने के लिए इमरजेंसी में तैनात चिकित्सक और फार्मासिस्ट से शव वाहन उपलब्ध कराने के लिए गिड़गिड़ाते रहे, चालक से भी बात की लेकिन कोई हल नहीं निकला। चालक ने बता दिया कि अभी वाहन में डीजल नहीं है, आप कोई दूसरी व्यवस्था कर लो। बाद में उन्होंने पांच सौ रुपये में एक निजी वाहन किया और उससे शव को घर ले गए।
विज्ञापन


जिला अस्पताल में चार माह पूर्व 15 लाख रुपये खर्च कर एक शव वाहन मंगाया गया था। लेकिन चार माह में इसका एक ही प्रयोग हुआ है, वह भी एक वीआईपी के रिश्तेदार की मौत होने के मामले में। सिफारिश थी तो वाहन गैरेज से बाहर निकल आया। बताया तो यह भी जा रहा है कि चालक खुद अपनी एक निजी एंबुलेंस चलवाता है और जरूरत पड़ने पर लोगों को उसे चलाने वाले का नंबर दे देता है।  
विज्ञापन
विज्ञापन

 शव को घर तक पहुंचाने के लिए शव वाहन की व्यवस्था की गई है। वाहन चालक को आदेश दिए गए हैं कि वह मुझसे बात कर शव को घर तक पहुंचाए। डीजल उसको मैं उपलब्ध कराता हूं। फिर यदि वाहन चालक ऐसा कर रहा है तो जांच कर उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
डा. दुष्यंत त्यागी, सीएमएस, मैनपुरी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed