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एक माह में कैसे होगा अधूरा कोर्स पूरा
अमर उजाला ब्यूरो मैनपुरी
Updated Tue, 08 Nov 2016 11:22 PM IST
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यूपी बोर्ड की प्रयोगात्मक परीक्षा शुरू होने में एक माह शेष बचा है और कोर्स अभी तक पूरा नहीं हुआ है, ऊपर से विधानसभा के चुनाव भी सिर पर हैं। वहीं जो समय शेष बचा है उनमें भी छुट्टियां आदि भी पड़ेंगी। ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या अधूरी पढ़ाई के साथ ही विद्यार्थी प्रैक्टीकल देंगे।
यूपी बोर्ड से संचालित कालेजों में 85 हजार से अधिक बच्चे इंटर और हाईस्कूल में पढ़ रहे हैं। इन बच्चों को फरवरी से बोर्ड की परीक्षाएं भी देनी हैं। दिसंबर से शुरू हो रहीं प्रयोगात्मक परीक्षाएं जनवरी तक पूर्ण होनी हैं। वहीं कक्षा नौ एवं कक्षा 11 की गृह परीक्षाएं भी इसी बीच होनी हैं और परिणाम भी बनाना है। इन दिनों इस सबकी तैयारी होनी है।
यह है पढ़ाई की तस्वीर
ज्यादातर कालेजों में पढ़ाई की स्थिति सोचनीय है। नवंबर में इंटर और हाईस्कूल का 60 से 65 प्रतिशत तक कोर्स खत्म करना होता है। वहीं अभी तक इंटर कालेजों में केवल 50 से 55 प्रतिशत ही कोर्स पूरा हुआ है। ऐसे में इतने कम समय में कालेज संचालक बच्चों को कोर्स पूरा कराएंगे या प्रैक्टीकल परीक्षाओं की तैयारी।
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यह भी होने हैं काम
विभागीय सूत्रों की मानें तो इतने समय में ही जनवरी तक प्रयोगात्मक परीक्षाएं पूरी करानी हैं। वहीं 10वीं की आंतरिक परीक्षा के अंक भी भेजने हैं। साथ ही खेल और शारीरिक प्रयोगात्मक परीक्षाएं भी पूर्ण करानी हैं। गृह परीक्षाओं के लिए भी समय सारिणी तैयार करनी है। साथ ही कई शिक्षकों को अन्य जिलों में जाकर प्रयोगात्मक परीक्षाएं भी लेनी हैं।
शिक्षकों को अतिरिक्त कक्षाएं लगाकर कोर्स प्रैक्टीकल शुरू होेने तक पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। ताकि छात्र-छात्राएं प्रयोगात्मक परीक्षा के बाद बोर्ड परीक्षा में बेहतर अंक लाने की तैयारी कर सकें। वहीं प्रयोगात्मक परीक्षाएं भी जनवरी तक पूर्ण करा दी जाएंगी।
आरपी यादव, डीआईओएस मैनपुरी
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यूपी बोर्ड से संचालित कालेजों में 85 हजार से अधिक बच्चे इंटर और हाईस्कूल में पढ़ रहे हैं। इन बच्चों को फरवरी से बोर्ड की परीक्षाएं भी देनी हैं। दिसंबर से शुरू हो रहीं प्रयोगात्मक परीक्षाएं जनवरी तक पूर्ण होनी हैं। वहीं कक्षा नौ एवं कक्षा 11 की गृह परीक्षाएं भी इसी बीच होनी हैं और परिणाम भी बनाना है। इन दिनों इस सबकी तैयारी होनी है।
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यह है पढ़ाई की तस्वीर
ज्यादातर कालेजों में पढ़ाई की स्थिति सोचनीय है। नवंबर में इंटर और हाईस्कूल का 60 से 65 प्रतिशत तक कोर्स खत्म करना होता है। वहीं अभी तक इंटर कालेजों में केवल 50 से 55 प्रतिशत ही कोर्स पूरा हुआ है। ऐसे में इतने कम समय में कालेज संचालक बच्चों को कोर्स पूरा कराएंगे या प्रैक्टीकल परीक्षाओं की तैयारी।
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यह भी होने हैं काम
विभागीय सूत्रों की मानें तो इतने समय में ही जनवरी तक प्रयोगात्मक परीक्षाएं पूरी करानी हैं। वहीं 10वीं की आंतरिक परीक्षा के अंक भी भेजने हैं। साथ ही खेल और शारीरिक प्रयोगात्मक परीक्षाएं भी पूर्ण करानी हैं। गृह परीक्षाओं के लिए भी समय सारिणी तैयार करनी है। साथ ही कई शिक्षकों को अन्य जिलों में जाकर प्रयोगात्मक परीक्षाएं भी लेनी हैं।
शिक्षकों को अतिरिक्त कक्षाएं लगाकर कोर्स प्रैक्टीकल शुरू होेने तक पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। ताकि छात्र-छात्राएं प्रयोगात्मक परीक्षा के बाद बोर्ड परीक्षा में बेहतर अंक लाने की तैयारी कर सकें। वहीं प्रयोगात्मक परीक्षाएं भी जनवरी तक पूर्ण करा दी जाएंगी।
आरपी यादव, डीआईओएस मैनपुरी