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बेेंच नहीं दरी पर बैठकर करते हैं छात्र पढ़ाई
अमर उजाला ब्यूूरो
Updated Fri, 02 Dec 2016 11:36 PM IST
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बेेंच नहीं दरी पर बैठकर करते हैं छात्र पढ़ाई
- फोटो : अमर उजाला
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प्राथमिक विद्यालय और पूर्व माध्यमिक विद्यालयों को छोड़िए साहब यहां तो छात्रों के बैठने के लिए फर्नीचर की व्यवस्था नहीं है। ये कहना है ग्राम बनकिया के अभिभावक कुंवरपाल सिंह का। अभिभावकों का कहना है कि मजबूरन हम लोग राजकीय बालिका इंटर कालेज मानपुर हरी में अपने बच्चों को शिक्षित करने के लिए भेजते हैं।
विद्यालय में बाउंड्रीवॉल के न होने से स्थानीय लोगों ने स्कूल की जमीन पर कब्जा कर लिया है। उपले बनाना और जानवरों के सूखे चारे को रखकर स्थायी कब्जा कर रखा है। अव्यवस्थाएं अभी समाप्त नहीं हुईं कालेज में छात्राओं के लिए पेशाबघर, शौचालय आदि के न होने से भारी मुसीबत का सामना करना पड़ता है। राजकीय बालिका इंटर कालेज मानपुरहरी में कुल 370 छात्राओं का पंजीकरण है। जिसमें एक से आठ तक करीब 182 और बाकी नौ से बारह की कक्षाओं में हैं। एक भी कक्षा में बैठने के लिए फर्नीचर की कोई व्यवस्था नहीं है। कालेज में प्रधानाचार्य समेत कुल छह अध्यापिकाएं हैं।
बनकिया निवासी सर्वेश कुमार, अहसान, राजेंद्र प्रसाद ग्राम, कुशलपुर निवासी दौलतराम, राजवीर सिंह, विजयपाल आदि ने बताया कि उनके बच्चे कालेज में विभिन्न कक्षाओं में पढ़ते हैं लेकिन विद्यालय में फर्नीचर न होने से बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। सर्दी के मौसम में परेशानी होती है।
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विभागीय अधिकारियों को कई बार विद्यालय में फर्नीचर न होेने बात बताई गई है। इसके बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई। विद्यालय में बाउंड्रीवॉल, टॉयलेट न होने से भारी संकट है। ग्रामीण विद्यालय में ही उपले बना रहे हैं।
- कुमुद यादव, प्रधानाचार्य
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विद्यालय में बाउंड्रीवॉल के न होने से स्थानीय लोगों ने स्कूल की जमीन पर कब्जा कर लिया है। उपले बनाना और जानवरों के सूखे चारे को रखकर स्थायी कब्जा कर रखा है। अव्यवस्थाएं अभी समाप्त नहीं हुईं कालेज में छात्राओं के लिए पेशाबघर, शौचालय आदि के न होने से भारी मुसीबत का सामना करना पड़ता है। राजकीय बालिका इंटर कालेज मानपुरहरी में कुल 370 छात्राओं का पंजीकरण है। जिसमें एक से आठ तक करीब 182 और बाकी नौ से बारह की कक्षाओं में हैं। एक भी कक्षा में बैठने के लिए फर्नीचर की कोई व्यवस्था नहीं है। कालेज में प्रधानाचार्य समेत कुल छह अध्यापिकाएं हैं।
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बनकिया निवासी सर्वेश कुमार, अहसान, राजेंद्र प्रसाद ग्राम, कुशलपुर निवासी दौलतराम, राजवीर सिंह, विजयपाल आदि ने बताया कि उनके बच्चे कालेज में विभिन्न कक्षाओं में पढ़ते हैं लेकिन विद्यालय में फर्नीचर न होने से बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। सर्दी के मौसम में परेशानी होती है।
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विभागीय अधिकारियों को कई बार विद्यालय में फर्नीचर न होेने बात बताई गई है। इसके बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई। विद्यालय में बाउंड्रीवॉल, टॉयलेट न होने से भारी संकट है। ग्रामीण विद्यालय में ही उपले बना रहे हैं।
- कुमुद यादव, प्रधानाचार्य