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150 रुपये के लिए भतीजे की हत्या
Thu, 09 Nov 2023 07:05 PM IST
Anonymous User
ब्यूरो, अमर उजाला मैनपुरी
ब्यूरो, अमर उजाला मैनपुरी
Published by: Anonymous User
Updated Thu, 09 Nov 2023 07:05 PM IST
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मैनपुरी। गांव ललूपुर में रविवार देर रात चाचा ने भतीजे की गड़ासे से काटकर इसलिए हत्या कर दी क्योंकि उसने शराब पीने के लिए 150 रुपये नहीं दिए। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी पूरे परिवार के साथ फरार हो गया है। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
गांव ललूपुर में प्रदीप कठेरिया (26) गांव में अपनी मां, पत्नी मुन्नी देवी और चार बच्चों के साथ रहता था। उसके तीन भाई दिल्ली में काम करते हैं। उसके घर के बगल में ही चाचा रामसेवक का मकान बना हुआ है। मृतक की पत्नी के अनुसार रविवार रात को रामसेवक ने प्रदीप से 150 रुपये शराब पीने के लिए मांगे थे। प्रदीप ने पैसा न होने की बात कही और अपने घर आ गया। वह जैसे ही रात में लगभग 9.30 बजे खाना खाने के लिए बैठा वैसे ही चाचा रामसेवक गड़सा हाथ में लेकर आया ओर उस पर वार कर दिया। मृतक की पत्नी ने बताया कि इसके बाद रामसेवक की पत्नी राजवती, पुत्र संजीव कुमार और उसकी पत्नी मीना देवी भी आ गए। चारों ने मिलकर गड़ासे के कई वार प्रदीप पर किए। उसकी चीख सुनकर पास में मौजूद सतीश बचाने के लिए आया। इस पर आरोपियों ने उस पर भी हमला कर दिया। इससे उसके गंभीर चोटें आईं। हत्यारोपी प्रदीप को मरा समझकर रात में ही घर में ताला लगाकर भाग गए। इसके बाद सतीश और मुन्नी देवी घायल प्रदीप को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। वहां उपचार के दौरान प्रदीप ने दम तोड़ दिया। रात में ही पत्नी की तहरीर पर पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। सुबह एसपी उदयशंकर जायसवाल गांव में अधीनस्थों के साथ पहुंचे और मौके का मुआयना किया।
सतीश ने बताया हेरो से हुए घायल
देर रात जब प्रदीप को लेकर सतीश जिला अस्पताल पहुंचा तो उसने चिकित्सकों को बताया कि वह हेरो से घायल हो गए हैं। चिकित्सकों ने शक के आधार पर पुलिस को सूचना दी। इस पर पुलिस ने सतीश से कड़ाई से पूछताछ की। तब पूरा मामला पुलिस को पता चला।
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बच्चों की कौन करेगा देखभाल
मृतक प्रदीप के चार छोटे बच्चे हैं। इनमें अनमोल (9), आयुष (8), छाया (5) और अरुण (3) हैं। उसके तीन भाई दिल्ली में रहते हैं। रात के भयवाह मंजर का खौफ सुबह तक उनके चेहरों पर साफ देखा जा सकता था। चारों चुपचाप बैठे थे। प्रदीप की मां सुशीला देवी का रो-रोकर बुरा हाल था। चारों बेटों में से सिर्फ प्रदीप ही उसके पास रहता था। हत्यारोपियों ने प्रदीप पर गड़ासे से कई वार किए थे। इसके चलते घर के आंगन में चारों ओर सुबह तक खून फैला पड़ा था।
भूखंड खरीदने की भी चर्चा
गांव वालों ने बताया कि रामसेवक ने कुछ दिन पहले ही एक भूखंड सड़क किनारे खरीदा है। इसका सात लाख रुपया भी पार्टी को वह दे चुका है। शेष राशि देकर जल्द ही उसे रजिस्ट्री करानी थी।
हत्यारोपी की है गांव में दहशत
हत्यारोपी रामसेवक लोक निर्माण विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद से सेवानिवृत्त हुआ है। उसकी गांव में दहशत है। लोगों के अनुसार पड़ोसी और रिश्तेदार भी उसकी इस प्रवृत्ति के चलते कम ही बात करते थे। गांव में उसके दो पक्के मकान हैं। इसके अलावा ट्रैक्टर, ट्रॉली एवं अन्य सामान भी है।
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गांव ललूपुर में प्रदीप कठेरिया (26) गांव में अपनी मां, पत्नी मुन्नी देवी और चार बच्चों के साथ रहता था। उसके तीन भाई दिल्ली में काम करते हैं। उसके घर के बगल में ही चाचा रामसेवक का मकान बना हुआ है। मृतक की पत्नी के अनुसार रविवार रात को रामसेवक ने प्रदीप से 150 रुपये शराब पीने के लिए मांगे थे। प्रदीप ने पैसा न होने की बात कही और अपने घर आ गया। वह जैसे ही रात में लगभग 9.30 बजे खाना खाने के लिए बैठा वैसे ही चाचा रामसेवक गड़सा हाथ में लेकर आया ओर उस पर वार कर दिया। मृतक की पत्नी ने बताया कि इसके बाद रामसेवक की पत्नी राजवती, पुत्र संजीव कुमार और उसकी पत्नी मीना देवी भी आ गए। चारों ने मिलकर गड़ासे के कई वार प्रदीप पर किए। उसकी चीख सुनकर पास में मौजूद सतीश बचाने के लिए आया। इस पर आरोपियों ने उस पर भी हमला कर दिया। इससे उसके गंभीर चोटें आईं। हत्यारोपी प्रदीप को मरा समझकर रात में ही घर में ताला लगाकर भाग गए। इसके बाद सतीश और मुन्नी देवी घायल प्रदीप को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। वहां उपचार के दौरान प्रदीप ने दम तोड़ दिया। रात में ही पत्नी की तहरीर पर पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। सुबह एसपी उदयशंकर जायसवाल गांव में अधीनस्थों के साथ पहुंचे और मौके का मुआयना किया।
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सतीश ने बताया हेरो से हुए घायल
देर रात जब प्रदीप को लेकर सतीश जिला अस्पताल पहुंचा तो उसने चिकित्सकों को बताया कि वह हेरो से घायल हो गए हैं। चिकित्सकों ने शक के आधार पर पुलिस को सूचना दी। इस पर पुलिस ने सतीश से कड़ाई से पूछताछ की। तब पूरा मामला पुलिस को पता चला।
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बच्चों की कौन करेगा देखभाल
मृतक प्रदीप के चार छोटे बच्चे हैं। इनमें अनमोल (9), आयुष (8), छाया (5) और अरुण (3) हैं। उसके तीन भाई दिल्ली में रहते हैं। रात के भयवाह मंजर का खौफ सुबह तक उनके चेहरों पर साफ देखा जा सकता था। चारों चुपचाप बैठे थे। प्रदीप की मां सुशीला देवी का रो-रोकर बुरा हाल था। चारों बेटों में से सिर्फ प्रदीप ही उसके पास रहता था। हत्यारोपियों ने प्रदीप पर गड़ासे से कई वार किए थे। इसके चलते घर के आंगन में चारों ओर सुबह तक खून फैला पड़ा था।
भूखंड खरीदने की भी चर्चा
गांव वालों ने बताया कि रामसेवक ने कुछ दिन पहले ही एक भूखंड सड़क किनारे खरीदा है। इसका सात लाख रुपया भी पार्टी को वह दे चुका है। शेष राशि देकर जल्द ही उसे रजिस्ट्री करानी थी।
हत्यारोपी की है गांव में दहशत
हत्यारोपी रामसेवक लोक निर्माण विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद से सेवानिवृत्त हुआ है। उसकी गांव में दहशत है। लोगों के अनुसार पड़ोसी और रिश्तेदार भी उसकी इस प्रवृत्ति के चलते कम ही बात करते थे। गांव में उसके दो पक्के मकान हैं। इसके अलावा ट्रैक्टर, ट्रॉली एवं अन्य सामान भी है।