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हत्या के तार एटा से पैरोल पर आए जर्मन से जुड़े
अमर उजाला ब्यूरो मैनपुरी
Updated Sat, 10 Dec 2016 11:20 PM IST
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वर्चस्व की लड़ाई में प्रधान ने की युवक की हत्या
- फोटो : अमर उजाला
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थाना करहल क्षेत्र में 13 दिन पहले बाइक सवार की गोली मारकर हत्या और दूसरे युवक के घायल होने की घटना के तार एटा जिले से पैरोल पर आए असरोही हत्याकांड के आरोपी से जुडे़ हैं। सूत्रों की मानें तो हमलावरों का निशाना गोलीकांड में मारा गया युवक नहीं बल्कि उसका साथी था। आरोपी इस घटना के जरिए असरोही हत्याकांड की गवाहों के खिलाफ केस दर्ज कराना चाहता है।
उल्लेखनीय है कि 27 नवंबर की शाम बझेरा पुल पर गांव मनौना निवासी दरोगा पुत्र सुगर सिंह साथी मलखान पुत्र जमादार के साथ असरोही में हुए चौहरे हत्याकांड के आरोपी भाई से मिलकर घर वापस लौट रहा था। तभी हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दोनों को घायल कर दिया था। सैफई में दरोगा की मौत हो गई थी। वहीं मलखान का उपचार अभी भी चल रहा है। सूत्रों के मुताबिक इस हत्याकांड के तार असरोही में वर्ष 2014 में हुए चौहरे हत्याकांड से जुडे़ हैं। हत्याकांड में मुख्य आरोपी अब्बा उर्फ राकेश का एक साथी जर्मन सिंह घटना से कुछ दिन पूर्व ही एटा कारागार से एक माह की पैरोल पर आया था। पुलिस विभाग के सूत्रों के अनुसार हत्याकांड में गवाही को प्रभावित करने के लिए उसने एक योजना के तहत गवाहों को फंसाने के लिए योजना तैयार की।
तय किया गया था कि बाइक पर बैठे मलखान की हत्या कर गवाहों को फंसा दिया जाएगा। मगर फायरिंग में गोली लगने से असरोही कांड के आरोपी के भाई की ही मौत हो गई। इस मामले में गवाहों के विरुद्ध ही मामला दर्ज हुआ है। पुलिस अधिकारी भी इस दिशा में जांच में जुटे हैं। वहीं इस पूरे घटनाक्रम को लेकर पुलिस पैरोल पर आए आरोपी की तलाश में भी जुट गई है। इस पूरे मामले में पुलिस अधिकारी अभी कुछ भी बोलने से इनकार कर रहे हैं। वहीं एक पुलिस अधिकारी ने सिर्फ यह बताया कि सभी संभावनाओं को लेकर जांच चल रही है। जर्मन सिंह की भी तलाश की जा रही है। वह नहीं मिल रहा है।
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उल्लेखनीय है कि 27 नवंबर की शाम बझेरा पुल पर गांव मनौना निवासी दरोगा पुत्र सुगर सिंह साथी मलखान पुत्र जमादार के साथ असरोही में हुए चौहरे हत्याकांड के आरोपी भाई से मिलकर घर वापस लौट रहा था। तभी हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दोनों को घायल कर दिया था। सैफई में दरोगा की मौत हो गई थी। वहीं मलखान का उपचार अभी भी चल रहा है। सूत्रों के मुताबिक इस हत्याकांड के तार असरोही में वर्ष 2014 में हुए चौहरे हत्याकांड से जुडे़ हैं। हत्याकांड में मुख्य आरोपी अब्बा उर्फ राकेश का एक साथी जर्मन सिंह घटना से कुछ दिन पूर्व ही एटा कारागार से एक माह की पैरोल पर आया था। पुलिस विभाग के सूत्रों के अनुसार हत्याकांड में गवाही को प्रभावित करने के लिए उसने एक योजना के तहत गवाहों को फंसाने के लिए योजना तैयार की।
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तय किया गया था कि बाइक पर बैठे मलखान की हत्या कर गवाहों को फंसा दिया जाएगा। मगर फायरिंग में गोली लगने से असरोही कांड के आरोपी के भाई की ही मौत हो गई। इस मामले में गवाहों के विरुद्ध ही मामला दर्ज हुआ है। पुलिस अधिकारी भी इस दिशा में जांच में जुटे हैं। वहीं इस पूरे घटनाक्रम को लेकर पुलिस पैरोल पर आए आरोपी की तलाश में भी जुट गई है। इस पूरे मामले में पुलिस अधिकारी अभी कुछ भी बोलने से इनकार कर रहे हैं। वहीं एक पुलिस अधिकारी ने सिर्फ यह बताया कि सभी संभावनाओं को लेकर जांच चल रही है। जर्मन सिंह की भी तलाश की जा रही है। वह नहीं मिल रहा है।
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