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चकमा देकर भागा बंदी गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो, मैनपुरी
Updated Thu, 02 Jun 2016 11:38 PM IST
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गिरफ्तार
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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जिला कारागार में विचाराधीन बंदी गुरुवार सुबह सैफई अस्पताल से बंदी रक्षकों को चकमा देकर फरार हो गया। जानकारी होते ही जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। सैफई और मैनपुरी पुलिस ने उसकी की तलाश शुरू कर दी। वहीं घटना के बाद जेल अधीक्षक ने दोनों बंदीरक्षकों को निलंबित कर दिया। साथ ही सैफई थाना में मुकदमा दर्ज कराया। वहीं देर शाम पुलिस ने भागे बंदी को गिरफ्तार कर लिया।
थाना बेवर क्षेत्र के गांव गढ़िया छिनकौरा निवासी यादवेंद्र (55) को पुलिस ने 14 अप्रैल को क्षेत्र में हुई लूट के एक मामले में गिरफ्तार किया था। पुलिस ने उसे 15 अप्रैल को जेल भेज दिया। बताया जाता है कि गिरफ्तारी के दौरान यादवेंद्र के हाथ में फ्रैक्चर हो गया था। उसका इलाज चल रहा है। कुछ दिन पहले चिकित्सकों ने सर्जरी के लिए उसे सैफई ले जाने की बात कही थी। इसके चलते बुधवार शाम जिला कारागार से बंदी रक्षक प्रेमचंद्र निगम और पंकज गौतम उसे सैफई ले गए। गुरुवार सुबह यादवेंद्र सैफई अस्पताल से बंदी रक्षकों को चकमा देकर फरार हो गया। इसकी जानकारी होते ही बंदीरक्षकों के होश उड़ गए। काफी देर तलाश के बाद भी जब बंदी का कोई पता नहीं लग सका। तो उन्होंने इसकी जानकारी जेल अधीक्षक को दी। सूचना पर सैफई पुलिस ने तलाश के काफी प्रयास किए, लेकिन कोई सफलता नहीं लग सकी। जेल अधीक्षक ने लापरवाही के आरोप में दोनों बंदीरक्षकों को निलंबित कर दिया।
एसपी हिमांशु कुमार ने बताया कि एसओजी टीम ने यादवेंद्र को शहर स्थित उसके एक रिश्तेदार के यहां से शाम सात बजे के लगभग गिरफ्तार कर लिया है। रिश्तेदार से इस संबंध में पूछताछ की जा रही है।
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यादवेंद्र पर दर्ज हैं पांच आपराधिक मामले
मैनपुरी/बेवर। थाना क्षेत्र निवासी यादवेंद्र को 14 अप्रैल को ग्राम मानपुर विकू जुड़ेला निवासी कौशलेंद्र और मां सत्यवती को तमंचा की बट मारकर लूट का प्रयास किया था। इसके बाद ग्रामीणों ने पकड़ने के बाद उसे पुलिस को सौंप दिया था। नौ अप्रैल को बेवर इटावा मार्ग पर ग्राम नगला केहरी पर एक दंपति से लूट की थी। 12 मार्च को ग्राम लालापुर मार्ग पर मंदिर के निकट एक लूट की घटना की अंजाम दिया। थाना दन्नाहर में भी एक लूट की थी। इसमें यादवेंद्र से लूट का माल भी बरामद हुआ था। इसके साथ ही आर्म्स एक्ट का एक मुकदमा बेवर थाना में दर्ज है।
यादवेंद्र के फरार होने के मामले में प्रथम दृष्टयता बंदी रक्षकों की लापरवाही सामने आई है। दोनों को निलंबित कर दिया गया है।
बीके सिंह, जेल अधीक्षक
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थाना बेवर क्षेत्र के गांव गढ़िया छिनकौरा निवासी यादवेंद्र (55) को पुलिस ने 14 अप्रैल को क्षेत्र में हुई लूट के एक मामले में गिरफ्तार किया था। पुलिस ने उसे 15 अप्रैल को जेल भेज दिया। बताया जाता है कि गिरफ्तारी के दौरान यादवेंद्र के हाथ में फ्रैक्चर हो गया था। उसका इलाज चल रहा है। कुछ दिन पहले चिकित्सकों ने सर्जरी के लिए उसे सैफई ले जाने की बात कही थी। इसके चलते बुधवार शाम जिला कारागार से बंदी रक्षक प्रेमचंद्र निगम और पंकज गौतम उसे सैफई ले गए। गुरुवार सुबह यादवेंद्र सैफई अस्पताल से बंदी रक्षकों को चकमा देकर फरार हो गया। इसकी जानकारी होते ही बंदीरक्षकों के होश उड़ गए। काफी देर तलाश के बाद भी जब बंदी का कोई पता नहीं लग सका। तो उन्होंने इसकी जानकारी जेल अधीक्षक को दी। सूचना पर सैफई पुलिस ने तलाश के काफी प्रयास किए, लेकिन कोई सफलता नहीं लग सकी। जेल अधीक्षक ने लापरवाही के आरोप में दोनों बंदीरक्षकों को निलंबित कर दिया।
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एसपी हिमांशु कुमार ने बताया कि एसओजी टीम ने यादवेंद्र को शहर स्थित उसके एक रिश्तेदार के यहां से शाम सात बजे के लगभग गिरफ्तार कर लिया है। रिश्तेदार से इस संबंध में पूछताछ की जा रही है।
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यादवेंद्र पर दर्ज हैं पांच आपराधिक मामले
मैनपुरी/बेवर। थाना क्षेत्र निवासी यादवेंद्र को 14 अप्रैल को ग्राम मानपुर विकू जुड़ेला निवासी कौशलेंद्र और मां सत्यवती को तमंचा की बट मारकर लूट का प्रयास किया था। इसके बाद ग्रामीणों ने पकड़ने के बाद उसे पुलिस को सौंप दिया था। नौ अप्रैल को बेवर इटावा मार्ग पर ग्राम नगला केहरी पर एक दंपति से लूट की थी। 12 मार्च को ग्राम लालापुर मार्ग पर मंदिर के निकट एक लूट की घटना की अंजाम दिया। थाना दन्नाहर में भी एक लूट की थी। इसमें यादवेंद्र से लूट का माल भी बरामद हुआ था। इसके साथ ही आर्म्स एक्ट का एक मुकदमा बेवर थाना में दर्ज है।
यादवेंद्र के फरार होने के मामले में प्रथम दृष्टयता बंदी रक्षकों की लापरवाही सामने आई है। दोनों को निलंबित कर दिया गया है।
बीके सिंह, जेल अधीक्षक