{"_id":"57b5bb894f1c1bce246eadfa","slug":"ambulances-were-not-on-the-road-the-delivery","type":"story","status":"publish","title_hn":"नहीं पहुंची एंबुलेंस, सड़क पर हुआ प्रसव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नहीं पहुंची एंबुलेंस, सड़क पर हुआ प्रसव
अमर उजाला ब्यूरो, मैनपुरी
Updated Thu, 18 Aug 2016 10:38 PM IST
विज्ञापन
प्रसव
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एक घंटे तक प्रसूता सड़क पर तड़फती रही लेकिन एंबुलेंस 102 नहीं पहुंची। आखिरकार सड़क पर ही महिला ने एक बच्चे को जन्म दिया। बाद में जच्चा-बच्चा को परिवारीजन और मौके पर मौजूद लोग एक निजी नर्सिंग होम में ले गए। घटना से एंबुलेंस सेवा और स्वास्थ्य विभाग के सुरक्षित प्रसव के दावों पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
नगर के मोहल्ला ककरैया का रहने वाला रिंकू बाल्मीक नगर पालिका में ठेका कर्मचारी है। गुरुवार को उसकी पत्नी बेबी के प्रसव पीड़ा हुई तो वो उसे बाइक पर लेकर जिला अस्पताल के लिए चल दिया। उसके साथ मोहल्ले की ही एक दाई भी थी। ये कचहरी रोड पर पहुंचे ही थे कि बेबी की प्रसव पीड़ा बढ़ गई। रिंकू ने बाइक को धीमा कर दिया, बांस वाली गली में पहुंचने के बाद बाइक रोक दी। दर्द से तड़फती महिला ने सड़क पर ही बच्चे को जन्म दे दिया। साथ में मौजूद दाई ने तुरंत बच्चे को संभाला। सड़क पर बच्चे का जन्म होता देख लोगों ने तुरंत ही आसपास की महिलाओं को बुला लिया। रिंकू ने 102 नंबर पर फोन कर एंबुलेंस को सूचना दी। काफी देर तक जब एंबुलेंस नहीं पहुंची तो वहां मौजूद एक सभासद ने कई बार 102 नंबर पर काल किया, इसके बाद दूसरे लोग भी लगातार काल करते रहे, लेकिन एंबुलेंस नहीं पहुंची। इसके बाद लोगों ने एक प्राइवेट वाहन का इंतजाम कर महिला को अस्पताल भेजा। स्वास्थ्य सेवाओं का हाल देख परिवारीजन उसे जिला महिला चिकित्सालय ले जाने की बजाय एक निजी अस्पताल ले गए। रिंकू का आरोप है कि घर से चलने से पहले भी उसने एंबुलेंस को फोन किया था।
विज्ञापन
नगर के मोहल्ला ककरैया का रहने वाला रिंकू बाल्मीक नगर पालिका में ठेका कर्मचारी है। गुरुवार को उसकी पत्नी बेबी के प्रसव पीड़ा हुई तो वो उसे बाइक पर लेकर जिला अस्पताल के लिए चल दिया। उसके साथ मोहल्ले की ही एक दाई भी थी। ये कचहरी रोड पर पहुंचे ही थे कि बेबी की प्रसव पीड़ा बढ़ गई। रिंकू ने बाइक को धीमा कर दिया, बांस वाली गली में पहुंचने के बाद बाइक रोक दी। दर्द से तड़फती महिला ने सड़क पर ही बच्चे को जन्म दे दिया। साथ में मौजूद दाई ने तुरंत बच्चे को संभाला। सड़क पर बच्चे का जन्म होता देख लोगों ने तुरंत ही आसपास की महिलाओं को बुला लिया। रिंकू ने 102 नंबर पर फोन कर एंबुलेंस को सूचना दी। काफी देर तक जब एंबुलेंस नहीं पहुंची तो वहां मौजूद एक सभासद ने कई बार 102 नंबर पर काल किया, इसके बाद दूसरे लोग भी लगातार काल करते रहे, लेकिन एंबुलेंस नहीं पहुंची। इसके बाद लोगों ने एक प्राइवेट वाहन का इंतजाम कर महिला को अस्पताल भेजा। स्वास्थ्य सेवाओं का हाल देख परिवारीजन उसे जिला महिला चिकित्सालय ले जाने की बजाय एक निजी अस्पताल ले गए। रिंकू का आरोप है कि घर से चलने से पहले भी उसने एंबुलेंस को फोन किया था।
विज्ञापन