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शांतिधारा के बाद निकाली गई पालकी
अमर उजाला ब्यूरो मैनपुरी
Updated Tue, 15 Nov 2016 11:11 PM IST
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शांतिधारा के बाद निकाली गई पालकी
- फोटो : अमर उजाला
सिद्धचक्र महामंडल विधान और विश्वशांति महायज्ञ के अंतिम दिन करहल रोड स्थित पार्श्वनाथ उपवन मंदिर में अभिषेक, पूजन के बाद शांतिधारा हुई। प्रतिष्ठाचार्य सनत कुमार और विनोद कुमार की देखरेख में इंद्र और इंद्राणियों ने भगवान पार्श्वनाथ और सिद्धमंत्र का पूजन किया। शांतिधारा के बाद नगर में पालकी यात्रा निकाली गई। पालकी में समाज के लोगों ने बढ़ चढ़कर भाग लिया।
मंगलवार को उपवन मंदिर में भगवान पार्श्वनाथ का अभिषेक करने का सौभाग्य दिनेशचंद्र जैन, संजय जैन, सिद्धयंत्र की शांतिधारा का सौभाग्य नीरज जैन को मिला। डाक्टर सुशील जैन ने प्रतिष्ठाचार्य, विधानाचार्य कमल कुमार जैन, सौधर्म इंद्र, कुबेर इंद्र, यज्ञ नायक का सम्मान किया। शिखा जैन तथा जान्हवी जैन ने भजन प्रस्तुत किए। पांच कुंडीय महायज्ञ में सौधर्म इंद्र, कुबेर इंद्र, यज्ञनायक, ईशान इंद्र, महेंद्र इंद्र, ब्रहमा इंद्र, सुशील जैन, कमल कुमार जैन ने आहुतियां दीं। यज्ञ के बाद भगवान पार्श्वनाथ को रजत पालकी में बैठाकर उपवन मंदिर से लोहाई मंदिर में लाया गया। सभी इंद्रों ने भगवान को पालकी में विराजित कराया।
लोहाई मंदिर में भगवान पार्श्वनार्थ का पूजन कर जिनबिंब का अभिषेक किया गया। सायंकालीन आरती का सौभाग्य वर्षा जैन को मिला। सांस्कृतिक कार्यक्रम निशंका जैन की देखरेख में गुरु परिवार पाठशाला के बच्चों ने प्रस्तुत किए। विजयी तीन बच्चों को आदेश कुमार जैन ने प्रतिष्ठाचार्य को पुरस्कृत किया।
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मंगलवार को उपवन मंदिर में भगवान पार्श्वनाथ का अभिषेक करने का सौभाग्य दिनेशचंद्र जैन, संजय जैन, सिद्धयंत्र की शांतिधारा का सौभाग्य नीरज जैन को मिला। डाक्टर सुशील जैन ने प्रतिष्ठाचार्य, विधानाचार्य कमल कुमार जैन, सौधर्म इंद्र, कुबेर इंद्र, यज्ञ नायक का सम्मान किया। शिखा जैन तथा जान्हवी जैन ने भजन प्रस्तुत किए। पांच कुंडीय महायज्ञ में सौधर्म इंद्र, कुबेर इंद्र, यज्ञनायक, ईशान इंद्र, महेंद्र इंद्र, ब्रहमा इंद्र, सुशील जैन, कमल कुमार जैन ने आहुतियां दीं। यज्ञ के बाद भगवान पार्श्वनाथ को रजत पालकी में बैठाकर उपवन मंदिर से लोहाई मंदिर में लाया गया। सभी इंद्रों ने भगवान को पालकी में विराजित कराया।
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लोहाई मंदिर में भगवान पार्श्वनार्थ का पूजन कर जिनबिंब का अभिषेक किया गया। सायंकालीन आरती का सौभाग्य वर्षा जैन को मिला। सांस्कृतिक कार्यक्रम निशंका जैन की देखरेख में गुरु परिवार पाठशाला के बच्चों ने प्रस्तुत किए। विजयी तीन बच्चों को आदेश कुमार जैन ने प्रतिष्ठाचार्य को पुरस्कृत किया।
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