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आग लगी तो कैसे निपटेगा दमकल विभाग

Sun, 19 Mar 2017 11:21 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो मैनपुरी
अमर उजाला ब्यूरो मैनपुरी Updated Sun, 19 Mar 2017 11:21 PM IST
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aag lagee to kaise nipatega damakal vibhaag
अधूरा पड़ा भवन - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
जिले का अग्निशमन विभाग मात्र पांच दमकल के सहारे है। विभाग के पास पर्याप्त संसाधन न होने से अग्निकांड की घटनाओं से होने वाली क्षति को रोकने के माकूल इंतजाम नहीं हैं। वहीं विभाग लंबे समय से कर्मचारियों की कमी से भी जूझ रहा है। किशनी क्षेत्र में बना फायर स्टेशन 10 वर्ष से अधूरा पड़ा है।
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वर्ष 2015 में अग्निकांड की 337 घटनाओं में 15 करोड़ से अधिक की संपत्ति जलकर राख हुई है। वर्ष 2016 में करीब 300 घटनाओं में भी करोड़ों की क्षति हुई है। वर्ष 2017 की शुरुआत में करीब 13 घटनाएं हो चुकी हैं जिसमें लाखों की क्षति का अनुमान है। दूसरी ओर संसाधन और उपकरणों के अभाव से जूझ रहे दमकल विभाग के पास न तो पर्याप्त दमकल कर्मी हैं। न ही पर्याप्त दमकल वाहन हैं। जनपद में कुल पांच दमकल वाहन हैं। इनमें महज दो वाहन 4500 लीटर क्षमता के हैं। जो की मैनपुरी स्टेशन पर रहते हैं।
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इसके अलावा करहल, बेवर और किशनी पर 2500 लीटर क्षमता के वाहन उपलब्ध हैं। जनपद के मुख्य स्टेशन के अलावा अन्य कस्बों में फायर स्टेशन भी खुद के भवन में नहीं बने हैं। किशनी का फायर स्टेशन करीब 10 वर्ष से अधूरा पड़ा हुआ है। इसका कार्य पूरा कराए जाने को लेकर भी कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा जिसके चलते अराजक तत्वों ने अपना स्थाई ठिकाना बना लिया है। वहीं करीब 50 कर्मचारी ही विभाग में हैं। जबकि जरूरत दोगुने से अधिक कर्मचारियों की है। कहीं बड़ा हादसा होने की स्थिति में दमकल के पांच वाहन नाकाफी साबित होंगे।
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सीएफओ मनु शर्मा का कहना है कि वाहन व स्टाफ के संबंध में उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है। सीमित संसाधन के बीच ही कर्मी पूरी लगन से किसी भी स्थिति से निपटने का प्रयास करते हैं।

संकरी गलियों में पहुंचना होगा मुश्किल
मैनपुरी (ब्यूरो)। शहर के मुख्य बाजार व कई मोहल्ले की संकरी गलियों में दमकल के बड़े वाहनों का पहुंचना बेहद मुश्किल है। ऐसे में अगर कोई बड़ा हादसा होता है। तो इसके लिए भी इंतजाम की कमी है। वहीं कर्मियों की कम संख्या और जमींदोज हो चुके वाटर हाईडेंट पाइंट भी बड़ी समस्या है।


देहात क्षेत्रों में लगेगा काफी समय
मैनपुरी (ब्यूरो)। शहर के अलावा देहात क्षेत्र में कई ऐसे स्थान हैं। जहां बडे़ वाहन या छोटे वाहन पहुंचने में आधा से एक घंटा का समय लग सकता है। करहल, कुर्रा, बरनाहल, घिरोर, एलाऊ आदि थाना क्षेत्र में कई पगडंडियां और कच्चे रास्ते हैं। जिन पर चलकर होकर गुजरने में काफी वक्त लगता है। ऐसे में ऐसे स्थलों तक पहुंच कर प्रभावी कार्रवाई करना भी दमकल विभाग के लिए चुनौती से कम नहीं है।
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