फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mainpuri News ›   बाल मजदूर दिवस पर विशेषः जिले में नहीं खुले बाल श्रमिक विद्यालय

बाल मजदूर दिवस पर विशेषः जिले में नहीं खुले बाल श्रमिक विद्यालय

Thu, 12 Jun 2014 05:30 AM IST
Mainpuri
Mainpuri Updated Thu, 12 Jun 2014 05:30 AM IST
विज्ञापन
मैनपुरी। बाल श्रमिकों के उन्मूलन के लिए शुरू की गई राष्ट्रीय बाल श्रम परियोजना जनपद में शुरू ही नहीं हो सकी है। जिले में बाल मजदूरों को शिक्षित करने के लिए अब तक कोई स्कूल नहीं खोला गया है। इसका कारण श्रम प्रवर्तन विभाग द्वारा जिले में कोई बाल श्रमिक न होने की सूचना शासन को भेजना माना जा रहा है। हकीकत यह है कि अधिकांश ढाबों, दुकानों आदि पर बाल मजदूर दिखते हैं।
विज्ञापन

शासन ने वर्ष 2006 में राष्ट्रीय बाल श्रम परियोजना शुरू की थी। इसके तहत बाल श्रमिक विद्यालयों में तीन साल का पाठ्यक्रम लागू किया गया। इस पाठ्यक्रम के तहत 11 से 14 वर्ष तक की आयु वर्ग के बाल श्रमिक बच्चों को शिक्षित करना था। श्रम विभाग को जिले में कहीं बाल मजदूर ही नहीं मिले। इसके चलते जिले में कोई बाल श्रमिक विद्यालय नहीं खोला गया।
विज्ञापन

श्रम प्रवर्तन विभाग की मानें तो जिले में बाल श्रमिक न होने के चलते अभियान नहीं चलाया जा रहा है। जबकि जिले में अधिकांश ढाबों, चाय की दुकानों, परचून की दुकानों पर बाल श्रमिक काम करते दिखते हैं। इस संबंध में श्रम प्रवर्तन अधिकारी विक्टर जॉन से जानकारी चाही तो उनका मोबाइल स्विच ऑफ था।
विज्ञापन
विज्ञापन


विभाग के पास नहीं हैं आंकड़े
जनपद में कितने बाल श्रमिक काम कर रहे हैं इस संबंध में विभाग के पास कोई रिकार्ड नहीं है। नियमानुसार 14 वर्ष तक की आयु के बच्चों से काम कराना अपराध है। बाल श्रमिकों से काम कराने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है। बच्चों को मुक्त कराकर संबंधित दुकानदार से 25 हजार रुपये जुर्माना वसूलकर बच्चे का पालन पोषण कराया जाता है। लेकिन विभाग ने अब तक ऐसी कोई कार्रवाई नहीं की।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed