{"_id":"1-77512","slug":"Mainpuri-77512-1","type":"story","status":"publish","title_hn":"5.20 करोड़ मिले, फिर भी विकास कार्य अधूरे पड़े ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
5.20 करोड़ मिले, फिर भी विकास कार्य अधूरे पड़े
Mainpuri
Updated Thu, 03 Apr 2014 05:30 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मैनपुरी। जिले में वित्तीय वर्ष के तहत विकास योजनाओं की स्थिति अच्छी नहीं रही। 18 लोहिया गांवों में से 10 में सीसी रोड और नाली का निर्माण ही पूरा नहीं हो सका। राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल मिशन योजना में 13 में से आठ गांव के लोगों को पानी नहीं मिल सका।
वित्तीय वर्ष 2013-14 में कुछ विभागों ने विकास की योजनाओं को गंभीरता से नहीं लिया। जिले के चयनित 18 लोहिया गांवों में सीसी रोड और नाली निर्माण के कार्य क ी जिम्मेदारी आरईएस विभाग की थी। इसके लिए विभाग को पूरी धनराशि 5.20 करोड़ रुपये अवमुक्त कर दी गई। विभाग ने 18 में से आठ गांव ही संतृप्त किए। वहीं, धनराशि में से 1.68 करोड़ रुपये खर्च कर प्रगति 32 प्रतिशत ही रही।
राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल योजना की बात करें तो कार्यदायी संस्था जल निगम ने बरनाहल और अकबरपुर में पेयजल योजना शुरू की। जबकि नौनेर में पाइप लाइन क्षतिग्रस्त होने से वहां लोगों को पानी मुहैया नहीं कराया जा सका। ग्राम्य विकास विभाग को नौ गांवों में योजना के तहत पानी उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई। इसमें सलूकनगर, परौंख और कांकन में आंशिक रूप से जलापूर्ति की व्यवस्था हुई। जबकि चीतई नगला हार, मधन, पड़रिया में पाइप लाइन क्षतिग्रस्त होने से लोगों को पानी ही उपलब्ध नहीं कराया जा सका।
विज्ञापन
-------
दोनों ही विभागोें के अधिकारियों को पूर्व में भी कई बार कड़े निर्देश दिए गए। मामले की जांच कराई जाएगी कि आखिर लापरवाही किस स्तर पर हुई। शीघ्र ही दोनों योजनाओं का लाभ ग्रामीणों को दिलाया जाएगा। लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी
- अरुण कुमार शर्मा, मुख्य विकास अधिकारी, मैनपुरी
विज्ञापन
वित्तीय वर्ष 2013-14 में कुछ विभागों ने विकास की योजनाओं को गंभीरता से नहीं लिया। जिले के चयनित 18 लोहिया गांवों में सीसी रोड और नाली निर्माण के कार्य क ी जिम्मेदारी आरईएस विभाग की थी। इसके लिए विभाग को पूरी धनराशि 5.20 करोड़ रुपये अवमुक्त कर दी गई। विभाग ने 18 में से आठ गांव ही संतृप्त किए। वहीं, धनराशि में से 1.68 करोड़ रुपये खर्च कर प्रगति 32 प्रतिशत ही रही।
विज्ञापन
राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल योजना की बात करें तो कार्यदायी संस्था जल निगम ने बरनाहल और अकबरपुर में पेयजल योजना शुरू की। जबकि नौनेर में पाइप लाइन क्षतिग्रस्त होने से वहां लोगों को पानी मुहैया नहीं कराया जा सका। ग्राम्य विकास विभाग को नौ गांवों में योजना के तहत पानी उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई। इसमें सलूकनगर, परौंख और कांकन में आंशिक रूप से जलापूर्ति की व्यवस्था हुई। जबकि चीतई नगला हार, मधन, पड़रिया में पाइप लाइन क्षतिग्रस्त होने से लोगों को पानी ही उपलब्ध नहीं कराया जा सका।
विज्ञापन
-------
दोनों ही विभागोें के अधिकारियों को पूर्व में भी कई बार कड़े निर्देश दिए गए। मामले की जांच कराई जाएगी कि आखिर लापरवाही किस स्तर पर हुई। शीघ्र ही दोनों योजनाओं का लाभ ग्रामीणों को दिलाया जाएगा। लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी
- अरुण कुमार शर्मा, मुख्य विकास अधिकारी, मैनपुरी