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जहरखुरानों के शिकार युवक की मौत
Mainpuri
Updated Fri, 07 Feb 2014 05:43 AM IST
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मैनपुरी। दो दिन पहले जहरखुरानों का शिकार हुए युवक की बुधवार रात जिला अस्पताल में मौत हो गई। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराने के बाद परिवारीजनों को सौंप दिया है।
थाना बिछवां के किन्हावर निवासी उमेश कुमार दिवाकर (20) दिल्ली में प्राइवेट कंपनी में नौकरी करता था। उसकी 20 फरवरी को बारात जानी थी। 16 फरवरी को लगुन का कार्यक्रम था। इसी के चलते वह छुट्टी लेकर चार फरवरी को दिल्ली से गांव आया था। पांच फरवरी की सुबह वह अचेत हालत में राजकीय इंटर कालेज के पास पड़ा मिला था। पुलिस ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। उसकी जेब में 1550 रुपये और कागज मिले थे। इसके बाद बुधवार रात उसकी जिला अस्पताल में मौत हो गई। सूचना मिलने पर अस्पताल पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया। अंतिम संस्कार के लिए शव परिवारीजनों को सौंप दिया।
रोडवेज कर्मी हुए संवेदनहीन
रोडवेज बसों के चालक संवेदनहीन हो चुके हैं। जहरखुरानों का शिकार होने के बाद अचेत यात्री को चालक और परिचालक अस्पताल में भर्ती कराने की बजाय रास्ते में उतारकर चले जाते हैं। इसी के चलते मामले आए दिन सामने आते हैं। अचेत यात्री के पास पहचान का कोई निशान न होने के कारण वह 24 से 48 घंटे तक लावारिस की हालत में ही रहता है।
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आईजी के निर्देश भी बेअसर
जिले में वर्ष 2013 में निरीक्षण करने आए आईजी आशुतोष पांडेय ने जहर खुरानी पर गंभीर रुख अपनाया था। उन्होंने पुलिस को ऐसी घटनाओं पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई के निर्देश दिए थे। आईजी के निर्देश भी जिले में बेअसर साबित हुए हैं। जहर खुरानी के मामले होने के बाद भी पुलिस ने अभी तक किसी भी मामले में रिपोर्ट दर्ज नहीं की है।
जहरखुरानी की अधिकांश घटनाएं दूसरे जिलों में होती हैं। यात्रियों के अचेत होने पर रोडवेज के चालक उनको रास्ते में छोड़कर चले जाते हैं। ऐसे मामलों में पुलिस को अपराध संख्या निल पर रिपोर्ट दर्ज कर संबंधित जिले में जांच के लिए भेजे जाने के निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्ट दर्ज न करने वाले थानाध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- श्रीकांत सिंह, एसपी
रोडवेज चालकों को निर्धारित स्थानों पर ही बस रोकने के निर्देश हैं। निर्धारित स्थान पर बस न रोककर अनाधिकृत ढाबों और दुकानों पर बस रोकने वाले चालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है। अगर ऐसी कोई शिकायत मिलती है तो संबंधित चालक के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाती है।
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थाना बिछवां के किन्हावर निवासी उमेश कुमार दिवाकर (20) दिल्ली में प्राइवेट कंपनी में नौकरी करता था। उसकी 20 फरवरी को बारात जानी थी। 16 फरवरी को लगुन का कार्यक्रम था। इसी के चलते वह छुट्टी लेकर चार फरवरी को दिल्ली से गांव आया था। पांच फरवरी की सुबह वह अचेत हालत में राजकीय इंटर कालेज के पास पड़ा मिला था। पुलिस ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। उसकी जेब में 1550 रुपये और कागज मिले थे। इसके बाद बुधवार रात उसकी जिला अस्पताल में मौत हो गई। सूचना मिलने पर अस्पताल पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया। अंतिम संस्कार के लिए शव परिवारीजनों को सौंप दिया।
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रोडवेज कर्मी हुए संवेदनहीन
रोडवेज बसों के चालक संवेदनहीन हो चुके हैं। जहरखुरानों का शिकार होने के बाद अचेत यात्री को चालक और परिचालक अस्पताल में भर्ती कराने की बजाय रास्ते में उतारकर चले जाते हैं। इसी के चलते मामले आए दिन सामने आते हैं। अचेत यात्री के पास पहचान का कोई निशान न होने के कारण वह 24 से 48 घंटे तक लावारिस की हालत में ही रहता है।
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आईजी के निर्देश भी बेअसर
जिले में वर्ष 2013 में निरीक्षण करने आए आईजी आशुतोष पांडेय ने जहर खुरानी पर गंभीर रुख अपनाया था। उन्होंने पुलिस को ऐसी घटनाओं पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई के निर्देश दिए थे। आईजी के निर्देश भी जिले में बेअसर साबित हुए हैं। जहर खुरानी के मामले होने के बाद भी पुलिस ने अभी तक किसी भी मामले में रिपोर्ट दर्ज नहीं की है।
जहरखुरानी की अधिकांश घटनाएं दूसरे जिलों में होती हैं। यात्रियों के अचेत होने पर रोडवेज के चालक उनको रास्ते में छोड़कर चले जाते हैं। ऐसे मामलों में पुलिस को अपराध संख्या निल पर रिपोर्ट दर्ज कर संबंधित जिले में जांच के लिए भेजे जाने के निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्ट दर्ज न करने वाले थानाध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- श्रीकांत सिंह, एसपी
रोडवेज चालकों को निर्धारित स्थानों पर ही बस रोकने के निर्देश हैं। निर्धारित स्थान पर बस न रोककर अनाधिकृत ढाबों और दुकानों पर बस रोकने वाले चालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है। अगर ऐसी कोई शिकायत मिलती है तो संबंधित चालक के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाती है।