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4938 बच्चे निकले अतिकुपोषित
ब्यूरो, अमर उजाला मैनपुरी
Updated Thu, 10 Sep 2015 11:22 PM IST
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मैनपुरी। राज्य पोषण मिशन के तहत गुरुवार को आंगनबाड़ी केंद्रों पर दूसरे चरण का वजन दिवस मनाया गया। इस दौरान आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने अपने केंद्रों पर पंजीकृत बच्चों का वजन किया। पहले चरण में 914 केंद्रों पर 0-5 वर्ष के बच्चों का वजन हुआ था। इसमें 4938 बच्चे अतिकुपोषित निकले हैं।
जिले में कुपोषित और अतिकुपोषित बच्चों की संख्या अधिक होने से शासन चिंतित है। इसके चलते जिले में सात और 10 सितंबर को वजन दिवस मनाने के निर्देश थे। निर्देशों के तहत पहले चरण में ब्लाक कुरावली, घिरोर, बरनाहल, करहल और मैनपुरी देहात में 914 आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों का वजन किया गया था। इस दौरान 87932 बच्चों का वजन हुआ था। इसमें 70390 सामान्य श्रेणी के निकले थे। वहीं 12634 कुपोषित और 4938 बच्चे अतिकुपोषित निकले थे।
वहीं गुरुवार को दूसरे चरण में 913 आंगनबाड़ी केंद्रो पर 0-5 वर्ष के बच्चों का वजन किया गया। जिसमें आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने बच्चों का वजन कर पूरा विवरण डाटाशीट में भरकर उच्चाधिकारियों को सौंप दिया। जिला कार्यक्रम अधिकारी साहब सिंह ने बाया कि दूसरे चरण में सुल्तानगंज में 198, बेवर में 242, किशनी में 221, जागीर में 160, मैनपुरी शहर में 92 आंगनबाड़ी केंद्रों पर जीरो से पांच वर्ष तक के बच्चों का वजन किया गया। उन्होंने बताया कि 37 सेक्टर प्रभारी और 269 पर्यवेक्षकों की ड्यूटी लगाई गई थी। सभी सेक्टर प्रभारी और पर्यवेक्षक आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण करते रहे। आंगनबाड़ी कायकत्रियों ने अपने-अपने केंद्रों में पंजीकृत बच्चों का वजन कर उनकी आयु और कितना वजन है जानकारी डाटाशीट पर भर कर सेक्टर प्रभारियों को सौंप दी है। अभी तक सभी सेक्टर प्रभारियों और पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट नहीं मिली है। इसके चलते दूसरे चरण के बच्चों की संख्या का पता नहीं लग पाया है।
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कार्यकत्री को किया निलंबित
सीडीओ अनुराग पटेल ने कई आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान सुल्तानगंज में कार्यकत्री मुन्नीदेवी एवं सहायिका रामप्यारी, आशा मंजू चौहान की उपस्थिति में बच्चों का वजन लिया जा रहा था। आंगनबाड़ी कार्यकत्री बिना यूनीफार्म के उपस्थित थीं। साथ ही उनके पास ग्रोथचार्ट भी उपलब्ध नहीं था। मुन्नीदेवी को अतिकुपोषित, कुपोषित और सामान्य वजन के मानक भी मालूम नहीं थे। इसके चलते मुन्नीदेवी के निलंबन करने के कार्यक्रम अधिकारी को निर्देश दिए।
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जिले में कुपोषित और अतिकुपोषित बच्चों की संख्या अधिक होने से शासन चिंतित है। इसके चलते जिले में सात और 10 सितंबर को वजन दिवस मनाने के निर्देश थे। निर्देशों के तहत पहले चरण में ब्लाक कुरावली, घिरोर, बरनाहल, करहल और मैनपुरी देहात में 914 आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों का वजन किया गया था। इस दौरान 87932 बच्चों का वजन हुआ था। इसमें 70390 सामान्य श्रेणी के निकले थे। वहीं 12634 कुपोषित और 4938 बच्चे अतिकुपोषित निकले थे।
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वहीं गुरुवार को दूसरे चरण में 913 आंगनबाड़ी केंद्रो पर 0-5 वर्ष के बच्चों का वजन किया गया। जिसमें आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने बच्चों का वजन कर पूरा विवरण डाटाशीट में भरकर उच्चाधिकारियों को सौंप दिया। जिला कार्यक्रम अधिकारी साहब सिंह ने बाया कि दूसरे चरण में सुल्तानगंज में 198, बेवर में 242, किशनी में 221, जागीर में 160, मैनपुरी शहर में 92 आंगनबाड़ी केंद्रों पर जीरो से पांच वर्ष तक के बच्चों का वजन किया गया। उन्होंने बताया कि 37 सेक्टर प्रभारी और 269 पर्यवेक्षकों की ड्यूटी लगाई गई थी। सभी सेक्टर प्रभारी और पर्यवेक्षक आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण करते रहे। आंगनबाड़ी कायकत्रियों ने अपने-अपने केंद्रों में पंजीकृत बच्चों का वजन कर उनकी आयु और कितना वजन है जानकारी डाटाशीट पर भर कर सेक्टर प्रभारियों को सौंप दी है। अभी तक सभी सेक्टर प्रभारियों और पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट नहीं मिली है। इसके चलते दूसरे चरण के बच्चों की संख्या का पता नहीं लग पाया है।
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कार्यकत्री को किया निलंबित
सीडीओ अनुराग पटेल ने कई आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान सुल्तानगंज में कार्यकत्री मुन्नीदेवी एवं सहायिका रामप्यारी, आशा मंजू चौहान की उपस्थिति में बच्चों का वजन लिया जा रहा था। आंगनबाड़ी कार्यकत्री बिना यूनीफार्म के उपस्थित थीं। साथ ही उनके पास ग्रोथचार्ट भी उपलब्ध नहीं था। मुन्नीदेवी को अतिकुपोषित, कुपोषित और सामान्य वजन के मानक भी मालूम नहीं थे। इसके चलते मुन्नीदेवी के निलंबन करने के कार्यक्रम अधिकारी को निर्देश दिए।