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Mahoba News: पहली बार बाजार में आई हाईटेक नर्सरी में तैयार तरबूज की फसल

Sat, 28 Mar 2026 12:55 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा Updated Sat, 28 Mar 2026 12:55 AM IST
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Watermelon crop grown in hi-tech nursery came in the market for the first time.
फोटो 27 एमएएचपी 27 परिचय-लाड़पुर स्थित खेत में किसान रामसेवक के खेत में लगे तरबूज की फसल को देख - फोटो : 1
महोबा। कृषि विज्ञान केंद्र बेलाताल में स्थित हाईटेक नर्सरी में तैयार पौधों की फसल अब बाजार में आने लगी है। जनपदवासी पहली बार जिले में तैयार किए गए पौधों के तरबूज और खरबूज का आनंद ले रहे हैं। महोबा की हाईटेक नर्सरी से पौधे लेकर बुंदेलखंड के छह जनपदों में फसल लगाई गई है। फसल में पैदावार शुरू हो जाने से किसान भी प्रसन्न नजर आ रहे हैं। इससे उन्हें कम लागत में बेहतर मुनाफा मिल रहा है।
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उद्यान विभाग की ओर से बेलाताल स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में हाईटेक नर्सरी का संचालन इसी वित्तीय वर्ष में शुरू किया गया। नर्सरी में एक बार में डेढ़ लाख पौधे तैयार करने की क्षमता है। यहां हाईब्रिड तरीके से पौधों को तैयार किया जाता है। हाईटेक नर्सरी में पौधों की जरूरत के अनुसार तापमान रखा जाता है। ऐसे में यह पौधे किसी भी सीजन में तैयार किए जा सकते हैं। पहले जनपद के किसान अन्य जिलों से पौधे लाकर खेतों में लगाते थे। जिससे उन्हें यह कार्य महंगा पड़ता था लेकिन इस बार उन्हें डेढ़ से दो रुपये में जनपद में आसानी से पौधे मिल गए। हाईटेक नर्सरी से जनपद के 150 गांवों के करीब 250 किसानों ने तरबूज, खरबूज, खीरा, टमाटर, लौकी, कद्दू आदि के पौधे लेकर बागवानी शुरू की। इसके अलावा जनपद छतरपुर, झांसी, उरई, हमीरपुर, बांदा के किसान भी पौधे लेने के लिए बेलाताल की हाईटेक नर्सरी में आए। किसानों के खेतों में लगाए गए इन पौधों से अब पैदावार शुरू हो गई है।
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जनपद महोबा में इस वर्ष 25 हेक्टेयर में तरबूज, 40 हेक्टेयर में खरबूज, 15 हेक्टेयर में लौकी और 50 हेक्टेयर में खीरा की फसल लगाई गई। फसल की पैदावार अब बाजार में आने लगी है। जिसका फायदा किसानों को मिल रहा है। जनपदवासी पहली बार महोबा में ही तैयार पौधों के तरबूज व खरबूज का स्वाद ले रहे हैं। उधर, जिला उद्यान अधिकारी सुरेश कुमार का कहना है कि हाईटेक नर्सरी का संचालन शुरू होने से जनपद में बागवानी का दायरा बढ़ा है। किसानों ने भी रुचि दिखाई है। हाईटेक नर्सरी के पौधों की फसल में पैदावार शुरू हो गई है। किसानों को इसका फायदा मिल रहा है।
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बेहतर पैदावार होने से खिल उठा रामसेवक
महोबा। तहसील कुलपहाड़ के लाड़पुर गांव निवासी रामसेवक ने इस वर्ष बेलाताल स्थित हाईटेक नर्सरी से पौधे लिए। उन्होंने एक एकड़ में तरबूज, आधा एकड़ में खरबूज व आधा एकड़ में खीरा की फसल लगाई। इन पौधों में अब फसल की पैदावार शुरू हो गई। इससे रामसेवक का चेहरा खुशी से खिल उठा। उसका कहना है कि जनपद महोबा में ही हाईटेक नर्सरी का संचालन शुरू होने से किसानों को इसका फायदा मिल रहा है। फसल अच्छी हो रही है। इससे बेहतर लाभ होगा। पहले की अपेक्षा हाईटेक नर्सरी के पौधोंं से डेढ़ गुना उत्पादन मिल रहा है।
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महोबा के तरबूज का स्वाद चखेंगे लोग
महोबा। थोक में यह तरबूज 30 रुपये प्रति किलो की दर से बेचा जा रहा है। वहीं ठेलों पर यही तरबूज 40 से 50 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है। महोबा के तरबूज का स्वाद ही अलग है। इस तरबूज का छिलका गहरा हरा और अंदर का गूदा लाल व मीठा होता है। इससे खाने में अधिक स्वादिष्ट लगता है। गर्मी बढ़ने के साथ ही इन अगेती तरबूजों की मांग भी तेजी से बढ़ रही है और लोग सड़क किनारे लग रही दुकानों से इनकी खरीदारी कर रहे हैं। तरबूजों की बहार नजर आने लगी है। अगेती तरबूज बाजार में पहुंच गए हैं, इससे लोगों को समय से पहले ही मीठे फल का स्वाद मिल रहा है।

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तरबूज खाने के फायदे
भरपूर हाइड्रेशन:
तरबूज में 92 फीसदी पानी होता है, जो गर्मियों में शरीर के तापमान को नियंत्रित करने और पानी की कमी को पूरा करने में मदद करता है।

हृदय स्वास्थ्य:
तरबूज में लाइकोपीन होता है, जो कोलेस्ट्रॉल कम कर हृदय संबंधी बीमारियों के जोखिम को कम करता है।

वजन नियंत्रण:
कम कैलोरी और पानी की अधिकता के कारण यह पेट को भरा हुआ महसूस कराता है, इससे भूख कम लगती है और वजन कम करने में मदद मिलती है।

पाचन में सुधार:
इसमें फाइबर और पानी होने के कारण यह कब्ज की समस्या को कम करता है और पाचन को दुरुस्त रखता है।


त्वचा और बालों के लिए:
विटामिन-ए और सी त्वचा को हाइड्रेटेड रखते हैं और बालों को मजबूत बनाने में मदद करते हैं।

मांसपेशियों का दर्द कम करना:
इसमें मौजूद अमीनो एसिड्स एक्सरसाइज के बाद होने वाले मांसपेशियों के दर्द को कम कर सकते हैं।

फोटो 27 एमएएचपी 27 परिचय-लाड़पुर स्थित खेत में किसान रामसेवक के खेत में लगे तरबूज की फसल को देख

फोटो 27 एमएएचपी 27 परिचय-लाड़पुर स्थित खेत में किसान रामसेवक के खेत में लगे तरबूज की फसल को देख- फोटो : 1

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