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Mahoba News: कबरई में जल संकट, बाल्टी भर पानी के लिए मारामारी

Tue, 06 Jun 2023 11:25 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 06 Jun 2023 11:25 PM IST
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Water crisis in Kabrai, fighting for a bucket of water
कबरई (महोबा)। पेयजल संकट कबरईवासियों की तकदीर बना गया है। पानी की एक-एक बूंद के लिए जद्दोजहद कर रहे लोग कभी अपनी किस्मत को कोसते हैं तो कभी सरकारी तंत्र पर सवालिया निशान लगा रहे हैं। पानी के इंतजार में बच्चों की पढ़ाई चौपट हो रही है। महिलाएं अपने मासूम बच्चों की परवरिश नहीं कर पा रही हैं। उन्हें सिर्फ इस बात की चिंता है कि टैंकर आते ही उन्हें पानी भरना है। नहीं तो तीन-चार दिन तक उन्हें फिर से टैंकर का इंतजार करना होगा। कबरई के गली-कूचों में घरों के बार रखे पानी के खाली डिब्बे पेयजल संकट की हकीकत बताते हैं। जल संस्थान ने पूरे नगर में 1,665 नल कनेक्शन दे रखे हैं। इन कनेक्शनों में कबरई बांध के समीप बनी पानी की टंकी व ट्यूबवेलों से पाइप लाइन के माध्यम से पानी की आपूर्ति किए जाने की व्यवस्था है। बावजूद इसके कई वर्षों से क्षतिग्रस्त पड़ी पाइपलाइन की जल संस्थान ने मरम्मत नहीं कराई। पाइपलाइन में कई जगह लीकेज व ब्लॉकेज होने के कारण कस्बे में सालों से पानी नहीं पहुंचा। समूचा कस्बा इस समय पेयजल संकट से जूझ रहा है। नगर पंचायत की ओर महज पांच टैंकरों के माध्यम से चालीस हजार की आबादी को पानी भिजवाया जा रहा है। ऐसे में लोगों के सिर्फ एक डिब्बा ही पानी मिल जाए तो बड़ी बात है। टैंकरों पानी भरना किसी जंग जीतने से कम नहीं है।
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कस्बे के इंद्रानगर मोहल्ले में पढ़ाई लिखाई छोड़कर बच्चे दिनभर पानी का इंतजार करते हैं। योगिता गुप्ता, बेबो सिंह, अनन्या गुप्ता, आरती, प्रत्यक्ष सिंह आदि बच्चों का कहना हैैैै कि तीन-चार दिन में एक बार पानी का टैंकर आता है। तब पानी भरने के लिए भारी भीड़ एकत्र हो जाती है। ऐसे में पढ़ाई-लिखाई छोड़कर जल्दी अपनी सटक डालने के लिए दिन भर टैंकर का इंतजार करना पड़ता है।
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इंदिरानगर निवासी गुड्डी का कहना है कि पाइपलाइन में कई साल से पानी नहीं आया। तीन-चार दिन के अंतराल में दिन में टैंकर आता है, तब एक-दो डिब्बे ही पानी मिल पाता है। मजबूरी में एक किलोमीटर दूर लगे हैंडपंप से वह और उनकी पुत्री मोनिका पीने के लिए पानी लाते हैं। मोहल्ले में आसपास कोई हैंडपंप भी नहीं है।
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आजाद नगर निवासी नफीसा का कहना है कि उसके छोटे-छोटे दो बच्चे हैं। दिनभर पानी के इंतजार में बच्चों की परवरिश भी नहीं कर पा रहे हैं। टैंकर आने पर भारी भीड़ उमड़ पड़ती है। जिससे पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता। पानी का संकट लंबे समय से चला आ रहा है। जिम्मेदार कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
महोबा। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार नगर की आबादी 28,585 है। 12 साल के अंतराल में नगर की आबादी लगभग चालीस हजार से अधिक पहुंच गई है। भारतीय मानक ब्यूरो के अनुसार रोजाना प्रति व्यक्ति को 135 लीटर पानी की आवश्यकता होती है। चालीस हजार की आबादी के सापेक्ष 54 लाख लीटर पानी की प्रतिदिन आपूर्ति की जानी चाहिए लेकिन कबरई में नगर पंचायत की ओर से केवल पांच टैंकरों के माध्यम से पानी की आपूर्ति की जा रही है।
कस्बावासियों ने सदर विधायक से पानी की टंकी बनवाने की मांग की थी। तीन वर्ष पूर्व सदर विधायक राकेश गोस्वामी ने 26 मई 2020 को तत्कालीन डीएम अवधेश तिवारी के साथ कस्बे के कलशाहा बाबा धाम में पानी की टंकी का शिलान्यास किया था। तीन वर्ष के अंतराल में केवल टंकी का निर्माण हुआ। अधिकारियों ने दिसंबर माह तक हर हाल में पेयजल सप्लाई की बात कही गई थी लेकिन सप्लाई नहीं हो सकी।

नगर पंचायत के ईओ वेद प्रकाश सिंह का कहना है कि कस्बे में पेयजल संकट को देखते हुए पांच टैंकरों के माध्यम से कस्बे के 15 वार्डों में पेयजल आपूर्ति की जा रही है। प्रतिदिन टैंकर भेजे जा रहे हैं।
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